जानिए इस अरबपति को एक ज्योतिषी का जंजाल कैसे कर गया बर्बाद ?

अहमदाबाद, 11 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। जीवन में कड़ी मेहनत करके और सब्जियाँ बेचकर देश और दुनिया में रेस्टोरेंट चेन का मालिक बना एक दक्षिण भारतीय अरबपति बिज़नेसमैन एक ज्योतिषी के चक्कर में ऐसा फँसा कि उसने अपना जीवन ही तबाह कर लिया। ज्योतिषी की सलाह पर एक लड़की से शादी करके उसे अपनी तीसरी पत्नी बनाने के लिये ऐसा दीवाना हुआ कि अपराधी बन गया और उस लड़की के पति की हत्या करके जेल पहुँच गया।

रेस्टोरेंट चेन सरवना भवन के मालिक की अपराध कथा

दक्षिण भारतीय रेस्टोरेंट सरवना भवन के मालिक पी. राजगोपाल के भारत में 39 और विदेश में 43 आउटलेट्स हैं। इसके अलावा सरवना और 16 आउटलेट्स खोलने की तैयारी में है। सरवना भवन रेस्टोरेंट चेन का वार्षिक टर्नओवर अरबों रुपये का है। खबरों के अनुसार राजगोपाल के पिता तमिलनाडु के तूतीकोरिन में प्याज की खेती करते थे, परंतु वह खेती से आगे बढ़ना चाहते थे। इसलिये चेन्नई आ गये थे और यहाँ उन्होंने सब्जी की दुकान शुरू की थी। 30 साल पहले चेन्नई में खाने-पीने की बहुत कम दुकानें थी, उसी दौर में उन्हें एक ज्योतिषी ने रेस्टोरेंट खोलने की सलाह दी। ज्योतिषी की सलाह पर राजगोपाल के पिता ने सन 1981 में पहला रेस्टोरेंट शुरू किया था। इसके बाद राजगोपाल भी पिता के साथ इस बिज़नेस में जुड़ गया था।

शुरुआत में राजगोपाल अपने रेस्टोरेंट में एक रुपये में डोसा, इडली समेत कई वस्तुएँ परोसता था। सस्ती वस्तुएँ बेचने से शुरुआत में पिता-पुत्र को काफी नुकसान भी होता था, परंतु उन्होंने कीमत और क्वालिटी में कोई समझौता नहीं किया। इसका असर यह हुआ कि समय के साथ राजगोपाल की दुकान पर भीड़ उमड़ने लगी और रेस्टोरेंट का बिज़नेस धड़ल्ले से चल पड़ा। देखते ही देखते उनका बिज़नेस चेन्नई में मशहूर हो गया और इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में तथा दुनिया भर में उनके आउटलेट्स शुरू हो गये। सरवान भवन नाम की रेस्टोरेंट की चेन शुरू हो गई और राजगोपाल एक सफल बिज़नेसमैन बन गया। उसका वार्षिक टर्नओवर अरबों का हो गया।

चूँकि ज्योतिषी की सलाह पर राजगोपाल के पिता ने रेस्टोरेंट शुरू किया था, इसलिये राजगोपाल भी इस ज्योतिषी पर आँख बंद करके भरोसा करते थे। इसी बीच ज्योतिषी ने राजगोपाल को उनके रेस्टोरेंट सरवना भवन के चेन्नई ब्रांच के असिस्टेंट मैनेजर की बेटी जीवाज्योति से शादी करने की सलाह दी। ज्योतिषी ने कहा कि यदि वो जीवाज्योति से तीसरी शादी कर लेगा तो उसका बिज़नेस और कामयाब हो जाएगा। ज्योतिषी की यह बात राजगोपाल के जहन में घर कर गई थी। बस, यहीं से राजगोपाल की बरबादी का सफर शुरू हुआ।

जीवाज्योति ने ठुकराया शादी का प्रस्ताव

राजगोपाल ने जब जीवाज्योति के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा तो जीवाज्योति ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया और उसे बताया कि वह प्रिंस संतकुमार नाम के लड़के से प्यार करती है और उसी से शादी करेगी। राजगोपाल ने जीवाज्योति को बहुत समझाने का प्रयास किया, परंतु जब वह नहीं मानी तो राजगोपाल ने उसे धमकी भी दी कि वह प्रिंस संतकुमार से शादी न करे। राजगोपाल के मना करने के बावजूद जीवाज्योति ने प्रिंस संतकुमार से शादी कर ली। यह बात राजगोपाल को बहुत नागवार गुजरी। यह सोचकर कि प्रिंस संतकुमार ही नहीं रहेगा तो जीवाज्योति को वह अपनी तीसरी पत्नी बनाने में सफल हो जाएगा। राजगोपाल ने 8 लड़कों को प्रिंस संतकुमार की हत्या की सुपारी दे दी।

प्रिंस संतकुमार का अपहरण और हत्या

सुपारी लेने वाले आरोपियों ने अक्टूबर-2001 में चेन्नई स्थित प्रिंस संतकुमार के घर से उसका अपहरण करके उसकी हत्या कर दी और उसका शव कोडाई पहाड़ियों के जंगल में फेंक दिया। इसी महीने के अंत में 31 अक्टूबर को पुलिस ने प्रिंस संतकुमार का शव बरामद किया और मामले की जाँच शुरू की।

बिज़नेसमैन बना हत्यारा, उम्रकैद की सजा

2001 में हुई प्रिंस संतकुमार की हत्या के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने 2009 में राजगोपाल और उसके एक सहयोगी जनार्दनन को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद यह मामला 18 साल तक कोर्ट में चलता रहा। मंगलवार को राजगोपाल ने चेन्नई के सेशन कोर्ट में आत्म समर्पण किया और उम्रकैद की सजा भुगतने के लिये इस बिज़नेसमैन को जेल भेज दिया गया। इस प्रकार एक सफल बिज़नेसमैन ने एक ज्योतिषी के कहने पर एक लड़की से शादी करने की चाहत में उसके पति की हत्या कर दी और खुद अपराधी बनकर अपना जीवन बरबाद कर लिया।

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