पूरे देश के लिए EYE OPENER है आइज़ोल का TRAFFIC DISCIPLINE : आप भी VIDEOS देखिए और कुछ सीखिए इस छोटे-से शहर से !

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 20 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। इस तस्वीर को देखकर यदि आपके ज़हन में अपने शहर की ट्रैफिक की स्थिति की तस्वीर उभर रही है, तो आप सही रास्ते पर हैं। यह तसवीर किसी FOREIGN COUNTRY की नहीं है, अपितु भारत के ही एक राज्य की है। पूर्वोत्तर के एक राज्य की राजधानी की यह तस्वीर दर्शाती है कि इस शहर के लोग कितने शिष्टाचारी हैं और यह भी कि यह लोग ट्रैफिक के नियमों के प्रति कितने जागरुक हैं ?

इस शहर में नहीं टूटते हैं ट्रैफिक के नियम

आपको बता दें कि पूर्वोत्तर के राज्य मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल की यह तस्वीर है। यहाँ के लोग ट्रैफिक को लेकर इतने सजग हैं कि ट्रैफिक जाम की स्थिति में भी लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, परंतु कोई भी अपनी लेन को क्रोस नहीं करता है। इसके विपरीत अन्य शहरों की ट्रैफिक की स्थिति हमारे सामने है। इस शहर में लोग चाहे जिधर से ट्रैफिक में घुसकर या ओवरटेक करके आगे निकलने की होड़ में शामिल नहीं होते हैं। इसीलिये ट्रैफिक की दृष्टि से इस शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया गया है।

आइजोल के शिष्टाचारी और अनुशासनप्रिय लोगों ने देश के अन्य शहरों के नागरिकों के लिये एक मिसाल कायम की है कि ऐसा शिष्टाचार केवल अमेरिका या यूरोपीय देशों में ही देखने को नहीं मिलता है, यह शिष्टाचार और अनुशासन हमारे अपने देश में भी प्रयुक्त होता है, परंतु सवाल यही है कि क्या देश के अन्य शहर आइजोल से ट्रैफिक अनुशासन की कोई सीख लेंगे। यदि ऐसा हो जाए तो हमारे देश की ट्रैफिक व्यवस्था अन्य देशों के लिये आदर्श बन सकती है।

आबादी और वाहनों से बढ़ी ट्रैफिक समस्या

हमारे देश में तेजी से बढ़ती आबादी के साथ तेजी से विकसित होते शहर और तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या ट्रैफिक की समस्या के प्रमुख कारण हैं। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या की तुलना में ढाँचागत सुविधाओं की संरचना में सुधार बहुत धीमी गति से हो रहा है। सरकार और प्रशासन ट्रैफिक को लेकर नये-नये कदम उठा रही है और ट्रैफिक वाले मार्गों पर ओवरब्रिज, अंडरपास तथा टू लेयर ब्रिज जैसे प्रकल्पों को साकार कर रही है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन जैसे सिटी बसों, बीआरटीएस बस तथा मेट्रो ट्रेन जैसी सुविधाओं में सुधार तथा बढ़ोतरी कर रही है, ताकि बढ़ते वाहनों पर अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा ट्रैफिक के नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिये भी विविध कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बावजूद ट्रैफिक समस्या हल होने का नाम नहीं ले रही है। यदि केवल देश के 4 महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता की ही बात की जाए तो इन्हीं 4 महानगरों में वार्षिक लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की बरबादी ट्रैफिक जाम के कारण हो रही है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि देश के वर्तमान लगभग 4,000 शहरों की ट्रैफिक की स्थिति क्या होगी ? इनमें 40 शहर ऐसे हैं, जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है, जबकि 400 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी 1 से 10 लाख है। जबकि 50 शहरों की आबादी 10 लाख से अधिक है।

आप भी VIDEOS देखिए और कुछ सीखिए इस छोटे-से शहर से :

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