FACT CHECK : नोवाक जोकोविच कृष्ण भक्त हैं, घर में लगा रखी है श्रीनाथजी की तसवीर ?

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 19 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। नोवाक जोकोविच यूँ तो टेनिस विश्व के जाने माने चेहरे हैं और हाल ही में उन्होंने 5वीं बार विम्बलडन का ख़िताब जीत कर 16 ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया है। उन्होंने स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर (Roger Federer) को हरा कर लगातार दूसरे साल विम्बलडन सिंगल्स का यह ख़िताब जीता है, परंतु उनकी जितनी चर्चा इस ख़िताब को जीतने पर नहीं हो रही, अपितु उसके कहीं अधिक वह अपनी 15 महीने पुराने ट्वीट से सुर्खियों में छाये हुये हैं। दरअसल नोवाक ने अपने आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट में 25 अगस्त, 2018 को अपनी एक तसवीर शेयर की थी, जिसके बैकग्राउंड में भगवान श्री कृष्ण की रास लीला वाली एक तसवीर भी नज़र आ रही है। अब लोगों के बीच चर्चा ये हो रही है कि क्या नोवाक शायद कृष्ण भक्त हैं ? यद्यपि इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है कि उनकी तसवीर उनके घर की है या किसी अन्य स्थान की।

नोवाक जोकोविच (Novak Njokovic) का जन्म 22 मई, 1987 को दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश सर्बिया (Serbia) में राजधानी बेलग्रेड (Belgrade) में हुआ था। वर्तमान में नोवाक जोकोविच यूरोपीय महाद्वीप के सबसे छोटे देश मोनाको (Monaco) के मोंटे कार्लो (Monte Carlo) में रहते हैं। नोवाक के जन्म स्थान और निवास स्थान दोनों का निरीक्षण किया जाये, तो इन दोनों स्थानों से भगवान श्री कृष्ण या उनकी लीला का कोई संबंध नहीं मिलता, परंतु जोकोविच के ट्विटर अकाउंट पर शेयर की गई तसवीर में श्री कृष्ण की जो तसवीर है, उसका संबंध राजस्थान से अवश्य है। वास्तव में फोटो में जोकोविच एक बच्चे के साथ खेल रहे हैं। इस तसवीर की पृष्ठभूमि में श्री कृष्ण की तसवीर की स्पष्ट दृष्टिगोचर हो रही है। विशेष बात ये है कि यह तसवीर राजस्थान (Rajasthan) के नाथद्वारा (Nathdwara) के श्रीनाथजी (Shreenathji) की है। इस तसवीर में श्री कृष्ण गोपियों के साथ नज़र आ रहे हैं। ट्विटर पर इस फोटो को Novak Djokovic के लाखों फैंस लाइक कर चुके हैं और साथ ही जय श्री कृष्णा के कॉमेंट भी कर चुके हैं। लोगों का मानना है कि जोकोविच कृष्ण भक्त हैं। दुनिया भर में श्रीनाथ जी (Shreenathji) के भक्त हैं। हर साल देश ही नहीं विदेशों से भी भक्त राजस्थान के नाथद्वारा उनके दर्शन करने आते हैं।

नोवाक जोकोविच वास्तव में कृष्ण भक्त हैं, भगवान श्री कृष्ण में विश्वास या श्रद्धा रखते हैं या नहीं ? इस प्रश्न का उत्तर तो जोकोविच स्वयं ही दे सकते हैं, परंतु यह तसवीर इतना तो अवश्य कहती है कि जोकोविच भारतीय दर्शन और परम्परा में अवश्य विश्वास रखते होंगे। जोकोविच स्वयं कह चुके हैं कि वे नियमित योग व ध्यान करते हैं, जो भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। जोकोविच खेल के मैदान पर प्रतियोगी खिलाड़ी के आक्रमक रवैये के बावज़ूद स्वयं को शांत रख पाते हैं, तो इसके पीछे वे योग और ध्यान को कारण मानते हैं। योग और ध्यान ही जोकोविच को न सिर्फ शांत रखते हैं, अपितु उनकी एकाग्रता भी बढ़ाते हैं।

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