मोदी के ‘नवरत्न’ : न जाति-न धर्म, जन-जन के जीवन में बह रही विकास की धारा…

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 6 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। कथाकथित मंदी के दौर में भी मोदी सरकार एक धारा प्रवाह गति से अपना कार्य कर रही है। 30 अक्टूबर, 2019 तक के बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) के औपचारिक वेबसाइट पर जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार मोदी सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं से लगभग 106 करोड़ 64 लाख 45 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने देश की तसवीर ही बदल दी है। बदलते भारत की इस तसवीर में एक नई दो नहीं अपितु अनगिनत रंग भरे हुए हैं, जिनसे समाज का हर वर्ग लाभ ले रहा है और अपने सुखद जीवन सा संचालन कर रहा है। आज हम बदलते भारत की तसवीर के इन्हीं रेगों के कुछ रंग लेकर आए हैं, अर्थात कुछ ऐसी योजनओं का संग्रह जो नाम से ही नहीं काम से भी असरदार साबित हुई हैं। आइए बात करते हैं मोदी सरकार की एक ऐसा योजना के विषय में जिसका नाम ही रंगों के सरताज इंद्रधनुष पर रखा गया है यानि मिशन इंद्रधनुष योजना ऐसी कई सारी योजनाएँ हैं जिसका उल्लेख हम आगे इसे लेख में करेंगे। पहले बात करते हैं मिशन इंद्रधनुष योजना के विषय में।

मिशन इंद्रधनुष योजना

मिशन इंद्रधनुष (Mission Indradhanush) एक ऐसी योजना है, जिसे भारत सरकार ने उन बच्चों के ध्यान में रख कर शुरू की है, जो शुरुआती देखभाल न मिलने से किसी अनचाही बीमारी के शिकार हो जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत सभी नवजात शिशुओं को टीकाकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। मिशन इंद्रधनुष योजना का शुभारंभ 25 दिसंबर, 2014 को किया गया था। मिशन इंद्रधनुष योजना के तहत 30 अक्टूबर, 2019 तक 3.39 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण करने का काम पूर्ण हो चुका है। इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाला मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य उन बच्चों का 2020 तक टीकाकरण करना है जिन्हें टीके नहीं लगे हैं या डिफ्थेरिया, बलगम, टिटनस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपिटाइटिस-बी रोकने जैसे सात टीके आंशिक रूप से लगे हैं।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

मोदी सरकार धन की से जूझ रहे, अंधाकार, निराशा में जीवन बसर करने वाले लोगों के लिए ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) ले कर आई थी। देश के हर आदमी तक जीवन बीमा का लाभ पहुँचाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 9 मई 2015 को PMJJBY शुरू की थी, इस योजना के तहत अब तक 6.30 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। 1 रुपया रोजाना से भी कम प्रीमियम में 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर मोदी सरकार उपलब्‍ध करा रही है। इस पॉलिसी के लिए वर्ष में मात्र 330 रुपये का प्रीमियम देना होता है, जिसके बदले 2 लाख रुपये का जीवन बीमा मिलता है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत टर्म प्लान लेने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 50 साल है, इस पॉलिसी की परिपक्वता (मैच्योरिटी) की उम्र 55 वर्ष है। यह रकम आपके बैंक खाते से ईसीएस के जरिए ली जाती है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना में बीमा धारक को 2 लाख रुपए का दुर्घटना कवर दिया जाता है। इसकी घोषणा तत्कालीन वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 28 फरवरी, 2015 को अपने वार्षिक बजट 2015-16 में की थी। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से अब तक 16.62 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना मोदी सरकार की एक बीमा योजना है। इसमें बेहद मामूली रकम देकर दुर्घटना बीमा कराया जा सकता है। दरअसल, इस योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य बीमा से वंचित लोगों को बहुत ही मामूली भुगतान देकर बीमा कवर उपलब्ध कराना है। इसमें केवल 12 रुपये का वार्षिक प्रीमियम देकर 2 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कराया जा सकता है।

अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना (APY) के तहत कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकता है. 60 साल की उम्र से आपको APY के तहत पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा। अटल पेंशन योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई, 2015 को कोलकाता में लॉन्च किया था। अटल पेंशन योजना (APY) के सदस्यों की संख्या 1.84 करोड़ से अधिक है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत है थी। चालू वित्त वर्ष में अटल पेंशन योजना के नामांकन को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। 31 अक्टूबर, 2019 तक अटल पेंशन योजना के 36 लाख से ज्यादा खाते खोले गए हैं। पीएफआरडीए ने मार्च 2020 तक 2.25 करोड़ लोगों को इस पेंशन योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) में मध्यम आय वर्ग के ऐसे लोगों को जिनकी वार्षिक आय 6 लाख से 12 लाख रुपए के बीच है, उन्हें 9 लाख रुपये के 20 साल अवधि वाले होम लोन (Home Loan) पर 4 फीसदी की ब्याज सब्सिडी देने के लिए 25 जून, 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत हुई। 30 अक्टूबर, 2019 तक प्राप्त आंकड़ें के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए 1.78 करोड़ से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और लोगों को उन्हें घरों की चाबियाँ सुपुर्द भी कर दी गई हैं। केंद्र की मोदी सरकार 2022 तक देश के हर गरीब को घर देने के लिए कटिबद्ध है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्राकृतिक आपदा के चलते भारत में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। बाढ़, आंधी, ओले और तेज बारिश से उनकी फसल खराब हो जाती है. उन्हें ऐसे संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शुरू की है, इस योजना को 13 जनवरी, 2016 को शुरू किया गया था। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 5.19 से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है। इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी या AIC) इस योजना को चलाती है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) इस योजना के तहत प्रति वर्ष प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की कल्पना की गई है, इससे 50 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे आयुष्मान भारत योजना (ABY) भी कहा जाता है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 58 लाख से अधिक लाभ उठा चुके हैं। इस योजना के तहत कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1300 बीमारियाँ शामिल की गई हैं। विश्व की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को वार्षिक 5 लाख रुपए का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है। इस स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल, 2018 को भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से आरम्भ किया था।

डिजिटल भारत

डिजिटल इंडिया भारत सरकार की एक पहल है, जिसके तहत सरकारी विभागों को देश की जनता से जोड़ना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना कागज के प्रयोग के सरकारी सेवाएँ इलेक्ट्रॉनिक रूप से जनता तक पहुँच सकें। डिजिटल भारत के तहत 1.26 लाख से अधिक ग्राम पंचायों को ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से जोड़ा जा चुका है। इसके अतिरिक्त 3.17 करोड़ लोगों ने डिजिलॉकर में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, साथ ही 1.67 करोड़ से अधिक किसान और विक्रेता e-NAM पोर्टल से जुड़ चुके हैं।

सॉइल हेल्थ कार्ड

किसान को उसकी फसल की अच्छी पैदावार के लिए सबसे जरूरी मिट्टी होती है। अगर मिट्टी की गुणवत्ता अच्छी नहीं होगी, तो फसल की क्वालिटी भी अच्छी नहीं होगी। इसी संबंध में मोदी सरकार ने 17 फरवरी, 2015 को किसानों से संबंधित मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Yojana) की शुरुआत की। सॉइल हेल्थ कार्ड के तहत अब तक 21.75 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

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