एक युगल ने किया सेना के लिये ऐसा काम, पीएम मोदी भी हो गये मिलने को आतुर

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 20 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। महाराष्ट्र के पुणे में रहने वाले एक युगल ने सियाचिन में 21,000 फीट की ऊँचाई पर खड़े रह कर अत्यंत दुर्गम परिस्थितियों में देश की सेवा करने वाले भारतीय सैनिकों के लिये एक ऐसा विशेष काम किया है, जिसके बारे में सुन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस युगल से मिलने के लिये आतुर हो गये। उन्होंने इस युगल को उनसे मिलने के लिये प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) बुलाया था, परंतु अपने बिज़ी शेड्युल के कारण वे युगल से मिल नहीं पाये थे। इसके बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार के लिये हाल ही में जब पीएम मोदी मुंबई पहुँचे तो उन्होंने यहाँ इस युगल को बुलाया और उससे मुलाकात की। पीएम मोदी ने दंपत्ति के काम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

उल्लेखनीय है कि सियाचिन उन चुनिंदा दुर्गम इलाकों में से एक है जहाँ रहना और नसों में ही खून को जमा देने वाले वहाँ के वातावरण में खुद को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती होती है। भारतीय सेना के जवान ऐसी कठोर परिस्थितियों को हर पल सामना करते हुए अपने देश की सीमाओं की निगहबानी करते हैं। दुनिया के सबसे ऊँचे लड़ाई के इस मैदान सियाचिन में 21,000 की ऊँचाई पर सैनिक अस्पताल को चिताड़े दंपत्ति के सहयोग से पहला ऑक्सीजन प्लांट मिल गया है। पुणे के रहने वाले चिताड़े दम्पत्ति ने जवानों के लिये सियाचिन हीलर अस्पताल को ऑक्सीजन प्लांट तैयार करके उपहार स्वरूप दान किया है। इतनी ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बार यहाँ नींद में ही जवानों की जान चली जाती है।

सियाचिन वह जगह है जहाँ गर्मी के मौसम में भी तापमान शून्य से 35 डिग्री तक नीचे रहता है, जबकि सर्दियों में यहाँ तापमान शून्य से 55 डिग्री तक नीचे चला जाता है। अत्यंत ठिठुरन और ऑक्सीजन की कमी से जवानों के लिये यहाँ ड्यूटी निभाना अत्यंत मुश्किल होता है। योगेश चिताड़े सेवानिवृत्त सैनिक हैं। अभी तक चंडीगढ़ से ऑक्सीजन सिलिण्डर लाकर हेलिकॉप्टर की मदद से 21,000 फीट की ऊँचाई तक पहुँचाये जाते थे। कभी-कभी समय पर हेलिकॉप्टर नहीं होता है, जो वहाँ तक सिलिण्डर पहुँचा सके।

डेढ़ साल पहले ऑक्सीजन प्लांट के लिये शुरू किया था मिशन

दरअसल पुणे स्थित एनजीओ सोल्जर्स इंडिपेंडेंट रिहेबिलिटेशन फाउण्डेशन के संस्थापक सुमिधा और योगेश चिताड़े ने 18 महीने पहले सियाचिन में तैनात भारतीय जवानों के लिये ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित करने का मिशन शुरू किया था। इस मिशन को दम्पत्ति ने गत 4 अक्टूबर को पूरा किया है। इस मिशन के लिये चिताड़े दंपत्ति ने अपने सारे गहने तक बेच दिये, जिससे उन्हें डेढ़ लाख रुपये प्राप्त हुए थे, परंतु उनके मिशन को लोगों ने न सिर्फ सराहा बल्कि पूरा समर्थन भी दिया, जिससे देखते ही देखते मिशन के लिये 2 करोड़ रुपये जमा हो गये थे। दंपत्ति ने ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट शुरू करके फायर एंड फ्यूरी कॉर्प के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वाई जोशी जवानों से ही इसका उद्घाटन कराया और सेना को समर्पित किया। यह अस्पताल प्रतापपुर के पास स्थित है। यह अस्पताल न सिर्फ ग्लेशियर में तैनात भारतीय जवानों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराता है, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों का भी इलाज करता है। यहाँ नुब्रा घाटी के लोग भी उपचार कराने के लिये आते हैं। चिताड़े दंपत्ति की संस्था सेना के कल्याण के लिये 1999 से काम कर रही है।

पीएम मोदी को जब इस दम्पत्ति के इस सराहनीय काम की जानकारी प्राप्त हुई तो वे इस दंपत्ति से मिलने के लिये आतुर हो गये। उन्होंने दंपत्ति को मिलने के लिये पीएमओ बुलाया था, परंतु पीएम मोदी के ही बिज़ी शेड्युल के कारण वे दम्पत्ति से मुलाकात नहीं कर पाये थे। हाल ही में पीएम मोदी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिये मुंबई पहुँचे, तब उन्होंने यहाँ बीकेसी में इस युगल को बुलाया, जहाँ उससे 10 मिनट मुलाकात की और उसके काम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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