जानिए कौन हैं भारतीय सेना के नए मुखिया मनोज मुकुंद नरवणे ?

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद 17 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। ‘मराठा मानुष’ मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) पिछले 39 वर्षों से भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। अपने इस लंबे करियर में उन्होंने कई प्रतिष्ठित पोस्ट पर कार्य भार संभाला है। जम्मू-कश्मीर में वे काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन का नेतृत्व कर चुके हैं। पूर्वोत्तर में भी उन्होंने कई ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इतना ही नहीं, डिफेंस सर्किल में उन्हें चीन के मामलों का एक्सपर्ट भी माना जाता है। अब मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना (INDIAN ARMY) के सर्वोच्च पद यानी भारतीय सेना अध्यक्ष (INDIAN ARMY CHIEF) के रूप में नियुक्त किए गए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को वर्तमान आर्मी चीफ बिपिन रावत के स्थान पर आर्मी चीफ चुना गया है। दरअसल आर्मी चीफ बिपिन रावत 31 दिसंबर 2019 को रिटायर होने वाले हैं। उनके स्थान पर ही मुकुंद नरवणे को आर्मी चीफ के पद नियुक्त किया गया है। 1 जनवरी, 2020 से 2022 तक मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के आर्मी चीफ का कार्यभार संभालेंगे।

मुकुंद नरवणे का जन्म 22 अप्रैल, 1960 को एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पुणे की ज्ञान प्रबोधिनी प्रशाला में पूरी की। इसके बाद मुकुंद नरवणे ने पुणे की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और देहरादून के भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण लिया। उन्होंने चेन्नई के मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में मास्टर डिग्री और इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम.फिल. किया है। लेफ्टिनेंट जनरल मुकुंद नरवणे का कमीशन जून-1980 में 7वीं सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में हुआ था। इसके बाद से उन्होंने अपने कर्तव्य और निष्ठा का पालन किया है। मुकुंद नरवणे जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के विरुद्ध राष्ट्रीय राइफल्स की एक बटालियन संभाल चुके हैं। वे पूर्वोत्तर में भी एक इंस्पेक्टर जनरल के तौर पर असम राइफल्स के इंस्पेक्टर जनरल भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त अंबाला स्थित खड़ग स्ट्राइक कॉर्प्स में भी उन्होंने सेवाएँ दी है। भारतीय सेना की सेवा करने के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (Param Vishisht Seva Medal- 2019), अति विशिष्ट सेवा पदक (Ati Vishisht Seva Medal-2017), सेना पदक (Sena Medal) और विशिष्ट सेवा पदक (Vishist Seva Medal-2015) से सम्मानित किया जा चुका है।

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