VIDEO-PHOTO : चिली में आख़िर क्यों मची है ‘चिल्लहट’ ? जानिए इस ख़बर में

*किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि के विरुद्ध सड़कों पर उतरी जनता

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 26 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। भारत में जहाँ एक तरफ कथाकथित मंदी की चर्चाएँ हो रहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत से 14,953 किलोमीटर दूर दक्षिण अमेरिका के चिलि में आर्थिक सुधार को लेकर एक जन आंदोलन की शुरू हो चुकी है, जिसकी गूँज आज सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में फैल गई है। चिली (Chile) जैसा आर्थिक मजबूत, शांत और सुंदर देश आज एक युद्ध क्षेत्र बन गया है, जबकि चिली मानव विकास, प्रतिस्पर्धा, प्रति व्यक्ति आय, वैश्वीकरण, आर्थिक स्वतंत्रता और भ्रष्टाचार के सभी मापदण्डों को पार कर एक भ्रष्टमुक्त देश है। जुलाई 2013 में चिली को विश्व बैंक ने एक विकसित देश के रूप में “उच्च आय अर्थव्यवस्था” वाले राष्ट्र की श्रेणी में रखा था। अब सोचने वाली बात ये है कि उच्च आय अर्थव्यवस्था होने के बाद भी चिली में अर्थव्यवस्था को लेकर ये जन सैलाब क्यों उमड़ा है ?

मेट्रो किराए में वृद्धि बना आंदेलन का कारण

वास्तव में चिली सरकार ने मेट्रो किराए में 30 फीसदी की वृद्ध‍ि की घोषणा की, जिससे नाराज़ लोगों ने 17 अक्टूबर, 2019 को सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जो एक सप्ताह से जारी है। विरोध प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आर्थिक व्यवस्था में सुधार किया जाए और राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा (Sebastián Piñera) अपना इस्तीफा दे दें। इस प्रदर्शन में हजारों-लाखों की संख्‍या में लोग जमा होकर नारे लगा रहे हैं। सैंटियागो में मीलों तक लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है और अब इस महा आंदोलन की चर्चा सोशल मीडिया पर भी प्रमुखता फैल गई है, हालाँकि इसके बाद सरकार ने कुछ छूट लेने की घोषण की है, परंतु प्रदर्शनकारी असंतुष्ट ही नज़र आ रहे हैं। इस जन आंदोलन में अबतक 18 से अधिक लोगों अपनी जान गवाँ चुके हैं और 535 से भी अधिक लोग घायल हो चुके हैं। भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए चिली पुलिस अबतक 2400 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

राष्‍ट्रपति ने चिली में लगाई इमर्जेंसी

राष्‍ट्रपति पिनेरो मामलों को संभलने के लिए जल्‍द ही नागरिकों के बुनियादी पेंशन में 20 की वृद्धि, बिजली शुल्‍क मुक्‍त और चिकित्‍सा क्षेत्र में भी एक पैकेज देने की घोषणा की, परंतु इसके बाद भी जब जनता शाँत नहीं हुई, तो राष्‍ट्रपति ने चिली में इमरजेंसी की घोषणा कर दी। चिली के लिए यह एक बहुत ही संकट का समय है, क्योंकि बहुत जल्द एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन होने वाला है और लैटिन अमेरिकी को इस सम्मेलन की मेजबानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है साथ ही संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन भी चिली में होने वाला है।

समृद्ध देशों में से एक है चिली

चिली दक्षिण अमेरिका के सबसे अधिक स्थिर और समृद्ध देशों में से एक है। 2002 की जनगणना के अनुसार चिली में 15 लाख लोग निवास करते हैं। चिली की राजधानी सेंटियागो में स्थित बैंक चिली देश के लिए केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य करते हैं। चिली की मुद्रा चिली पीसो (CLP) है। चिली दक्षिण अमेरिकी में एंडिज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित एक लंबा और संकरा देश है, जिसके चिली दक्षिण अमेरिकी में एंडिज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित लंबा और संकरा देश है। 17वीं सदी के स्पेनिश इतिहासकार डिएगो डी रोसेल्स के अनुसार पिकूंचे के आदिवासी मुख्यमंत्री इंकास के भ्रष्टाचार से परेशान लोग अकोंकागुआ की घाटी को “मिर्च” की घाटी कहा करते थे। 1900 शताब्दी तक इसे चिली नाम से संबोधित किया जाने लगा जो आज भी विद्यमान है।

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