पीएम मोदी ने दिये 5 दीवाली गिफ्ट : आप जानते हैं क्या ?

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 23 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। दीपावली का पर्व निकट आ गया है। ऐसे में हर कोई अपने प्रियजनों को प्रसन्न करने में लगा हुआ है। पेरेन्ट्स अपने बच्चों के लिये, तो युवा संतानें अपने बुजुर्ग पेरेन्ट्स के लिये खरीदारी करने में जुटे हैं। पीएम मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि देश की 137 करोड़ जनता ही उनका परिवार है। इसीलिये वो भी अपने परिजनों यानी प्रिय देशवासियों को एक के बाद एक तोहफे दे रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में उन्होंने देश के किसानों के लिये दीवाली गिफ्ट के समान उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने को मंजूरी दी। इसके अलावा इसी बैठक में उन्होंने दिल्ली में सरकारी जमीनों पर बनी अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लगभग 40 लाख परिवारों को भी बड़ी राहत देने वाली घोषणा की और बताया कि सरकार उनकी कॉलोनियों को उजाड़ कर उन्हें बेघर नहीं करेगी, बल्कि उनकी कॉलोनियों को वैध बनाएगी। इसके अलावा बीएसएनएल और एमटीएनएल को मर्ज करने का फैसला किया है। चौथे फैसले में केन्द्र सरकार ने गैर पेट्रोलियम कंपनियों को भी पेट्रोल पंप खोलने की मंजूरी दे दी है और पाँचवां फैसला इण्डो-तिब्बत बोर्डर पुलिस (ITBP) को लेकर किया है। केन्द्र सरकार ने आईटीबीपी के कैडर को रिव्यू करने का फैसला किया है। इससे आईटीबीपी में भर्तियों के विकल्प मिलेंगे। आईटीबीपी से जुड़कर देशसेवा करने के इच्छुक देश के युवाओं को इसमें भर्ती होने का अवसर मिलेगा। इससे पहले पीएम मोदी केन्द्रीय कर्मचारियों का डीए बढ़ा चुके हैं। इस प्रकार पीएम बारी-बारी से हर तबके के लिये कोई न कोई बड़ा ऐलान कर रहे हैं।

रबी फसल के लिये बढ़ाया जौ और गेहूँ का समर्थन मूल्य

दरअसल केन्द्र सरकार ने गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 85 रुपये बढ़ा कर 1,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। जो अभी 1,840 रुपये है। जौ का समर्थन मूल्य भी 85 रुपये बढ़ा कर 1,440 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ा कर 1,525 रुपये कर दिया है। इसी प्रकार दलहनों की एमएसपी में 325 रुपये का इजाफा किया है। मसूर का एमएसपी 325 रुपये बढ़ा कर 4,800 रुपये कर दिया गया है, जो कि 4,475 रुपये प्रति क्विंटल था। इसी प्रकार तिलहन के एमएसपी में 225 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सरकार का मानना है कि दलहन में 325 रुपये की बढ़ोतरी से किसान दलहन की खेती के लिये प्रोत्साहित होंगे।

दिल्ली की 1,797 अवैध कॉलोनियाँ बनेंगी वैध

केन्द्र सरकार ने राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों पर बन चुकी 1,797 अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे लोगों के लिये बड़ा ऐलान किया है। मोदी सरकार के इस ऐलान से इन अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लगभग 40 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी के अनुसार ऑनरशिप मिलने के बाद इन कॉलोनियों का विकास होगा। इनमें सड़कें बनेंगी, सीवर बनेगा, पार्क बनेंगे। सरकार बहुत कम रेट पर जमीन की रजिस्ट्री करेगी। सरकार जल्दी ही इस फैसले को लागू करेगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दावा किया था कि दिल्ली सरकार केन्द्र सरकार के साथ मिल कर अवैध कॉलोनियों के निवासियों को उनका हक दिलाने के लिये काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि दिल्ली सरकार इस काम के लिये ब्लू प्रिंट तैयार कर चुकी है। इन कॉलोनियों को 3 श्रेणियों में विभाजित करके वैध बनाने का काम किया जाएगा। दो फेज में कॉलोनियों को नियमित करने का काम किया जा रहा है। पहले फेज में 1,797 कॉलोनियाँ हैं। इसके बाद भी अगर कॉलोनियाँ बच गईं तो केन्द्र ने लिखा है कि 1 जनवरी 2015 तक बनी 1,797 अवैध कॉलोनियों के अलावा कोई कॉलोनी बच गई होगी तो उसकी भी लिस्ट तैयार की जाएगी। दिल्ली सरकार ने 2 नवंबर-2015 तक बनी अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा था।

बीएसएनएल-एमटीएनएल का मर्जर

केन्द्र सरकार ने बैंकों की तर्ज पर राष्ट्रीयकृत भारत संचार निगम लिमिटेड और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के मर्जर को भी अनुमति दे दी है। इससे इन कंपनियों को लेकर चल रही आशंकाओं पर विराम लग गया है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के अनुसार केन्द्र सरकार दोनों में से किसी भी कंपनी को बंद नहीं करेगी और न ही उनका विनिवेश (निजीकरण) करेगी। घाटे में चल रही कंपनियों को पटरी पर लाने के लिये 15,000 करोड़ रुपये के सरकारी बॉण्ड जारी किये जाएँगे। दोनों की 38,000 करोड़ रुपये की संपत्ति का मौद्रीकरण किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने कर्मचारियों को वीआरएस पैकेज देने का भी ऐलान किया है। जो कर्मचारी 53 साल के हैं तो 60 वर्ष तक उन्हें 125 प्रतिशत वेतनवृद्धि मिलेगी। वीआरएस का अर्थ स्वैच्छिक निवृत्ति है। प्रसाद के अनुसार अन्य टेलीकॉम कंपनियों का खर्च मानव संसाधन पर मात्र 5 प्रतिशत है, वहीं इन दोनों कंपनियों में यह खर्च 70 प्रतिशत है।

कोई भी खोल सकेगा पेट्रोल पंप

केन्द्र सरकार ने पेट्रोल सहित ईंधन के खुदरा कारोबार को गैर पेट्रोलियम कंपनियों के लिये खोल दिया है। इस फैसले से अब ऐसी कंपनियाँ भी पेट्रोल पंप खोल सकेंगी, जो पेट्रोलियम क्षेत्र में नहीं हैं। सरकार का मानना है कि उसके इस कदम से ईंधन के खुदरा बाजार में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका आम जनता को लाभ होगा।

आईटीबीपी का होगा कैडर रिव्यू

मोदी सरकार की कैबिनेट ने इण्डो-तिब्बत बोर्डर पुलिस में कैडर रिव्यू करने का भी बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के बाद सुपरवाइज़री तथा क्षमता में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे समय पर पोस्ट क्रिएट करने में आसानी होगी। इसके बाद ग्रुप ए में 60 नई भर्तियाँ की जा सकेंगी। इस प्रस्ताव से दो नये कमांड तैयार किये जा सकेंगे और इस फैसले से कई अन्य भर्तियों के भी द्वार खुलेंगे। केन्द्र सरकार इन सभी फैसलों को लागू करने के लिये अगले शीत कालीन सत्र में ही इन फैसलों से जुड़े बिल लाएगी और संसद में पारित कराएगी।

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