एशिया का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल हब ‘बद्दी’ क्यों तरस रहा रेल लाइन को ?

* हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगा रहे ज़ोर

* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व रेल मंत्री पीयूष गोयल से भेंट

* चंडीगढ़-बद्दी रेलवे ट्रैक निर्माण में तेजी लाने की उठाई मांग

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 22 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। बद्दी (BADDI) के विषय में आपने अधिक नहीं सुना होगा। साधारणत: समाचार माध्यमों में बड़े-बड़े महानगरों और बड़ी-बड़ी घटनाओं को स्थान मिलता है। ऐसे में बद्दी के विषय में आप नहीं जानते, तो इसमें दोष आपका नहीं है। वैसे, हम आपको बता देते हैं कि ये बद्दी क्या है ? सामान्य ज्ञान (GK) प्रश्नावली में यदि किसी विद्यार्थी के समक्ष यह प्रश्न प्रकट हो जाए कि एशिया का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल हब कौन-सा है ? तो कदाचित वह विद्यार्थी भौंचक्का रह जाएगा, परंतु इसका उत्तर है बद्दी। हिमाचल प्रदेश में सोलन जिला स्थित बद्दी एक छोटा-सा नगर है और साथ ही साथ हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी है। यहाँ का प्रमुख उद्योग है फार्मास्युटिकल उद्योग। बद्दी को एशिया का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल हब इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहाँ सिप्ला (Cipla), डॉ. रेड्डी’स लैबोरेटरीज़ (Dr. Reddy’s Laboratories), कैडिला हेल्थकेयर (Cadila Healthcare), अबॉट लैबोरेटरीज़ (Abbott Laboratories), रैनबैक्सी लैबोरेटरीज़ (Ranbaxy Laboratories और मंजूश्री टेक्नोपैक (Manjushree Technopack) सहित कई फार्मास्युटिकल कंपनियाँ कार्यरत् हैं, परंतु आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि ऐशिया का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल हब बद्दी रेलवे लाइन से जुड़ा हुआ नहीं है।

25 जनवरी, 1971 को अस्तित्व में आए हिमाचल प्रदेश में कई राजनीतिक दलों और उनके नेताओं की सरकारें आईं और गईं, परंतु आज तक बद्दी का अपने सबसे निकटतम् प्रमुख शहर चंडीगढ़ के साथ रेल सम्पर्क स्थापित नहीं हो सका। यद्यपि अब हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बद्दी को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए पुरज़ोर प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में ठाकुर ने राजधानी दिल्ली का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रेल मंत्री पीयूष गोयल से भेंट की। प्रधानमंत्री और रेल मंत्री से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जहाँ एक ओर हिमाचल प्रदेश में आयोजित निवेशक सम्मेलन को लेकर मंत्रणा की, वहीं बद्दी-चंडीगढ़ रेलवे ट्रैक के कार्य में तेजी लाने पर भी गंभीरता से विचार किया।

ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ भेंट के दौरान अपने मंत्रिमंडल के विस्तार सहित राज्य के विकास की गति में तेजी लाने, निवेशक सम्मेलन के बाद जो कार्य धरातल पर उतारे जा रहे हैं, उसके संबंध में चर्चा की। इसी दौरान जयराम ठाकुर ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से भेंट की और बद्दी औद्योगिक क्षेत्र के लिए महती आवश्यक चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के कार्य में तेजी लाने का रेल मंत्री से अनुरोध किया। ठाकुर ने पीयूष गोयल को बताया कि इस रेल लाइन के बिछने से हिमाचल प्रेदश में निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी। ठाकुर ने रेल मंत्री से यह भी आग्रह किया कि ऊना-हमीरपुर रेल लिंक को केन्द्र सरकार शत प्रतिशत धनराशि उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी राज्य के लिए कनेक्टिविटी एक बड़ा मुद्दा होता है। सड़कें ही परिवहन का प्रमुख माध्यम हैं, परंतु साथ ही रेलवे नेटवर्क का विस्तार राज्य की विकास यात्रा को अधिक गति दे सकता है। भूतल या ऊपर से बिजली व पानी की लाइनें बिछाने का कार्य बिना शुल्क करने की स्वीकृति प्रदान करने और पर्वतीय राज्य होने के नाते हिमाचल प्रदेश को लाइसेंस शुल्क से भी छूट मिलनी चाहिए।

बद्दी जिस सोलन जिले में पड़ता है, वहाँ स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद कोई नई रेल लाइन नहीं बिछाई गई है। इसी कारण बद्दी को भी रेल सम्पर्क से वंचित रहना पड़ा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बद्दी की जनसंख्या 29 हज़ार 911 है। बद्दी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयाँ हैं। यदि बद्दी-चंडीगढ़ रेल लाइन का कार्य तेजी से पूरा होता है, तो इससे हिमाचल प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। इसमें कोई संदेह नहीं है।

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