भारत में बनेगा एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट, चीन के शंघाई से छिन जाएगा तमगा

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 30 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से ही भारत कई क्षेत्रों में अपनी अहम भूमिका निभाता आ रहा है। विकास के नाम पर भारत ने अपना स्थान शिखर पर लिखवा लिया है। इसी कड़ी में अब भारत एशिया का दूसरा ऐसा देश बनने की तैयारी में है, जिसके तहत भारत में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। दरअसल ग्रेटर नोएडा के समीप नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण होने जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य का ठेका लेने मेंस्विट्जरलैंड (Switzerland) की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट (Zurich Airport) ने बाज़ी मार ली है। स्विट्जरलैंड की कंपनी ने राजस्व में हिस्सेदारी के मामले में अंतरराष्ट्रीय निविदा में प्रति यात्री सबसे ऊँची बोली लगाई और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (Delhi International Airport Limited) यानी DIAL, अदाणी इंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) और एंकरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स लिमिटेड (Anchorage Infrastructure Investments Holdings Limited) यानी AIIHL जैसी कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए एयरपोर्ट निर्माण का कार्य अपने हाथ में लेने में सफलता प्राप्त की है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट या ताज आंतरराष्ट्रीय विमानतल (Jewar International Airport) का निर्माण उत्तर प्रदेश में नोएडा के जेवर में होने जा रहा है। इस हवाई अड्डे में 6 से 8 हवाई रन-वे होंगे, जो देश के किसी भी हवाई अड्डे की तुलना में सबसे अधिक होंगे। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 5000 हेक्टेयर क्षेत्र चुना गया है। एयरपोर्ट निर्माण में कुल लागत 29560 करोड़ रुपये बताई जा रही है, साथ ही 2023 तक प्रोजेक्ट बन कर तैयार होने की उम्मीद की जा रही है। यह एयरपोर्ट पैसेंजर के साथ-साथ कार्गो और एमआरओ के लिए भी बनाया जाएगा, जिससे लाखों लोगों को रोजगार भी मिल सके। एयरपोर्ट का निर्माण 4 चरणों में होगा। पहले फेज में यहाँ से 2023 से 2027 तक 12 मिलियन पैसेंजर्स उड़ान भरेंगे। वहीं चौथे फेज के निर्माण के बाद 2050 तक 70 मिलियन पैसेंजर यहाँ से उड़ान भरने लगेंगे। एयरपोर्ट बनने के बाद रोड, रेल, मेट्रो व हाईस्पीड ट्रेन से दिल्ली-एनसीआर और यूपी के आसपास के जिलों को जोड़ा जाएगा। इससे लोग आसानी से एयरपोर्ट आकर हवाई जहाज की यात्रा कर सकेंगे। यहाँ हवाई जहाजों की सर्विस और रिपेयरिंग आदि की भी सुविधा होगी। इतना ही नहीं, इस एयरपोर्ट के बनने के बाद भारतीय विमनों को मेंटेनेंस के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा।

विश्व का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सउदी के दामम में है, जिसका नाम है किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Fahd International Airport)। यह एयरपोर्ट 77,600 हेक्टेयर में बना हुआ है। दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर है अमेरिका। अमेरिका का DENVAR इंटरनेशनल एयरपोर्ट 13,571 हेक्टेयर में फैला हुआ है और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है।तीसरे नंबर पर डलास इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Dallas/Fort Worth International Airport), जिसका निर्माण 6,963 हेक्टेयर में किया गया है और चौथे नंबर पर ऑर्लैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Orlando International Airport) है, जो 5,383 हेक्टेयर में बना है। इसी प्रकार 5000 हेक्टेयर में तैयार होने जा रहा जेवर एयरपोर्ट विश्व का 5वाँ सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा। एशिया की बात करें, तो नंबर वन पर किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। हाल में एशिया में दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट चीन में शंघाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Shanghai International Airport) है, जो 3,988 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, परंतु जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद भारत एशिया में दूसरे नंबर के सबसे बड़े एयरपोर्ट के मामले में चीन और उसके शंघाई एयरपोर्ट को मात दे देगा। यह तो स्वाभाविक ही है कि जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी होगा, जबकि हाल में भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट हैदराबाद एयरपोर्ट है, जो लगभग 2,224 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है।

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