पर्रा की प्रशंसनीय पहल : हर गाँव लगाए ऐसा टैक्स, तो स्वच्छता धरती पर उतर आए

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 5 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। आप, हम और हममें से कई लोग टैक्स भुगतान को लेकर उतने सक्रिय या जागृत नहीं होते, जितने कि होना चाहिए। भारत का प्रत्येक नागरिक यदि कर भुगतान का अपना उत्तरदायित्व उचित ढंग से निभाए, तो सरकार का कार्य बहुत ही आसान हो जाए, क्योंकि आपके प्रामाणिकता से भुगतान किए गए टैक्स के कारण ही सरकार का जन कल्याण के कार्य करती है। यद्यपि कई बार यह टैक्स लोगों को बोझ लगता है, तो कुछ शासक-प्रशासक इस टैक्स के नाम पर अच्छी और प्रशंसनीय पहल भी कर जाते हैं। कुछ ऐसा ही किया है गोवा गाँव पर्रा ने। इस गाँव में एक अनोखा ही टैक्स लगाया गया है, जिसके अनुसार अब वहाँ आने वाले यात्रियों को एक अनोखा टैक्स चुकाना होगा। आइए जानते हैं क्या है पुरा मामला।

पर्रा गाँव (Parra village) उत्तरी गोवा में बर्देज़ तहसील में अंजुना और वागाटर गाँवों के पास बसा एक विशाल भूमि क्षेत्र है, परंतु इसका अधिकांश भूभाग कृषि है। पार्रा के निवासियों को “पोरीकर” के नाम से जाना जाता है। पर्रा मीठे, लाल तरबूजों के लिए प्रसिद्ध है। पर्रा की सबसे बड़ी पहचान गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर हैं, जिन्होंने गोवा के विकास और उसकी उन्नति के लिए कई सराहनीय कार्य किए हैं। मनोहर पर्रिकर इसी गाँव के निकट स्थित मापुसा के रहने वाले थे। पर्रिकर देश के एक ऐसे राजनेता थे, जो अपनी सादगी के लिए विख्यात थे। पर्रिकर 4 बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे। 17 मार्च, 2019 को कैंसर की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। गोवा के विख्यात कालान्‍गुते बीच से सटा यह गाँव चर्च की ओर जाती अपनी सुंदर सड़क के लिए बहुत प्रसिद्ध है। अपनी सुंदरता की वजह से यहाँ कई बॉलीवुड फिल्‍मों की शूटिंग भी हो चुकी है।

पर्यटकों पर 100 रुपये का ‘स्‍वच्‍छता टैक्‍स’

पर्रा गाँव में पंचायत ने वहाँ तसवीर खिंचाने और वीडियो बनाने वाले टूरिस्‍टों पर 100 रुपये का ‘स्‍वच्‍छता टैक्‍स’ लगा दिया है। वास्तव में ये टैक्स स्वच्छ भारत को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है, क्योंकि अक्सर लोग यहाँ की सुन्दरा को तो देखने आते हैं, परंतु अपने पीछे ढेरों गंदगी छोड़ जाते हैं। स्वच्छता के नज़रिए से देखा जाए तो ये पहल वास्तव में सराहनीय है, देश के हर पर्यटक स्थलों पर इस प्रकार की पहल होनी चाहिए, इससे न केवल भारत का राजकोष बढ़ेगा, अपितु स्वच्छ भारत का सपना भी साकार होगा।

पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध

कई पर्यटकों ने ऑडियो क्लिप के माध्य से सोशल मीडिया इस टैक्स का विरोध भी किया था। पर्यटकों का कहना था कि ऐसे प्रतिबंधों के बीच दोबारा गोवा आना कठिन है, वहीं गाँव की सरपंच डेलिलाह लोबो का कहना है, ‘यह टैक्‍स यहाँ आकर शोर-शराबा और हुड़दंग मचाने वालों को भगाने के लिए लागू किया गया है। हालाँकि पंचायत का ये निर्णय कई तरह से उत्तम और कारगर सिद्ध हुआ है। गाँव वालों को ‘स्‍वच्‍छता टैक्‍स की बदौलत शराबी टूरिस्‍टों और उनकी फैलाई गंदगी से छुटकारा मिल गया है। गाँव में एक बोर्ड लगा है, जिसमें टूरिस्‍टों को टैक्‍स की जानकारी दी गई है, इसके अलावा यहाँ टैक्‍स वसूली के लिए एक व्यक्ति भी तैनात किया गया है, जो टैक्स एकत्र करेगा। उल्लेखनीय है कि सरपंच डेलिलाह लोबो गोवा के अपशिष्‍ट प्रबंधन (WASTE MANAGEMNET) मंत्री माइकल लोबो की पत्‍नी हैं।

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