VIDEO : सावधान ! केबीसी लॉटरी के नाम पर धड़ल्ले से चल रही है लूट !

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 19 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। कौन बनेगा करोड़पति (KBC) आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। अमिताभ बच्चन होस्टेड केबीसी जहाँ एक तरह से बुद्धि कौशल्य का खेल है, वहीं निर्धनों की बहुलता वाले हमारे देश के करोड़ों निर्धनों के दिल में यह खेल करोड़पति बनने का लालच भी पैदा करता है और यही कारण है कि केबीसी के नाम पर हजारों-लाखों लोगों से धोखाधड़ी का एक अनोखा गोरखधंधा भी चल निकला और आश्चर्य की बात यह है कि यह गोरखधंधा आज भी बदस्तूर जारी है। इतना ही नहीं, स्वयं को आधुनिक युग के इंसान बताने वाले हजारों बुद्धिशाली, परंतु लालची लोग ऐसी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। ये ऐसे लोग हैं, जो अपने मोबाइल फोन पर केबीसी की ओर से कॉल आते ही बावरे हो जाते हैं और बिना जाँच-पड़ताल किए धोखाधड़ी करने वालों के जाल में फँस कर अपना सब कुछ लुटाने को आतुर हो जाते हैं।

इन दिनों केबीसी के नाम पर एक नए ही तरीके की धोखाधड़ी चल रही है। इसके अंतर्गत लोगों के मोबाइल में वॉट्सएप पर मैसेजेस आते हैं, जिसमें केबीसी की ओर से आप 25 लाख, 35 लाख या ऐसी ही कोई बड़ी रकम जीतने की बात कही जाती है। कई लोगों को तो फर्जी कॉल भी आते हैं, जिसमें यही बात कही जाती है कि आपके नाम केबीसी की लॉटरी खुली है और आप 35 लाख रुपए का पुरस्कार जीत चुके हैं। इसमें लॉटरी नंबर, वॉट्सएप नंबर भी होता है। इसके बाद धोखाधड़ी करने वाले वही पुरानी पद्धति अपनाते हैं। ईनामी रकम पाने के लिए लोगों से रुपए जमा कराने को कहा जाता है। लालच में आकर लोग बताए गए बैंक खाते में रकम जमा करा देते हैं, परंतु ईनामी राशि नहीं मिलती।

नीचे दिए गए VIDEO में आप ऐसी ही एक फर्जी कॉल का ऑडियो सुन सकते हैं :

गाज़ियाबाद में महिला से गँवाए 37 हजार रुपए

यह फेक वीडियो सुनने के बाद आपको सावधान हो जाने की आवश्यकता है। स्वयं केबीसी की ओर से अमिताभ बच्चन कई बार टीवी पर लोगों को अलर्ट करते रहते हैं कि केबीसी की ओर से किसी को कोई लॉटरी जीतने या अन्य किसी भी प्रकार की रकम जमा करवाने के लिए कोई कॉल नहीं किया जाता, परंतु वह कहावत है न कि ‘जहाँ लोभी हों, वहाँ लुटेरों की निकल पड़ती है’। ऐसा ही कुछ हुआ उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की एक महिला के साथ हुआ। इंदिरापुरम के कनावली क्षेत्र की निवासी प्रीति सचिन कुमार नामक एक महिला के वॉट्सएप पर वीडियो मैसेज आया, जिसमें केबीसी की धुन और बैकग्राउंड में इससे जुड़े वॉलपेपर चल रहे थे। इस संदेश में प्रीति को बताया गया कि उनकी 25 लाख की लॉटरी खुली है। एक मोबाइल नंबर भी दिया गया। मैसेज में इस नंबर पर तत्काल कॉल करने को कहा गया। महिला ने कॉल किया, तो सामने वाले ने स्वयं को केबीसी अधिकारी बताया और प्रीति से कहा कि उन्हें पहले सदस्य बनना होगा, जिसके लिए 12 हजार रुपए जमा कराने होंगे। महिला ने 12 हजार रुपए जमा करा दिए। फिर लॉटरी प्रोसेस शुल्क के नाम पर 25 हजार रुपए जमा करवाए गए। लोभ में मतिभ्रष्ट हो चुकी प्रीति ने कुल 37 हजार रुपए जमा करा दिए। रुपए जमा होते ही प्रीति को दिया गया मोबाइल नंबर बंद हो गया। अब मामला इंदिरापुरम पुलिस थाने में दर्ज है। आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि प्रीति के पति सचिन कुमार आसपास की सोसाइटियों में गाड़ियाँ साफ करने का काम करते हैं। ऐसे में यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रीति एक ग़रीब महिला है और उसके लिए 37 हजार रुपए कितनी बड़ी रकम है। प्रीति के इस किस्से के बाद हर किसी को सावधान हो जाना चाहिए।

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