‘बोलता’ है बाएँ हाथ का काम : दुनिया में सिर्फ 13 प्रतिशत, फिर भी दमदार !

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 13 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। आज का दिन उन लोगों के लिये सेलिब्रेशन का दिन है, जो उल्टे हाथ से यानी बाएँ हाथ से काम करते हैं। अर्थात् आज अंतर्राष्ट्रीय वाम हस्त दिवस यानी (INTERNATIONAL LEFT HANDERS DAY) है। वैसे तो दुनिया में 40 प्रतिशत लोग बाएँ कान का, 30 प्रतिशत लोग बाईं आँख का और 20 प्रतिशत लोग बाएँ पाँव का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, परंतु जब बात बाएँ हाथ की आती है तो 13 प्रतिशत लोग ही इस हाथ का ज्यादा उपयोग करते हैं। इनका हाथ ढाई किलो का हो या ना हो, परंतु इन लोगों ने सिद्ध किया है कि उनके बाएँ हाथ में मौलिकता है, विशेषता है, कमाल करने की क्षमता है और कमाल की ताकत भी है। कुल मिलाकर ऐसे लोगों ने दुनिया में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

ओबामा से लेकर मोदी तक राजनीति बाएँ हाथ का खेल

सदियों तक बाएँ हाथ के लोगों को तुच्छ दृष्टि से देखा जाता रहा, उन्हें अपशगुन का प्रतीक माना जाता रहा। अंग्रेजी भाषा में तो उन्हें सिनिस्टर्स कहा जाता था। यह शब्द ऐसे लोगों के लिये इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें देखकर लोग कहते थे कि अपशगुन हो गया, आज जरूर कुछ बुरा घटने वाला है, यानी ऐसे लोगों को बुराई का सूचक माना जाता था। इन्हें देखने और इनसे बात करने से लोग कतराते थे। भारत के चश्मे से देखा जाए तो यहाँ 13 के अंक को कुछ लोग अशुभ मानते हैं और अगस्त माह को भी राहु-केतु का महीना माना जाता है। इस प्रकार बाएँ हाथ के लोगों को 13 अगस्त का दिन प्रतीक के रूप में समर्पित किया गया था। 13 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय वाम दिवस मनाने की शुरुआत 1976 से हुई। वाम हस्तों के फाउंडर डीन कैंपबेल ने यह दिन मनाने की शुरुआत की थी। उस समय तक विज्ञान का प्रचलन कुछ खास नहीं था, परंतु जब विज्ञान ने पैर पसारना शुरू किया तो समय और सोच बदलती चली गई। इसके बाद अमेरिका में बिल क्लिंटन और बराक ओबामा सहित चार लेफ्ट हेंडर्स राष्ट्रपति बने। भारत का डंका आज पूरी दुनिया में बज रहा है। दुनिया में भारत की एक मजबूत और तेजी से विकास करने वाले राष्ट्र के रूप में पहचान बनाने वाले वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी आपने ताली बजाते समय बाएँ हाथ का प्रयोग करते हुए देखा होगा।

हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक है वाम हस्तों का दबदबा

बाएँ हाथ से काम करने वाले लोगों ने हर क्षेत्र में अपना नाम ऊँचा किया है। चाहे वह राजनीति हो, मनोरंजन का क्षेत्र हो, खेल का मैदान हो, विज्ञान या भौतिक शास्त्र हो या आज का कंप्यूटर क्षेत्र हो। हर क्षेत्र में इन 13 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी रूप में नाम रोशन किया है। मनोरंजन क्षेत्र की बात करें तो हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक वाम हस्तों का दबदबा कायम है। हॉलीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री एंजेलिना जॉली और अभिनेता टॉम क्रूज वाम हस्ती हैं। प्रसिद्ध हास्य अभिनेता चार्ली चेप्लीन भी लेफ्टी थे।

इसी प्रकार बॉलीवुड में सदी के महानायक का खिताब पाने वाले अमिताभ बच्चन भी लेफ्टी हैं। उनके बेटे अभिषेक बच्चन को भी यह सौगात उनके पिता से विरासत में मिली है। इनके अलावा साउथ के सुपर स्टार रजनीकांत और बॉलीवुड की अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और जाने माने स्टार फिल्म डिरेक्टर करण जौहर भी लेफ्टी हैं।

खेल के मैदान में बाएँ हाथ के जौहर

क्रिकेट के भगवान कहलाने वाले सचिन तेंडुलकर मैदान में भले ही दाहिने हाथ से चौके-छक्के लगाते हों और बॉलिंग भी दाहिने हाथ से करते हों, परंतु जब खाना खाने और लिखने की बात आती है, तो उनका बायाँ हाथ चल पड़ता है। उनके अलावा क्रिकेट में भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह, गौतम गंभीर, सुरेश रैना, शिखर धवन, ऋषभ पंत, गेंदबाजों में जहीर खान लेफ्टी हैं। वेस्टइंडीज के स्टार क्रिकेटर ब्रायन लारा और क्रिस गेल भी लेफ्टी हैं। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर और गेंदबाज मिचेल स्टार्क बाएँ हाथ के खिलाड़ी हैं। इनके अलावा अन्य खिलाड़ियों में ज्वाला गुट्टा लेफ्टी बेडमिंटन प्लेयर हैं।

इतिहास भी बना चुका है बायाँ हाथ

भारत की मर्दानी रानी लक्ष्मीबाई लेफ्टी थी। भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी लेफ्टी थे। इतिहास का विलेन सिकंदर भी लेफ्टी था। इसके अलावा समाज सुधारक मदर टेरेसा भी लेफ्टी थी। फ्रांस के महान शासक छोटे कद के नेपोलियन बोनापार्ट भी लेफ्टी थे।

कंप्यूयर युग के कई उद्योगपति भी लेफ्टी

कंप्यूटर युग में कई उद्योगपति भी लेफ्टी हैं। इनमें माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के अध्यक्ष बिल गेट्स, भारत के उद्योगपति रतन टाटा लेफ्टी हैं। इनके अलावा महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन, भौतिक शास्त्र का सबसे बड़ा फॉर्मूला देने वाले आइजक न्यूटन आदि भी लेफ्टी थे।

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