‘शिवांगी’ : भारत की 2 ऐसी बेटियाँ, जिन्होंने छू लिया आसमान…

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद 2 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। नाम एक, प्रतिभा एक, कार्य एक, परंतु शहर अलग, कर्म भूमि अलग और पहचान अलग। आज हम बात करने जा रहे हैं भारत की दो ऐसी बेटियों की, जिनका नाम एक ही है शिवांगी अर्थात भगवान शिव का एक अंग। अपने नाम की तरह इन दोनों का काम भी बहुत ही बहादुरी और दिलेरी वाला है, क्योंकि ये दोनों ही भारतीय पायलट हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं 2018 में वायु सेना में शामिल हुई उत्तर प्रदेश की पहली फाइटर पायलट शिवांगी सिंह (Fighter Pilot Shivangi Singh) और 2019 में नौसेना में शामिल होने वाली पहली पायलट सब लेफ्टिनेट शिवांगी स्वरूप (sub-Lieutenant Shivangi Swaroop) की। राष्ट्र सेवा का जज़्बा इन दोनों ही शिवांगी की रगों में दौड़ रहा था, जिसके चलते आज वे भारत की नौसेना (INDIAN NAVY) और वायुसेना (INDIA AIR FORCE) की पायलट बन गई हैं। भारत की सुरक्षा में महिलाओं का बढ़ता योगदान बहुत ही सराहनीय है। शिवांगी जैसी कई युवतियों ने भारत की जल, थल और वायु सेना में शामिल होकर देश की बेटी होने का कर्तव्य निभाया है। ऐसा ही सपना लिए देश की इन दोनों बेटियों ने नौसेना और वायुसेना के पायलटों के रूप में भारत की सुरक्षा करने का बीड़ा उठाया है। आइए पहले बात करते हैं, वायुसेना की फाइटर पायलट शिवांगी सिंह की।

शिवांगी सिंह ने यूपी की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। शिवांगी वाराणसी के फुलवरिया क्षेत्र की रहने वाली हैं। इनके पिता कुमारेश्वर सिंह एक व्यवसायी है। शिवांगी ने विज्ञान से स्नातक करने के दौरान ही एयर राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) जॉइन कर ली था। भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के तौर पर शामिल होने वाली शिवांगी ने अपनी आरंभिक ट्रेनिंग बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के 7 यूपी एयर एनसीसी (7-UP Air National Cadet Corps) से कैडेट कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट (Cadet Common Aptitude Test) क्वालिफाई करने के बाद से शुरू की थी। इसके बाद उनका चयन हैदराबाद स्थित वायुसेना के प्रशिक्षण केंद्र के लिए हुआ। 16 नंबर, 2018 को पासिंग आउट परेड (Passing Out parade) के बाद वह बतौर फाइटर पायलट भारतीय वायुसेना में शामिल हो गईं। शिवांगी सिंह सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए चुनी गई हैं। शिवांगी ने न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, यद्यपि वे दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा भी बनीं। शिवांगी अपनी सफलता का श्रेय मम्मी-पापा और नाना को देती हैं।

अब बात करते हैं शिवांगी स्वरूप की, जो भारतीय नौसेना में फिक्स्ड विंग डोर्नियर सर्विलांस (Fixed Fing Dornier Surveillance) विमान उड़ान के लिए पहली महिला पायलट (First Woman Piolt) का दर्जा प्राप्त कर चुकी हैं। सब लेफ्टिनेंट शिवांगी को कोच्चिं में ऑपरेशन ड्यूटी में शामिल किया गया है। शिवांगी स्वरूप बिहार के मुज़फ्फरपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई बखरी स्थित Dayanand Anglo Vedic Public School (DAV Public School) से की है। 12वीं करने के बाद शिवांगी ने सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Sikkim Manipal Institute of Technology) से बीटेक किया। इसके बाद शिवांगी केरल स्थित भारतीय नौसेना अकादमी-एझिमाला (Indian Naval Academy Ezhimala) यानी INA-AZHIMALA में 27 एनओसी (27-NOC) कोर्स के लिए एसएससी (SSC) पायलट के तौर पर भारतीय नौसेना में शामिल हुईं। शिवांगी को पिछले वर्ष जून में वाइस एडमिरल ए. के. चावला (Vice Admiral Anil Kumar Chawla) ने औपचारिक तौर पर कमीशन किया था। शिवांगी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा तैयार किए गए ड्रोनियर 228 एयरक्राफ्ट को उड़ाएँगी। इस प्लेन को कम दूरी के समुद्री मिशन पर भेजा जाता है। इसमें अडवांस सर्विलांस रेडार, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और नेटवर्किंग जैसे कई शानदार फीचर्स मौजूद हैं। इन फीचर्स के दम पर यह प्लेन भारतीय समुद्र क्षेत्र पर निगरानी रखने की क्षमता रखता है।

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