गुजरात में लागू होगा GUJCTOC और सीमाएँ होंगी सील, ऐसे पाकिस्तान को पस्त करेगा भारत

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 27 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारत में विशेष कर कश्मीर में आतंकवाद की तस्करी करने में नाकाम होने के बाद अब पाकिस्तान ने ड्रग्स तस्करी के जरिये भारत में नये तरह के आतंकवाद को फैलाने का षड़यंत्र रचा है, परंतु भारत ने भी उसके इस षड़यंत्र को विफल करने की पूरी तैयारी कर ली है। सीमावर्ती राज्य गुजरात में ‘गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज़्म एंड ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम एक्ट (GUJCTOC)’ को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से राज्य सरकार पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सत्ता और अधिकार देकर मजबूत बनाएगी और अपराध नियंत्रण के लिये आतंकवादी कृत्यों और संगठित अपराधों के खिलाफ विविध कड़े प्रावधानों को लागू कर सकेगी। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अर्द्ध सैनिक बलों की मदद से भारत की सभी सीमाओं को सील करने और ड्रग्स तस्करी के रास्तों की मैपिंग करने का खाका तैयार किया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी अर्द्ध सैनिक बलों के डीजी, खुफिया विभाग के अधिकारियों, सीबीआई और कस्टम विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक करके प्लानिंग की है।

सीमावर्ती गुजरात में GUJCTOC होगा लागू

इसी के अंतर्गत सीमावर्ती राज्य गुजरात में ‘गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज़्म एंड ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम एक्ट (GUJCTOC)’ को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से राज्य सरकार पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सत्ता और अधिकार देकर मजबूत बनाएगी और अपराध नियंत्रण के लिये आतंकवादी कृत्यों और संगठित अपराधों के खिलाफ विविध कड़े प्रावधानों को लागू कर सकेगी। राज्य सरकार के गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा ने इस बाबत बुधवार को घोषणा की कि इस कानून को राज्य में 1 दिसंबर से लागू किया जाएगा और विशेष कर ड्रग्स तस्करी रोकने के अलावा आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिये इस कानून में सजा के कड़े प्रावधान किये गये हैं। इस कानून को बड़े शहरों के अलावा सीमावर्ती इलाकों में सख्ती से लागू किया जाएगा।

भारत की सभी सीमाएँ होंगी सील

उधर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने भी सीमा पार से ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिये बड़ी तैयारी की है। पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम करने के लिये गृह मंत्रालय ने सीमाओं के उन इलाकों की मैपिंग कराने का प्लान बनाया है, जिन रास्तों से तस्करी की थोड़ी सी भी आशंका रहती है। इसके लिये केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी अर्द्ध सैनिक बलों के डीजी, खुफिया विभाग के अधिकारियों, सीबीआई और कस्टम विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक करके प्लानिंग की है। बैठक के बाद भारत पाकिस्तान सीमा के अलावा, भारत बांग्लादेश, भारत नेपाल, भारत चीन, भारत भूटान और भारत म्यांमार सीमा से सटे जिन इलाकों से ड्रग्स तस्करी की आशंका रहती है, उन इलाकों के लिये एक विशेष कार्य बल तैयार किया जाएगा, जिसमें अर्द्ध सैनिक बलों, इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीबीआई, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो व कस्टम विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। इसी के साथ जिन इलाकों से सबसे ज्यादा ड्रग्स भारत में घुसपैठ कराया जाता है, उन इलाकों में पैदल या बाइक से पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी तथा तस्करी के रास्तों की जानकारी जुटा कर उन रास्तों को भी सील किया जाएगा।

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