अब नमो चाय के साथ खाइए मोदी के पकौड़े : आगरा में खुल गया मोदी पकौड़ा भण्डार

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 19 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जीवन तो प्रेरणादायी है ही, उनके मुख से निकलने वाले शब्द भी उनके चाहने वालों के लिये ‘ब्रह्म-वाक्य’ बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है देश के विभिन्न हिस्सों में। देश के कई शहरों में मोदी के नाम वाली चाय की दुकानें तो वर्षों से चल रही हैं, अब उनके नाम से पकौड़ा सेन्टर भी खुल गये हैं।

आगरा में खुला मोदी पकौड़ा भण्डार

पिछले साल 2018 में पीएम मोदी ने रोजगार के एक सवाल पर कहा था कि आजीविका चलाने के लिये नौकरी ही एकमात्र साधन नहीं है। आप किसी कम लागत वाले छोटे-मोटे स्टार्टअप की मदद से भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। पकौड़ा तलकर भी कमा सकते हैं तथा अपने साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकते हैं। पीएम मोदी के इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने भले ही उहापोह मचाया हो, परंतु नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे आगरा के तीन दोस्तों को पीएम मोदी की इस बात से पैसे कमाने और अपनी बेरोजगारी दूर करने का विकल्प मिल गया। आगरा के नूरी दरवाजा के पास मोदी पकौड़ा भंडार खुल गया, जो आजकल खूब चर्चा में है। बरसात के मौसम में यहाँ सुबह से लेकर शाम तक पकौड़ा खाने वालों की खूब भीड़ जुटती है। कुछ ही दिन हुए हैं यह दुकान खुले, परंतु अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है। मोदी पकौड़ा भंडार में पाँच प्रकार के पकौड़ों की बिक्री होती है, जो 120 रुपये प्रति किलो के दाम से बिक रहे हैं। तीनों दोस्तों को उम्मीद है कि जल्द ही उनका मुनाफे का आँकड़ा लाखों में पहुँच जाएगा। तीनों मित्रों का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कोई बड़ा कारोबार शुरू कर सकें, तभी मोदी के वाक्य ने उन्हें राह दी और उन्होंने यह व्यापार शुरू किया। हाथ में पैसा हो तो आत्मविश्वास बढ़ जाता है, वैसा ही उनके साथ हो रहा है। मोदी पकौड़ा भंडार की सफलता कई अन्य बेरोजगार युवाओं को भी अपना स्टार्टअप शुरू करने की प्रेरणा दे रही है।

लखनऊ में खुला नमो पकौड़ा केन्द्र

आगरा में ही नहीं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खुद भाजपा पार्षदों ने एक व्यक्ति को मुद्रा योजना के तहत लोन दिलाकर उसका नमो पकौड़ा केन्द्र खुलवाया है। इस तरह उन्होंने एक बेरोजगार युवक को स्वरोजगार देने में मदद की है। भाजपाई पार्षद सावित्री वर्मा, रामकृष्ण यादव और संजय राठौर ने बेरोजगारी का दंश झेल रहे कुलदीप नामक व्यक्ति को मुद्रा लोन दिलाई। इसके बाद कुलदीप ने पीएम मोदी के स्वरोजगार के सपने को सच करने के लिये खुद की पकौड़े की दुकान खोल ली। यह दुकान लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान चौराहे के पास स्थित विद्युत आपूर्ति केन्द्र के पास है। पार्षदों ने कहा कि आजकल रोजगार के लिये व्यक्ति के हाथों में हुनर का होना जरूरी है। कोई भी व्यक्ति जिसके हाथों में हुनर है वह अपने हाथों से बनी वस्तुओं को बेचकर रोजगार प्राप्त कर सकता है, अपनी बेरोजगारी दूर कर सकता है। कुलदीप ने जहाँ यह दुकान खोली है, वहाँ वाणिज्यिक गतिविधियों का केन्द्र है। इसलिये दुकान पर सुबह से शाम तक भीड़ रहती है। चूँकि दुकान पीएम नरेन्द्र मोदी के शॉर्ट नेम नमो पकौड़ा केन्द्र के नाम से खुली है, इसलिये चर्चा में आने के बाद यहाँ लोगों की खूब भीड़ जुट रही है।

इलाहाबाद में है मोदी चायवाला

2014 में जब नरेन्द्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तब उन्होंने देशवासियों को बताया था कि वह बचपन में चाय बेचते थे। बस, फिर क्या था, लोग उनके फैन हो गये और वह लोगों के लिये प्रेरणास्रोत बन गये। लोग मोदी के उदाहरण देने लगे कि एक चाय वाला भी अपनी मेहनत और लगन से देश का पीएम तक बन सकता है। ऐसे ही एक मोदी भक्त बबलू ने पीएम मोदी से प्रेरित होकर इलाहाबाद अब प्रयागराज में मोदी चायवाला का बैनर लगाकर चाय बेचना शुरू कर दिया। इस बैनर के आकर्षण से लोग उसकी दुकान पर चाय पीने के लिये आते हैं और उसके परिवार का भरण-पोषण होने लगा।

रांची में खुली है नमो चाय की दुकान

2014 में सत्ता में आने से पहले जब नरेन्द्र मोदी भाजपा और एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, तब चुनाव प्रचार के दौरान ही उन्होंने कहना शुरू कर दिया था कि वह एक अत्यंत गरीब परिवार से आते हैं और उनकी माता लोगों के घरों में काम करती थी तथा वह स्वयं बचपन में चाय बेचते थे। उनके इसी प्रचार का लोगों पर ऐसा असर हुआ कि लोगों ने उन्हें ही वोट देकर प्रधानमंत्री चुन लिया। इसी के साथ मोदी की लोकप्रियता भी शिखर पर पहुंच गई और उनसे प्रभावित झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष तथा रांची के भाजपा विधायक सी. पी. सिंह ने स्टेशन रोड पर नमो चाय की दुकान खोली थी, जिसे विनय शर्मा नामक व्यक्ति चलाता है। विनय के अनुसार दुकान का नाम मोदी के नाम पर रखकर वह पीएम मोदी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं।

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