चचेरे भाई के कदम से आहत सुप्रिया का WhatsAPP पर छलका दर्द, ‘Party And Family Split’

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 23 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। लंबे संघर्ष के पश्चात आख़िरकार महाराष्ट्र में सत्ता पलट करते हुए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) यानी भाजपा (बीजेपी-BJP) ने अपनी सरकार बना ली है। 21 अक्टूबर, 2019 को राज्य की 288 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों के बाद से ही महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान के बाद भाजपा-शिवसेना को स्पष्ट जनादेश मिलने के बावज़ूद नई सरकार का गठन नहीं हो सका। यद्यपि शिवसेना राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) व कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई थी और यह कवायद रंग लाने ही वाली थी कि शनिवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस ने अचानक मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। यहाँ तक तो ठीक था, परंतु जब फडणवीस के साथ अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो पूरी एनसीपी, उसके सुप्रीम शरद पवार ही नहीं, अपितु उनकी बेटी सुप्रिया सुळे को भी बड़ा झटका लगा। अजित पवार के इस कदम से सुप्रिया कितनी आहत हैं, इस बात का अनुमान आप उनके WhatsApp पर कई स्टेटस पोस्ट से लगा सकते हैं।

सुप्रिया सुळे राजनीति जगत का एक नामी चेहरा हैं। सुप्रिया एक दमदार राजनेता हैं, परंतु अपने चचेरे भाई अजित पवार के कदम ने सुप्रिया के मनोबल को चोट पहुँचाई है। लोकसभा चुनाव 2014 में सुप्रिया महाराष्ट्र के बारामती सीट से सांसद चुनी गई हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में भी सुप्रिया सांसद चुनी गईं। राजनीतिक होने के साथ सुप्रिया पवार पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (Pawar Public Charitable Trust) की अध्यक्ष हैं और मुंबई की सामाजिक संस्था नेहरू सेंटर ( Nehru Centre) की सदस्य भी हैं। सुप्रिया बारामती में स्थित एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (Agricultural Development) ट्रस्ट की ट्रस्टी भी हैं। सुप्रिया सुळे एक सुलझी हुई राजनेता हैं और संसद में भी सुलझी हुई बहस करती हुई देखी जा सकती हैं।

महाराष्ट्र में बड़े सियासी उलटफेर के बाद एनसीपी नेता सुप्रिया सुळे ने अपने वॉट्सऐप नंबर पर स्टेटस लगाया है, जिसमें उन्होंने लिखा, ‘पार्टी ऐंड फैमिली स्प्लिट’ (पार्टी और परिवार टूट गए)। इससे पहले उन्होंने लिखा, ‘पार्टी और परिवार का बँटवारा।’ सुप्रिया सुळे ने एक और व्हॉट्सएप स्टेटस लगाया जिसमें उन्होंने लिखा, ‘जीवन में क्यों किसी पर भरोसा करें ? मैंने स्वयं को इतना ठगा हुआ पहले कभी महसूस नहीं किया। जिसे इतना प्यार किया, बचाव किया, बदले में देखो क्या मिला ?’ सुप्रिया का परिवार के प्रति प्रेम कई बार इसी तरह छलकता रहा है। इससे पहले महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव 2019 के दौरान जब कई राजनीतिक दलों के नेताओं के बेटे अपनी पार्टियाँ छोड़ कर अन्य पार्टियों में जा रहे थे, तब सुप्रिया ने अपने पिता शरद पवार को उद्धृत करते हुए कहा था, ‘मैं सौभाग्यशाली हूँ कि उन्हें (शरद पवार के) बेटा नहीं है, जो कैरियर बनाने के लिए अपने पिता के साथ ही पार्टी भी छोड़ कर किसी अन्य दल में चला जाए।’ सुप्रिया यह भी कहा था, ‘मैं महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रचलन देख रही हूँ कि बेटे अपने कैरियर के लिए अपने पिता को दूसरे दलों में ले जा रहे हैं। इस तरह की विरासत संभालने वालों से बेटियाँ अच्छी हैं।’

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