गांधीनगर : पर्चा भरके ही रिकॉर्ड तोड़ जीत का परचम लहरा गये शहं‘शाह’ !

अहमदाबाद, 23 मई, 2019। लोकसभा चुनाव 2019 का जनादेश आ चुका है। इस जनादेश 2019 में एक बार फिर गुजरात के दो सपूत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) अध्यक्ष अमित शाह राजनीतिक हीरो बनकर उभरे हैं। भाजपा और राष्ट्री जनतांत्रिक गठबंधन (राजग-NDA) की लगातार दूसरी बार बंपर जीत का सेहरा इन्हीं दो नेताओं के सिर बांधा जा रहा है। इन दोनों ने गुजरात में एक बार फिर कांग्रेस को क्लीन स्वीप कर दिया है। देश में मोदी-शाह के जीत के परचम के बीच अमित शाह की ज़मीन से भी रिकॉर्ड तोड़ ख़बर आई, जब उन्होंने गांधीनगर लोकसभा सीट से पहली बार जीत हासिल की। इस बार के चुनाव में गांधीनगर की सीट सुपर हॉट सीट बनी, क्योंकि यहाँ से खुद भाजपा के चुनावी चाणक्य कहलाने वाले अमित शाह चुनाव लड़ रहे थे। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पहली बार ही लोकसभा के चुनाव लड़ रहे शाह ने अपने पहले ही चुनाव में अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का जीत का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

देश में मेहनत, गांधीनगर की रहमत

गुजरात पिछले 3 दशक से भाजपा का अखंड गढ़ बना हुआ है और अब इस राज्य की पहचान देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य के रूप में है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर की लोकसभा सीट अमित शाह की उम्मीदवारी से देश की हॉट सीट भी बनी। पूरे देश की नजर इस सीट पर होने के बावजूद और पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने के बावजूद अमित शाह के चुनावी गणित ने यहाँ विपक्षी दल कांग्रेस के मंसूबों को नाकाम करने में अभूतपूर्व सफलता अर्जित की। आपको जानकर हैरानी होगी कि अमित शाह ने जहाँ एक ओर केन्द्र में मोदी सरकार की वापसी के लिए तनतोड़ मेहनत की, वहीं उन्होंने गांधीनगर की सीट पर अपनी जीत जनता की रहमत पर छोड़ दी। शाह ने अपने लोकसभा क्षेत्र में कोई चुनावी रैली, रोड शो या चुनाव प्रचार नहीं किया। वह 30 मार्च, 2019 को अहमदाबाद आए थे और अहमदाबाद से 4 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए भारी दल-बल के साथ पर्चा दाखिल करने के लिये गये थे। इसके बाद उनके कार्यकर्ताओं ने प्रचार का जिम्मा सँभाल लिया था। यद्यपि 23 अप्रैल को अमित शाह को पुनः अपने लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र आना पड़ा, क्योंकि तीसरे चरण में गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीटों के लिए मतदान था। शाह मतदान करने के लिये ही अपने घर आये थे।

शाह ने तोड़ा आडवाणी का रिकॉर्ड

केवल पर्चा भर कर ही जीत जाने का परचम लहराने वाले अमित शाह ने सामान्य जीत नहीं, अपितु रिकॉर्ड जीत हासिल की।उन्होंने गांधीनगर लोकसभा सीट पर अपने पूर्वाधिकारी सांसद लालकृष्ण आडवाणी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अमित शाह ने गांधीनगर लोकसभा सीट पर 5,57,014 वोटों से ऐतिहासिक जीत हासिल की। इससे पहले यहाँ से 1999 से लेकर 2014 तक 4 बार लगातार सांसद रहे पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने 2014 में 4,83,121 वोटोंं से जीत का रिकॉर्ड बनाया था। शाह ने आडवाणी का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया।

वाघेला ने पहली बार दिलाई थी गांधीनगर सीट

सबसे पहले 1989 में शंकरसिंह वाघेला ने यह सीट भाजपा के लिये जीती थी। तब से ही यह सीट भाजपा का अखंड गढ़ बनी हुई है। इसके बाद 1991 में भाजपा के तत्कालीन वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने दिल्ली के साथ-साथ गांधीनगर की सुरक्षित सीट से पर्चा भरा और जीत भी हासिल की। 1996 में भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी लखनऊ के अलावा गांधीनगर से भी पर्चा भरा और जीत भी दर्ज की। इसके बाद हुए उपचुनाव में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष हरिश्चंद्र पटेल के पुत्र विजय पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी और फिल्म अभिनेता राजेश खन्ना को पराजित किया। 1999 से 2014 तक लगातार लालकृष्ण आडवाणी यहाँ से सांसद चुने गये हैं।

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