VIDEO : कौन है रुज़ान खंभाता, जिनके ‘PoliceHEART’ ने की हजारों महिलाओं की सुरक्षा

* महिलाओं के लिए वरदान बना रुज़ान का ‘1091’

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 21 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। 22 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में दामनी नाम की महिला के साथ घटी दुष्कर्म की घटना के विषय में सोच कर आज भी दिल दहल उठता है। महिला के साथ की गई उस दर्दनाक हरकत को भूल पाना संभव नहीं है, हालाँकि घटना के सभी आरोपियों को इनके कुकृत्य का दंड़ न्यायलय उन्हें दे चुका है, परंतु आज भी महिलाएँ स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। यूँ तो दिल्ली समेत कई जिलों में उस घटना के विरोध में कई कैंडल मार्च और न्याय की अपील की गई, लोगों ने अपना गुस्सा और रोष भी उजागर किया, वहीं गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाली रुज़ान ने इस समस्या को जड़ से मिटाने का प्रण ले लिया। रुज़ान ने महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार और दुष्कर्म को रोकने के लिए कई सराहनीय कार्य किए हैं, वे उन लोगों में विल्कुल भा शामिल नहीं जो जो केवल घटना होने पर अफ़सोस या कैंडल मार्च करते हैंस अपितु एक ऐसी महिला हैं, जिन्होंने इस प्रकार की घटना को रोकने का प्रसास किया है। उन्होंने समाज में फैली इस कुकृत से महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए 1091 हेल्पलाइन नंबर की उत्पत्ति की जिससे हर उस महिला को सुरक्षा मिल सके, जो कभी भी किसी विषम परिस्थितियों फँस जाएँ और कोई सुरक्षा का मार्ग उनके पास न हो। इस हेल्प लाइन नंबर के लिए महिला को किसी स्मार्टफोन की आवश्यकता नहीं वह अपने एक की पैड वाले साधारण फोन से कॉल कर अपने स्थान पर पुलिस की मदद ले सकती है। रुज़ान आज सभी के लिए एक आदर्श हैं।

कौन है रुज़ान ?

रूज़ान खंभाता गुजरात में एक सामाजिक उद्यमी के रूप में पहचान बना चुकी एक आईटी सॉर्फ्टवेयर इंजीनियर और समाजसेविका हैं। रुज़ान गुजरात में आर्थिक राजधानी अहमदाबाद महानगर के पंचवटी क्षेत्र में रहती हैं। उनका अस्तित्व ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं में शुमार है। रुज़ान सदैव एक नवाचार और प्रयोग (INNOVATION & EXPERIENCE) करने को उत्सुक रहती हैं। वे महिलाओं की हिम्मत बढ़ाने और उन्हें सक्षम बनाने के प्रयास करती आई हैं। रुज़ान को चुनौतियाँ लेना और ऐसे काम करना पसंद है, जिन्हें लोग कहते हैं “असंभव” । वुमन एम्पावरमेंट, सेल्फ डिफेंस, वुमेन सेफ्टी-सिक्योरिटी, वुमन लीगल राइट्स, एंटरप्रेन्योरशिप, पॉलिटिक्स, स्पोर्ट्स, बजट, एजुकेशन, एनवायरनमेंट से लेकर विभिन्न विषयों पर भाषण देने के लिए रूज़ान को अब तब 500 से अधिक आयोजनों में आमंत्रित किया जा चुका है। महिला सुरक्षा में योगदान के लिए रुज़ान को एक सशक्त सामाजिक सुधारवादी, एक्शन एजेंट 4 महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, उद्यमी युवा आइकन, प्रेरक अध्यक्ष, जैसे अनगिनत पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

रुज़ान ‘‘वज्र ओ’ फोर्स’’ (Wajra O’ force) नामक एनजीओ चलाती हैं, जिसका उद्देश्य महिलाओं और अधिकारवाद के विरुद्ध अपराध से भारत को मुक्त करने की दिशा में काम करना। इसके अन्तर्गत कई लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत तकनीकी और आयोजनों का समय-समय पर आयोजन किया जाता है। जैसे पुलिस 1091 (महिला सुरक्षा और सुरक्षा) (PoliceHEART 1091 – women Safety and Security), डिफेंस ओ’ डांस (आत्म-रक्षा) (Defence O’ Dance (Self Defence)), वज्र ओ’ फोर्स ब्रिगेड (सामाजिक चुनौतियाँ, महिलाएँ संकट में) (Wajra O’ Force Brigade – Social Challenges, Women in Distress), महिला सशक्तिकरण (सामाजिक, आर्थिक, व्यक्तिगत) (Women Empowerment – Social, Economical, Personal) और लैंगिक समानता (माइंड सेट चुनौतियाँ) (Gender Equality (Mind Set Challenges)। Wajra O’Force Empowerment Foundation ने अहमदाबाद में आयोजित सबसे बड़े ‘टग ऑफ वॉर’ टूर्नामेंट का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्मैश का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़ा है। इस टूर्नामेंट में 6,282 प्रतिभागियों और 698 टीमों ने शक्ति परीक्षण किया। यह खेल दृढ़ इच्छाशक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति की मांग करता है और मैच टग ऑफ वार इंटरनेशनल फेडरेशन के नियमों के अनुसार खेला गया था।

क्या है पुलिस हार्ट (PoliceHEART) ?

रुज़ान ने एक तकनीक का आविष्कार किया है जिसका नाम है पुलिस हार्ट (PoliceHEART), जिसमें 1091 हेल्पलाइन नंबर है, जो दुष्कर्म, छेड़छाड़, अपहरण और घरेलू हिंसा में फँसी महिलाओं को सुरक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है। इस नंबर से अब तक 6134 महिलाओं को बचाया गया है। इस नंबर की विशेषता यो है कि इसे उपयोग करने के लिए कि स्मार्ट फोन / जीपीएस की आवश्यकता नहीं होती, बस 1091 नंबर पर किसी भी साधारण फोन से कॉल करना होता है और पुलिस पीड़ित महिला के स्थान के ढूंढ लेगी और पीड़ित को बचा लेगी। युवा टीम से बातचीत में उन्होंने युवाओं के से अपीस करते हुए कहा है कि वे अपने समय से कुछ क्षण निकाल कर गरीब बच्चों को पढ़ाने और उनका भविष्य बनाने में लगाएँ, साथ ही उन्होंने हमारे देश के उन बुज़ुर्ग लोगों से भी खाली समय में स्लम एरिया के बच्चों को पढ़ाने की अपील की। रुज़ान का ये प्रयास सभी महिसाओं के लिए एक आदर्शकार्य है जो समाज में रहने वाली सभी महिलाओं के एक सीख देता है।

You may have missed