अब सिलाई, कढ़ाई और बुनाई सिखाएगी मोदी सरकार : कपड़ा उद्योग में देगी 4 लाख रोजगार

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 16 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। नरेन्द्र मोदी सरकार कपड़ा उद्योग में रोजगार की अपार संभावनाएँ देख रही है। इसीलिये सरकार ने इस क्षेत्र में लोगों को सिलाई, कढ़ाई और बुनाई आदि की कला सिखाकर कुशल बनाने और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की ‘समर्थ’ योजना लागू की है। सरकार की इस ‘समर्थ’ योजना पर कपड़ा मंत्रालय गंभीरता से आगे बढ़ रहा है। मंत्रालय ने विविध राज्यों के साथ मिलकर एक वर्ष में 4 लाख लोगों को सिलाई, कढ़ाई और बुनाई आदि का प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिये समर्थ बनाने पर काम शुरू किया है।

18 राज्यों के 4 लाख लोगों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के अनुसार कपड़ा उद्योग में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए मोदी सरकार ने कपड़ा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कामकाजों का प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। ईरानी के अनुसार प्रशिक्षण देकर लोगों को पहले कुशल बनाया जाएगा। उन्हें तैयार परिधान (रेडीमेड गारमेंट), बुने हुए कपड़े, धातु की हस्तकला, हथकरघा, हस्तकला और कालीन आदि में निपुण बनाने के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा। एक वर्ष में देश के 18 राज्यों के 4 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ईरानी के अनुसार नये भारत में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आजीविका की इच्छा रखने वाला हर नागरिक कुशल और दक्ष हो। उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र में सिलाई, बुनाई, कढ़ाई आदि से जुड़े कामकाजों में 75 प्रतिशत महिलाएँ हैं। मुद्रा योजना में भी 70 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएँ ही हैं।

केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ किया करार

कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान देश के 18 राज्यों की सरकारों ने केन्द्र सरकार के साथ मेमोरेंडम ऑफ अण्डरटेकिंग (एमओयू-MoU) पर हस्ताक्षर किया है। इनमें जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, हरियाणा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। ईरानी ने कहा कि पहली बार केन्द्र सरकार समेत सभी 18 राज्यों ने एक छत के नीचे 4 लाख लोगों को कुशल बनाने का संकल्प लिया है। राज्यों ने उनकी (स्मृति ईरानी) की उपस्थिति में कपड़ा मंत्रालय के साथ इस काम में साझेदारी करने की सहमति दर्शाई है। इस कार्यक्रम राज्य सरकारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधियों को महिलाओं के लिये जिलावार सिलाई का अवसर दिये जाने पर गौर करने का सुझाव दिया गया है। कपड़ा सचिव रवि कपूर ने बताया कि तैयार कपड़ों की बात की जाए तो वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है। इसलिये कपड़ा क्षेत्र में रोजगार सृजन की काफी संभावनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि कपड़ा उद्योग में भारत में 16 लाख कुशल कारीगरों की कमी है। समर्थ योजना के तहत सरकार तीन साल में कम से कम 10 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

क्या है समर्थ योजना ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि नये भारत में हर वो नागरिक जो आजीविका कमाना चाहता है, वह अपने काम में कुशल और दक्ष हो। सरकार के इसी स्वप्न को साकार करने के लिये ‘समर्थ’ योजना लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य विविध क्षेत्रों में रुचि रखने वाले लोगों को उनके रुचिकर क्षेत्र में काम करने का प्रशिक्षण देकर कुशल बनाना है। इसके बाद कुशल कामगारों को उनके चहेते क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। अभी इस समर्थ योजना के तहत केन्द्र सरकार ने कपड़ा उद्योग में एक वर्ष में 4 लाख और अगले 3 वर्ष में 10 लाख लोगों को प्रशिक्षित करके कुशल बनाने और कपड़ा क्षेत्र में रोजगार दिलाकर समर्थ बनाने का लक्ष्य रखा है।

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