VIDEO : खाकी वर्दी के पीछे छिपा एक कोमल हृदय भी होता है…

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 28 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। किसा भी इंसान का चरित्र और उसका स्वभाव का अनुमान केवल उसे देख कर या उसके कार्य से नहीं लगाया जा सकता। जैसे किसी मरीज़ की जान बचाने के लिए एक डॉक्टर को पहले कड़वी दवा देने, इंजेक्शन लगाने और यहाँ तक कि अंगों को काटने तक जैसे कठोर कार्य करने पड़ते हैं, तब कहीं जा कर वह मरीज़ ठीक हो पाता है। उसी डॉक्टर को लोग भगवान तक का दर्जा दे देते हैं, परंतु ड्यूटी के दौरान कड़ी कार्रवाई करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होता। विशेषकर खाकी वर्दी धारी पुलिस वालों को लेकर तो साधारण जन समुदाय में नकारात्मक छवि ही होती है, परंतु ऐसी छवि मन में बनाने वाले यह भूल जाते हैं कि यदि एक पुलिस वाला अपने नरम स्वभाव के साथ ड्यूटी निभाएगा, तो अपराधियों पर लगाम कैसे लगाएगा ? शायद पुलिस के इसी सख़्त व्यवहार की वज़ह से ही हर खाकी वर्दी धारी को एक कठोर दिल इंसान माना जाता है, परंतु कोई उनके पीछे छिपी इंसानियत को नहीं देख पाता। यूँ तो सोशल मीडिया पर आये दिन कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। इसी बीच एक पुलिस कर्मी का दिल को छू लेने वाला वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खाकी वर्दी पहने एक पुलिस कर्मचारी के उदार व कोमल हृदय की स्पष्ट झलक देखी जा सकती है। वीडियो में वह एक बूढ़ी औरत को गले लगाते और उसके आँसू पोंछता दिखाई दे रहा है।

इंडियन पुलिस फाउंडेशन (IPF) ने गत 23 नवंबर, 2019 को ट्वीटर पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘यह कॉन्स्टेबल पुलिस के लिए एक रोल मॉडल होना चाहिए। उसकी संवेदनशीलता और सहानुभूति की गहरी भावना को देखें, जिसके साथ वो कैसे एक बुजुर्ग महिला को सुन रहा है और साथ ही उसके आँसू भी पोंछ रहा है।’ वायरल हुए इस वीडियो में एक पुलिस कॉन्स्टेबल एक बूढ़ी दादी के साथ बैठा है और गले लगाकर उसे सांत्वना देता दिखाई दे रहा है। दरअसल बूढ़ी दादी का पोता पिछले 4 महीनो से दादी के संपर्क में नहीं है। 4 महीने पूर्व उसने बूढ़ी दादी को वीडियो कॉल किया था, जिसमें उसने कहा था कि वह मलेशिया की एक जेल में बंद है। दादी अब अपने पोते को छुड़ाना चाहती हैं। अपनी आपबीती बताते हुए दादी रोने लगीं। दादी के दुःख से दुःखी कांस्टेबल दादी की सहायता करने और दादी को वाहेगुरु (ईश्वर) पर विश्वास रखने को कह रहा है।

वास्तव में पंजाब पुलिस का ये जवान एक मिसाल है उन सभी पुलिस कर्मियों के लिए जो किसी असहाय की सहायता करते हैं या करने का जज्बा रखते हैं। ये उन लोगों के लिए भी उदाहरण है जो पुलिस तो नहीं अपितु एक जिम्मेदार नागरिक हैं। अपने आस-पास रह रहे लोगों की समस्या के सझना हमारा कर्तव्य है। हमें भी इस पुलिस कॉन्स्टेबल की भाँति अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए, ताकि असहाय लोगों की कुछ सहायता हो सके।

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