नीता अंबाणी ने अमेरिका में बजाया भारतीय कला-संस्कृति डंका, सबसे पुराने और बड़े म्यूज़ियम की प्रथम महिला ट्रस्टी बनीं

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 13 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारत के सबसे धनाढ्य उद्योगपति एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश अंबाणी तो अपने व्यावसायिक कारनामों और सफलताओं से चर्चित रहते ही हैं, परंतु उनकी पत्नी नीता अंबाणी भी उपलब्धियों के मामले में पति से पीछे नहीं हैं। नीता अंबाणी की मुकेश अंबाणी की पत्नी से इतर भी एक पहचान है और यह पहचान है भारतीय कला एवं संस्कृति के प्रति उनका समर्पण। यही कारण है कि नीता अंबाणी को अमेरिका के सबसे पुराने कला संग्रहालय में प्रथम महिला न्यासी (ट्रस्टी) नियुक्त किया गया है। नीता न केवल इस कला संग्रहालय की प्रथम महिला ट्रस्टी नियुक्त हुई हैं, अपितु वे इसकी प्रथम भारतीय और भारतीय महिला ट्रस्टी भी बनाई गई हैं।

रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष नीता अंबाणी को अमेरिका में न्यूयॉर्क स्थित मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट (the Met) के बोर्ड में शामिल करने की घोषणा स्वयं म्यूज़ियम के चेयरमैन डेनियल ब्रॉडस्की ने की। ब्रॉडस्की ने नीता अंबाणी को 149 वर्ष पुराने मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट में ट्रस्टी के रूप में शामिल करने की घोषणा करने के साथ ही कहा, ‘भारतीय कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने तथा प्रोत्साहित करने की नीता अंबाणी की प्रतिबद्धता वास्तव में असाधारण है। उनके बोर्ड में शामिल होने से म्यूज़ियम की क्षमताओं में वृद्धि होगी।’ नीता अंबाणी का द मेट से विशेष संबंध रहा है। वर्ष 2017 में भी द मेट ने कला जगत में विविधता व समावेश को बढ़ावा देने वाली हस्तियों के रूप में नीता अंबाणी को भी सम्मानित किया था। नीता वर्तमान में भी द मेट्स इंटरनेशनल काउंसिल की सदस्य हैं।

इसलिए पृथक पहचान है नीता अंबाणी की

भारत में अनेक उद्योगपति हैं और कइयों की पत्नियाँ विविध प्रकार की सामाजिक सेवाओं में योगदान करती हैं। नीता अंबाणी ने भी व्यवसायी पति मुकेश अंबाणी की पत्नी के अतिरिक्त अपनी एक पृथक पहचान बनाई है। नीता स्वयं उद्यमी हैं, तो साथ ही वे धीरूभाई अंबाणी इंटरनेशनल स्कूल की संस्थापक व अध्यक्ष भी हैं। उन्हें चंदरशेखर सरस्वती विश्व महाविद्यालय (SCSVMV)-कांचीपुरम् से डॉक्टरेट की उपाधि मिली है। यह उपाधि नीता को शिक्षा, समाज सेवा व मानव प्रेम के लिए मिली है। समाज कल्याण कार्यों के लिए ही नीता ने वर्ष 2010 में रिलायंस फाउंडेशन नामक धर्मादा न्यास की स्थापना की थी।

कला व संस्कृति को समर्पित नीता अंबाणी

नीता अंबाणी का जन्म 1 नवंबर, 1964 को मुंबई में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। पिता बिड़ला की एक कंपनी में उच्चाधिकारी थे, परंतु नीता की रुचि बचपन से ही भारतीय कला व संस्कृति विशेषकर क्लासिकल डांस (शास्त्रीय नृत्य) में थी। नीता शास्त्रीय नृत्य में ही कैरियर बनाना चाहती थीं, जबकि उनकी माँ उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनाना चाहती थीं। इन सबके बीच नीता ने मुंबई के प्रसिद्ध नरसी मोनजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की, परंतु लक्ष्य शास्त्रीय नृत्य को ही बनाया। यही कारण है कि नीता अंबाणी आज एक प्रशिक्षित भरतनाट्यम नृत्यांगना हैं। कॉलेज के दिनों में नीता स्टेज परफॉर्मेंस भी दिया करती थीं। आज भी नीता अंबाणी प्रतिदिन नृत्याभ्यास अवश्य करती हैं। नीता को विभिन्न क्षेत्रों में सेवा के लिए वर्ष 2005 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भारत नारी शक्ति संगठन ने समाज सेवा विश्व विभूषण की उपाधि प्रदान की थी। अखिल भारतीय प्रबंधन संगठन (AIMA) ने भी वर्ष 2012 का कॉर्पोरेट सिटिजन ऑफ धद इयर पुरस्कार नीता अंबाणी को प्रदान किया था।

क्यों विशेष है म्यूज़ियम व नीता की नियुक्ति ?

नीता अंबाणी न्यूयॉर्क में स्थित जिस मेट्रोपॉलिन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट की प्रथम महिला ट्रस्टी नियुक्त की गई हैं, उसकी स्थापना 13 अप्रैल, 1870 को हुई थी। आगामी 13 अप्रैल, 2020 को द मेट की स्थापना को 150 वर्ष हो जाएँगे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कला संग्रहालय में 5000 वर्ष पुरानी कलाकृतियों को संरक्षित करके रखा गया है, जिसमें भारत के हिन्दू, जैन और बौद्ध धर्म से जुड़ी अनेक कलाकृतियाँ शामिल हैं। म्यूज़ियम में अपनी नियुक्ति पर नीता अंबाणी ने कहा, ‘मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट ने भारतीय कलाओं के प्रदर्शन में दिलचस्पी दिखाई है। म्यूजियम द्वारा वैश्विक मंचों पर भारतीय कला के समर्थन ने मुझे प्रभावित किया है। यह हमारी प्रतिबद्धताओं से मेल खाता है। यह सम्मान मुझे भारत की प्राचीन विरासात के लिए मेरे प्रयासों को दोगुना करने में मदद करेगा।’

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