BUDGET 2019 : मकान मालिक और किराएदार के बीच ‘झगड़े की जड़’ ही समाप्त कर देगी सरकार !

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 5 जुलाई 2019 (YUVAPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार ने किराये के मकानों में रहने वाली देश की एक बड़ी आबादी के लिये एक महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। मोदी सरकार ने मकान मालिक और किरायेदार के बीच वित्तीय सम्बंध को और मजबूत बनाने तथा किरायेदारों को पेश आने वाली परेशानियों को हल करने के लिये नया नियम या रेग्युलेशन बनाने का निर्णय किया है।

सुरक्षा का अधिकार और अधिकारों की सुरक्षा

2019-20 का वार्षिक बही खाता पेश करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात के संकेत दिये कि मोदी सरकार शीघ्र ही किराये के मकानों में रहने वाले लोगों और उनके मकान मालिकों के लिये एक नया कानून या नियम ला सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस नये कानून में मकान मालिक और किरायेदारों के वित्तीय सम्बंधों और उनके अधिकारों को नये सिरे से परिभाषित करेगी। इससे मकान मालिकों की ओर से मनमाने ढंग से किराया बढ़ाने पर रोक लगेगी। मकान मालिकों की ओर से किरायेदारों को अनावश्यक रोकने-टोकने पर भी रोक लगेगी तथा किरायेदारों को किराये के मकानों में रहने से पेश आने वाली अन्य परेशानियों को हल किया जाएगा। हालाँकि इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि मकान मालिकों के अधिकारों पर कोई कैंची चलाई जाएगी। नये कानून में मकान मालिकों के अधिकारों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

1.94 करोड़ घर बनाने की घोषणा

उल्लेखनीय है कि वार्षिक बही खाते में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.94 करोड़ घर बनाने की भी घोषणा की है। इसमें खास बात यह है कि यह मकान बनाकर देने की समय सीमा भी सुनिश्चित की गई है। अब सरकार 114 दिन में ही नये घर बनाकर उपलब्ध कराएगी। नई मोदी सरकार ने पहले बही खाते में 2024 तक हर घर तक पीने का शुद्ध पानी, नल और बिजली पहुँचाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया है। 2022 तक देश को खुले में शौच से मुक्त करने का भी लक्ष्य घोषित किया है।

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