राहुल चुनाव प्रचार के लिए तो गुजरात आएँगे ही, परंतु चुनाव पूरा होने के बाद भी उन्हें गुजरात आना पड़ेगा : जानिए क्यों ?

इसमें कोई संदेह नहीं है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव 2019 के अंतर्गत गुजरात में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार अभियान के लिए गुजरात का तूफानी दौरा करेंगे, परंतु क्या आप जानते हैं कि चुनाव पूरा होने के बाद भी राहुल गांधी को गुजरात का एक दौरा करना पड़ेगा ? वोट मांगने के लिए बार-बार गुजरात आने वाले राहुल चुनाव के बाद चुनौतीपूर्ण एवं अनिवार्य इस गुजरात दौरे को करेंगे या उससे बचने के रास्ते तलाशेंगे, यह तो समय ही बताएगा।

अब आइए आपको बताते हैं कि चुनाव ख़त्म होने के बाद भी राहुल गांधी को गुजरात का दौरा क्यों करना पड़ेगा। दरअसल यह उनके 3 वर्ष पूर्व किए गए कर्मों का फल है। 2016 के एक मानहानि केस में अहमदाबाद के मेट्रो कोर्ट राहुल गांधी और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला दोनों को नोटिस जारी कर 27 मई को अदालत में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल तसवीर)

क्या है पूरा मामला ?

8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर आरोप लगाए थे। राहुल और सुरजेवाला ने एक सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से दायर याचिका को आधार बना कर आरोप लगाया था कि अमित शाह के करीबी और अहमदाबाद जिला सहकारी (ADC) बैंक के अध्यक्ष अजय पटेल ने नोटबंदी के बाद पाँच दिनों के अंदर ही एडीसी बैंक के 749.60 करोड़ रुपये के पुराने नोट नये नोटों में बदल लिये थे।

राहुल-सुरजेवाला पर मानहानि का केस

इस आरोप के बाद एडीसी बैंक और उसके अध्यक्ष अजय पटेल ने कोर्ट में राहुल गांधी और सुरजेवाला के खिलाफ याचिका दायर कर मानहानि का केस किया था। इस याचिका में कहा गया था कि कांग्रेस के दोनों नेताओं ने अपने बयानों में बैंक का नाम लेते हुए बैंक पर सीधे आरोप लगाये हैं। बैंक के वकील की ओर से याचिका में कहा गया कि दोनों नेताओं की ओर से बैंक पर लगाये गये सभी आरोप झूठे हैं, क्योंकि बैंक की ओर से इतनी भारी रकम के नोट नहीं बदले गए। राहुल-सुरजेवाला के आरोपों से बैंक की छवि पर असर पड़ा है।

क्या 27 मई को पेश होंगे राहुल-सुरजेवाला ?

एडीसी बैंक की याचिका के आधार पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत अदालती जांच का आदेश दिया था। इसके बाद अब कोर्ट ने राहुल गांधी और रणदीप सुरजेवाला को नोटिस जारी किया है और उन्हें 27 मई को कोर्ट के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुरजेवाला को तो सीधे नोटिस जारी किया है, परंतु राहुल चूँकि सांसद हैं, इसलिए उन्हें लोकसभा अध्यक्ष के जरिए नोटिस भेजा गया है। सवाल यह उठता है कि क्या राहुल और सुरजेवाला 27 मई को अहमदाबाद की इस अदालत में पेश होंगे ? यह प्रश्न इसलिए उठ रहा है, क्योंकि 27 मई से पहले 23 मई को लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम घोषित हो चुके होंगे। उस समय के हालात क्या होंगे, यह कोई नहीं बता सकता। यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन गए, तो वे पेशी से बच जाएँगे। यदि वे विपक्ष के नेता बने तो भी कदाचित नियम-कानून उन्हें पेशी से बचा लेंगे, परंतु यदि वे इनमें से कुछ भी नहीं बने और केवल सांसद रह जाएँगे, तो उन्हें पेश होना ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed