भारत में ‘हिन्दू आतंकवाद’ पर घमासान के बीच इस इस्लामिक देश में बन रहा है पहला मंदिर : देखिए VIDEO

एक तरफ भारत में लोकसभा चुनाव 2019 के बीच भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्सामीदवार के रूप में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के चुनाव मैदान में आने के बाद हिन्दू आतंकवाद पर राजनीति और बहस छिड़ी हुई है, वहीं भारत से दूर एक इस्लामिक देश में हिन्दू धर्म के एक भव्य मंदिर की नींव रखी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व भर में भारत की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। पश्चिमी और यूरोपीय देशों के अलावा खाड़ी देशों में भी भारत के सांस्कृतिक रिश्ते मजबूत हो रहे हैं और इसी का साक्षी बनने जा रहा है संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में बनने वाला भव्य स्वामीनारायण मंदिर।

बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्थान (BAPS) के वर्तमान गुरु और अध्यक्ष महंत स्वामी महाराज ने हाल ही में अबु धाबी में भव्य मंदिर निर्माण के लिये शिलान्यास किया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सूरी के अलावा यूएई सरकार के कई शीर्ष मंत्री उपस्थित रहे। यूएई के विदेश और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मामलों के मंत्री शेख अब्दुल्लाह बिन जाएद अल नाहयान तथा सहिष्णुता मंत्री शेख नाहयान मुबारक अल नाहयान के साथ-साथ दुनिया भर के सामाजिक और आध्यात्मिक महानुभाव उपस्थित रहे। हिन्दू समुदाय के 2500 से अधिक लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

आपको बता दें कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में खाड़ी देशों का पहला विदेश दौरा किया था, उसी समय यूएई में बड़ी संख्या में रहने वाले हिन्दू समुदाय के लोगों के लिये अबु धाबी में भव्य मंदिर बनाने की योजना को मंजूरी दिलाई थी। यूएई के वली अहद यानी क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयन ने इस मंदिर के निर्माण के लिये 13.5 एकड़ भूमि भेंट की थी। इसके बाद इतनी ही जमीन मंदिर परिसर में पार्किंग की सुविधा के लिये भी आबंटित की। इसके बाद पिछले वर्ष फरवरी में दोबारा दौरे पर आये प्रधानमंत्री मोदी ने यहां वैदिक मंत्रोच्चार विधि से इस मंदिर की आधारशिला रखी थी।

इस मंदिर भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान अयप्पा की मूर्तियां प्रतिष्ठित की जाएंगी। इस मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में यह पत्थरों से बनने वाला पहला हिन्दू मंदिर होगा। इस मंदिर के निर्माण में उपयोग किये जाने वाले पत्थरों पर नक्काशी का काम भारत में ही किया जा रहा है और तैयार पत्थरों को यूएई भेजा जाएगा।

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