VIDEO : गांधीनगर में 31 साल से सज रहा दुर्गा पूजा का पंडाल

रिपोर्ट : तुहिना चौबे/विनीत दुबे

अहमदाबाद, 7 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। यूँ तो माँ जगदंबा की साधना-आराधना और व्रत-पूजा का पर्व नवरात्रि पूरे देश में अपार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, परंतु गुजरात और पश्चिम बंगाल में यह पर्व सविशेष ढंग से मनाया जाता है। गुजरात में लोग माता को रिझाने के लिये गरबा नृत्य करते हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में बड़े-बड़े पंडालों में मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना की जाती है। गुजरात में दोनों संस्कृतियों का संमिलन होता है, जब नवरात्रि के दौरान यहाँ बसे बंगाली समुदाय की ओर से दुर्गा पूजा के पंडाल सजाए जाते हैं। गुजरात में जगह-जगह बंगाली समुदाय के लोग बसे हुए हैं, जो नवरात्रि में दुर्गा पूजा के पंडाल सजा कर गुजरात में पश्चिम बंगाल जैसा वातावरण सृजित करते हैं। ऐसा ही एक दृश्य गांधीनगर में देखने को मिला, जहाँ बसे बंगाली समुदाय की ओर से पिछले 31 वर्षों से दुर्गा पूजा का पंडाल सजाया जाता है।

सेक्टर 22 में सजा दुर्गा पूजा का पंडाल

गांधीनगर में बसे बंगाली समुदाय के पुरबासा कल्चरल एसोसिएशन की ओर से 1988 से हर वर्ष नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा का पंडाल सजाया जाता है। इस बार भी यहाँ सेक्टर 22 में यह पंडाल सजाया गया, जिसमें मां दुर्गा की महिषासुर मर्दिनी वाली मुद्रा में प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें सिंह पर सवार मां दुर्गा हाथ में लिए त्रिशूल से महिषासुर का वध करते हुए दिखाई देती हैं। इसी के साथ उनके दोनों प्रिय पुत्र भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) और भगवान गणेश के अलावा माता लक्ष्मी और सरस्वती की मूर्तियाँ भी स्थापित की गई थी।

सांस्कृतिक प्रवृत्तियाँ भी करता है बंगाली समुदाय

यहाँ बसे बंगाली समुदाय की ओर से विवेकानंद की 150वीं जयंती के अवसर पर कुछ साल पहले एक विवेकानंद कल्चरल सेंटर भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाली और युवाओं को प्रोत्साहित करने वाली प्रवृत्तियों का आयोजन किया जाता है।

बंगाली गायिका पारुलता ने दी प्रस्तुति

दुर्गा पूजा के पंडाल में माता के दर्शन के लिये आने वाले दर्शनार्थियों के मनोरंजन के लिये सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है। बंगाली पार्श्वगायिका पारुलता ने बंगाली और हिंदी बॉलीवुड फिल्मी गानों की प्रस्तुति से श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। पारुलता ज़ी बांग्ला के रियल्टी शो सारेगामापा के माध्यम से पार्श्वगायिका बनी हैं।

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