साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विरुद्ध कार्यवाही : कांग्रेस में कितने ‘प्रज्ञा’ ?

विशेष टिप्पणी : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 27 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। महात्मा गांधी की हत्या के आरोपी नाथूराम गोडसे को देश भक्त बताना भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को गुरुवार को तब महंगा पड़ गया, जब संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से निकाल दिया। साध्वी प्रज्ञा को भाजपा के संसदीय दल की बैठकों में नहीं आने के लिये कह दिया गया है। खबर यह भी है कि अभी उनकी पार्टी यानी भाजपा की अनुशासन समिति भी उनके विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करने वाली है। सूत्रों की मानें तो कहा जा रहा है कि पार्टी से उन्हें निष्कासित भी किया जा सकता है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी प्रज्ञा ठाकुर के बुधवार को संसद में दिये गये बयान की निंदा की और कहा कि भाजपा कभी भी इस तरह के बयान या विचार धारा का समर्थन नहीं करती है।

लोकसभा में साध्वी प्रज्ञा ने गोडसे को कहा था देश भक्त

दरअसल बुधवार को लोकसभा में जब एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान डीएमके सांसद ए. राजा ने नाथूराम गोडसे के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा ? तब साध्वी प्रज्ञा ने उन्हें टोकते हुए कहा था कि ‘आप एक देश भक्त का उदाहरण नहीं दे सकते।’ साध्वी प्रज्ञा के इस बयान पर बुधवार को लोकसभा में काफी हंगामा हुआ था, जिसके बाद उनके बयान को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया था।

साध्वी के बयान के बाद प्रियंका गांधी ने किया था ट्वीट

इस बयान के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा था और कहा था कि आज देश की संसद में खड़े होकर भाजपा की एक सांसद ने गोडसे को देश भक्त बोल दिया। अब प्रधानमंत्रीजी (जिन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई) से अनुरोध है कि वे दिल से बताएँ कि गोडसे के बारे में उनके क्या विचार हैं ? प्रज्ञा ठाकुर ने इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भी नाथूराम गोडसे को देश भक्त कहा था और तब भी उनके इस बयान पर काफी हंगामा हुआ था, जिसके बाद पीएम मोदी ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि ‘भले ही साध्वी प्रज्ञा ने इस मामले में माफी माँग ली हो, परंतु मैं अपने दिल से उन्हें कभी माफ नहीं कर पाऊँगा।’

कांग्रेस में कितने प्रज्ञा ?

इन सभी बातों का उल्लेख यहाँ करने का तात्पर्य यह है कि प्रज्ञा ठाकुर के मामले में पीएम मोदी और भाजपा का स्टेंड साफ हो जाता है कि उनके क्या विचार हैं। परंतु सवाल उठता है कि जो कदम भाजपा ने अपनी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के विरुद्ध उठाए हैं, ऐसे कदम कांग्रेस ने अपने बयानवीर नेताओं के खिलाफ उठाने की हिम्मत दिखाई है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह हिंदू आतंकवाद जैसे बयान देकर देश के एक बड़े बहुसंख्यक वर्ग पर अंगुली उठाते हैं तो दूसरे नेता शशि थरूर हिंदू पाकिस्तान कह कर उसी समुदाय का अपमान करते हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान जाने को दक्षिण भारत में जाने से ज्यादा बेहतर बताते हैं। सलमान खुर्शीद दिग्विजय के बयान का बचाव करते हैं। कपिल सिब्बल के बयान कई बार पार्टी के लिये मुश्किलें पैदा कर चुके हैं और पार्टी को सफाई देनी पड़ी है कि सिब्बल का बयान उनका निजी विचार है, पार्टी का उससे कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस को अहसास होना चाहिये कि उसके नेताओं के बयान देश के एक बड़े वर्ग के लोगों को ठेस पहुँचाने वाले होते हैं। क्या कांग्रेस अपने इन नेताओं या उनके जैसे विवादित बयान देने वाले अन्य नेताओं के विरुद्ध कड़े कदम उठा कर ऐसी नज़ीर पेश करने का दुस्साहस दिखा पाएगी ?

You may have missed