सड़कों और चौराहों का नहीं है कोई नाम फिर भी आवागमन है सुगम…

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद 24 दिसंबर, 2019 युवाPRESS। किसी अंजान शहर से लेकर अपने स्वयं के शहर में भी कहीं आने-जाने के लिए रास्तों, गलियों और चौराहों के नाम पता होना बहुत ही आवश्यक होता है, परंतु यदि आप एक ऐसे शहर में चले जाएँ, जहाँ रास्तों और चौराहों के नाम ही न हो, तब सोचिए कितना असंभव हो जाए किसी विशेष स्थान पर पहुँचना। वहीं इसके बिल्कुल विपरीत भारत से 6,748 किलोमीटर दूर यानी जर्मनी में Hilgermissen Town एक ऐसा शहर है, जहाँ किसी चौराहे और सड़क का कोई नाम ही नहीं है। ये शहर यूरोप के जर्मनी में स्थित है। ऐसा क्यों है आइए जानते हैं।

हिलगर्मिसन शहर में किसी सड़क या चौराहे का नाम नहीं है, बावजूद इसके यहाँ के लोग चौराहों और सड़कों को सरलता से पहचान लेते हैं, क्योंकि फरवरी-2019 में यहाँ रहने वाले लोगों को यह तय करने के लिए जनमत संग्रह कराया गया था कि स्थानीय सड़कों को नाम दिया जाए या नहीं, जब बात सड़कों और चौराहों को नाम देने की आई तो लोगों ने सड़कों का कोई नाम नहीं देने के पक्ष में वोट किया था, यही कारण है कि यहाँ किसी भी सड़क और चौराहे का कोई नाम नहीं रखा गया है। हालाँकि यह उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण है, जो यहाँ के मूल निवासी नहीं हैं।

1970 के दशक में हिलगर्मिसन शहर का गठन कई छोटे समुदायों को मिला कर किया गया था। इतिहास के अनुसार यहाँ केवल घर के नंबरों और एक पुराने गाँव के नाम से पते बने हुए हैं। हिलगर्मिसन में लगभग 2,200 लोग निवास करते हैं, जिसमें से 60 प्रतिशत लोगों ने जनमत संग्रह में मतदान किया था, उन्होंने कहा था कि वे चाहते हैं कि मौजूदा प्रणाली को बनाए रखा जाए, यानी सड़कों और चौराहों को कोई नाम न दिया जाए। दरअसल परिषद द्वारा यह सुझाव दिया गया था कि प्रत्येक गली को एक नाम देने से आपातकालीन सेवाओं और डिलीवरी ड्राइवरों का काम आसान बनाया जा सकता है, परंतु स्थानीय लोग इसके लिए सहमत नहीं हुए और पुरानी प्रणाली को बरकरार रखा गया।

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