इंदिरा नूई : भारत का ‘पौधा’ अमेरिका में ‘वटवृक्ष’ बना और अब ‘पोर्टेट गैलरी’ में पाया स्थान

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 19 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारतीय मूल की अमेरिकी महिला उद्यमी इंदिरा नूई (Indra Nooyi) आज विश्व का एक चर्चित चेहरा हैं। विश्व विख्यात इंदिरा नूई अपने कई कार्यों और उपलब्धियों के लिए जानी जाती हैं। पेप्सिको (PepsiCo) की पूर्व अध्यक्ष व कार्यकारी अधिकारी (CEO) रह चुकीं इंदिरा नूई एक बार फिर अपनी एक नई उपलब्धि के लिए चर्चा में हैं। दरअसल इंदिरा नूई को अमेरिका के साझा इतिहास, विकास एवं संस्कृति पर उनके प्रभाव के कारण प्रतिष्ठित स्मिथसोनियन नेशनल पोर्ट्रेट गैलरी में पोर्टेट के रूप में स्थान दिया गया है। स्मिथसोनियन नेशनल पोर्ट्रेट गैलेरी दौरान आयोजित कार्यक्रम में अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की।

स्मिथसोनियन नेशनल पोर्ट्रेट गैलरी में इंदिरा नूई जो तसवीर रखी गई है, उसे कलाकार जॉन फ्राइडमैन ने बनाया है। इस तसवीर में नूई रेड बैकग्राउंड में एक पीले रंग के सोफे पर ब्लैक ड्रेस और एक हल्के नीले स्टॉल पहने हुए बैठीं नज़र आ रही हैं। नूई ने कहा कि एक साल पहले जब एक पत्र के माध्यम से उन्हें इसकी जानकारी दी गई, तो मजाक समझा था, इसलिए अपने पीआर डिपार्टमेंट से पुष्टि करवाई।  इस तसवीर में उनके व्यक्तित्व की साफ झलक देखी जा सकती है। अपनी तसवीर बनाने वाले कलाकार जॉन फ्राइडमैन को धन्यवाद करते हुए वह कहती हैं, “पोर्ट्रेट गैलरी एक सुंदर कहानी बयाँ करती है। यह केवल मेरी एक तसवीर नहीं, अपितु मेरी पूरी कहानी दर्शाती है, जॉन ने बहुत ही अच्छा कार्य किया है।” इंदिरा नूई के अलावा ‘नेशनल पोर्ट्रेट गैलरी’ में अमेज़न के CEO जेफ बेजोस, अमेरिकी रासायनिक इंजीनियर और नोबेल पुरस्कार विजेता फ्रांसिस अर्नोल्ड, अमेरिकी गायक, संगीतकार लिन-मैनुअल मिरांडा और अर्थ, विंड एंड फायर (Earth, Wind & Fire) नामक अमेरिकी म्यूज़िक बैंड को भी शामिल किया गया है। आइए जानते हैं अपनी उपलब्धियों और कार्यों से विश्व में डंका बजाने वाली इंदिरा नूई को।

मद्रास से अमेरिका तक छाईं इंदिरा नूई

इंदिरा कृष्णमूर्ति नूई का जन्म 28 अक्टूबर, 1955 को तमिलनाडु में मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था। भारत में पलीं-बढ़ीं नूई ने बचपन में अनेकों कठिनाइयों का सामना किया, परंतु उनके हौसले ने उन्हें कभी रुकने न दिया। सभी मुश्किलों को पार करते हुए उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता से मास्टर डिग्री ली, इसके बाद इंदिरा नूई ने अमेरिका के येल यूनिवर्सिटी से पब्लिक और प्राइवेट मैनेजमेंट का अध्ययन किया। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उन्हें अमेरिका से कुछ अधिक ही लगाव हो गया और उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद बोस्टन कंसल्टेशन फार्म ज्वाइन कर लिया और टेक्सटाइल व कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री में मुवक्किलों की सेवा करने लगीं। 1986-90 के बीच उन्होंने मोटोरोला कंपनी में कॉरपोरेट स्ट्रैटजी के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया और कंपनी के ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स के विकास का मार्गदर्शन किया। इंदिरा नूई पेप्सिको की दीर्धकालिक ग्रोथ स्ट्रैटजी की शिल्पकार मानी जाती हैं। 1994 में इंदिरा नूई पेप्सिको में शामिल हुईं और 2001 में अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाई गईं, उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक कंपनी की वैश्विक रणनीति का निर्देशन और पेप्सीको के पुनर्गठन का नेतृत्व किया है। 2009 फोर्ब्स सर्वेक्षण के अनुसार इंदिरा नूई को विश्व में तीसरी सबसे ताकतवर महिला का नाम दिया गया है।

पूरी दुनिया में जमाई धाक

इंदिरा नूई अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी की महिला प्रमुख रही हैं। फॉ’र्यून ने अमेरिका की शक्तिशाली व्यवसायी महिला की सूची में आईबीएम की गिनी रोमेटी को शीर्ष पर और पेप्सीको की सीईओ इंदिरा नूई को दूसरा स्थान दिया था। इंदिरा को फ़ोर्ब्स की ओर से जारी 30 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में भी शामिल किया गया है। 2007 में इंदिरा नूई को भारत सरकार ने उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। 2008 में वह कला और विज्ञान के अमेरिकन अकादमी की फैलोशिप के लिए चुनी गई थीं। 2012 में अमेरिका में मंदी के दौर से निपटने और आर्थिक रणनीति तय करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इंदिरा नूई सहित भारतीय मूल के दो अन्य लोग को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। 64 वर्षीय इंदिरा नूई का नाम विश्व की प्रभावशाली महिलाओं में शुमार है। वह येल निगम (Yale Corporation) के उत्तराधिकारी सदस्य हैं। वह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) के फाउंडेशन बोर्ड की सदस्य के रूप में कार्य कर रही हैं। साथ ही वे न्यूयॉर्क फेडरल रिज़र्व (Federal Reserve Bank of New York) के निदेशक बोर्ड की स्तर बी की निदेशक भी हैं। इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति, कैट्लिस्ट (International Rescue Committee, Catalyst) के बोर्ड और लिंकन प्रदर्शन कला केंद्र (Lincoln Center for the Performing Arts) की एक सदस्य हैं। इंदिरा नूई एइसेन्होवेर फैलोशिप (Eisenhower Fellowships) के न्यासी बोर्ड की सदस्य हैं और वर्तमान में यूएस-भारत व्यापार परिषद (US-India Business Council) में सभाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं।

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