क्या सोनिया के क़रीबी और कांग्रेस कोषाध्यक्ष अहमद पटेल इस तरह भर रहे हैं पार्टी का ख़जाना ?

कांग्रेस और भ्रष्टाचार का चोली-दामन का साथ है। ऐसा हम नहीं कर रहे, पर इतिहास और वर्तमान भी कहता है। कांग्रेस के भ्रष्टाचारी इतिहास की तो लम्बी सूची है, परंतु बात वर्तमान कांग्रेस की करें, तो आयकर विभाग (IT) की ओर से पिछले तीन दिनों से दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश तक चल रही छापेमारी ने कांग्रेस के एक और भ्रष्टाचारी चेहरे को उजागर किया है। यह चेहरा कोई और नहीं, बल्कि यूपीए अध्यक्ष और कांग्रेस की सबसे वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के सबसे निकटतम् नेता अहमद पटेल हैं।

सोमवार तक जो अपडेट थे, उसमें तो केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के क़रीबियों पर आईटी की छापेमारी के बाद यह संकेत दिया था कि हवाला के जरिए 20 करोड़ रुपए दिल्ली में तुग़लक रोड पर रहने वाले एक बड़े नेता के घर पहुँचे और वहाँ से यह रकम एक बड़ी पार्टी के मुख्यालय तक पहुँची, परंतु आईटी विभाग के सूत्रों ने मंगलवार को इस नेता और पार्टी का नाम भी खोल दिया।

आईटी विभाग का कहना है कि कांग्रेस के पास 20 करोड़ रुपए की रकम हवाला के जरिए पहुँची। आईटी के छापे में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आए एसएस मोइन कुरैशी के साथ अहमद पटेल की तसवीर भी वायरल हो रही है। आईटी विभाग इस मामले में अब अहमद पटेल पर भी नज़र बनाए हुए है। मोइन ने गत शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में 20 करोड़ रुपए हवाला के पहुँचाए थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तहसवीर में अहमद पटेल मोइन के साथ बैठे दिख रहे हैं। यद्यपि तसवीर सही है या झूठी, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

कांग्रेस कोषाध्यक्ष अहमद पटेल की चीफ अकाउंटेंट मोइन कुरैशी के साथ वायरल तसवीर (जिसकी पुष्टि नहीं हुई है)

आईटी विभाग ने यह खुलासा सोमवार देर रात पूर्वी दिल्ली की गीता कॉलोनी के ताज एंक्लेव में एसएस मोइन कुरैशी के घर छापा मारने के बाद किया। अहमद पटेल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हैं और जिस मोइन कुरैशी के घर छापा मारा गया, वह अहमद के चीफ अकाउंटेंट हैं। सोमवार को वह पूरे दिन ऑफिस में नहीं था। बताया गया कि मोइन बीमार है। अहमद रात 10 बजे मोइन के घर हाल-चाल पूछने पहुँचे, तब तक आईटी की छापेमारी पूरी हो चुकी थी। मोइन पर आरोप था कि उसने कांग्रेस नेताओं के 20 से 30 करोड़ रुपए छुपाए हैं। आईटी विभाग ने यह छापेमारी इतनी गोपनीय ढंग से की कि स्थानीय पुलिस तक को भनक नहीं लगी।

इस बीच अहमद पटेल के निकटस्थ सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी का हवाला लेन-देन से कोई संबंध नहीं है। यह केवल राजनीतिक अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

आईटी विभाग ने पिछले तीन दिनों में अब तक लगभग 281 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी का पता लगाया है। 300 अधिकारियों की टीम ने 52 ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की। इस कार्रवाई को लेकर सीबीडीटी ने सोमवार को बताया था कि यह रकम राजनीति, व्यापार और सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों के जरिए एकत्र की गई। इस कैश का एक हिस्सा हवाला के जरिए दिल्ली स्थित एक बड़े राजनीतिक दल के मुख्यालय में भी ट्रांसफर किया गया। इसमें 20 करोड़ रुपए की वह राशि भी शामिल है, जिसे हाल ही में पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के तुग़लक रोड स्थित आवास से पार्टी मुख्यालय में भेजा गया था। हालाँकि सीबीडीटी ने किसी नेता या पार्टी का नाम नहीं लिया था। एक पदाधिकारी के करीबी रिश्तेदार के समूह के दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापों के दौरान कई प्रमाण मिले, जिनमें एक डायरी भी शामिल है इस डायरी में 230 करोड़ के बेनामी लेन-देन का जिक्र है। डायरी के अलावा 242 करोड़ रुपए के फर्जी बिल मिले हैं, जिससे सिद्ध होता है कि कुछ देशों की 80 कम्पनियाँ देश में मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त शराब की 252 बोतलें और हथियार भी जब्त किए गए।

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