SALUTE : इस कण्डक्टर की ‘किट-किट’ यात्रियों को ‘फाइनल टिकट’ कटने से बचाती है

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 9 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। आम तौर पर रोडवेज की बसों में आपने कंडक्टरों और यात्रियों के बीच टिकट काटने को लेकर खिटपिट होते देखी और सुनी होगी। कभी टिकट को लेकर तो कभी छुटे पैसों को लेकर, कभी छोटे बच्चों की हाफ टिकट को लेकर या कभी टिकट की बढ़ी हुई दर वसूल किये जाने को लेकर यात्रियों और कंडक्टर के बीच अक्सर खिटपिट हो जाती है। कुछ बड़बोले कंडक्टर भी ड्यूटी के दौरान यात्रियों से किट-किट करते दिखाई देते हैं, परंतु एक ऐसा भी कंडक्टर है जो यात्रियों के जीवन का टिकट कट जाने से बचाने के लिये यात्रियों के साथ किट-किट करता है।

हरियाणा में सर्वाधिक है नशे का कारोबार

हम बात कर रहे हैं उस हरियाणा की जहाँ नशे का प्रमाण पूरे देश में सर्वाधिक है। पंजाब शराब के नशे के लिये पूरे देश में सर्वाधिक बदनाम है वहीं हरियाणा में भी शराब के साथ-साथ अन्य नशीले पदार्थों के सेवन का स्तर भी ऊंचा है। हाल ही में हरियाणा की सरकार ने 750 हजार करोड़ रुपये के शराब के ठेके के लाइसेंस बाँटे हैं, इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस राज्य में शराब पीने वालों का प्रमाण कितना होगा कि लोग शराब के ठेके का लाइसेंस लेने के लिये अंधाधुंध पैसा खर्च करते हैं। हरियाणा में नशे के बढ़ते कारोबार पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी चिंता व्यक्त की है और राज्य सरकार को नशे पर रोक लगाने के लिये स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने के लिये भी कहा है। हाईकोर्ट के शब्दों से स्पष्ट होता है कि इन दोनों राज्यों में नशे का कारोबार किस तेजी से पैर फैला रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि नशे को रोकने के लिये अभी कुछ नहीं किया गया तो फिर बहुत देर हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा देश की राजधानी दिल्ली से सटा हुआ राज्य है। राजधानी में नशे का कारोबार करने वाले तस्कर हरियाणा को अपना ठिकाना बनाते हैं। ऐसे ही दो ड्रग तस्करी के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के लिये यह निर्देश जारी किये हैं।

बस कंडक्टर की देश भक्ति को सलाम

इसी हरियाणा में रोडवेज बस में नौकरी करने वाला एक कंडक्टर ऐसा भी है जिसकी देश भक्ति को सैल्यूट करने को जी चाहता है। जो अपने बस-यात्रियों को नशा मुक्ति का संदेश देता है। फरीदाबाद रूट की बस में कंडक्टर की अपनी नौकरी करने के दौरान यह कंडक्टर बस-यात्रियों को समझाता है कि नशा उनकी सेहत के लिये ही हानिकारक नहीं है, अपितु नशा उन्हें आर्थिक बदहाली की ओर भी ले जाता है। नशा कई बीमारियों का कारण ही नहीं है, उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुँचाता है और उनके परिवार के साथ-साथ देश के लिये भी नुकसानकारक है। बस अड्डों पर खड़ी अलग-अलग रूट की बसों में जाकर भी यह कंडक्टर नशा-मुक्ति के संदेश को फैला रहा है। वह बस यात्रियों को समझाता है कि यदि कोई यात्री बस में बीड़ी या सिगरेट पीता है तो साथी यात्री को उसका विरोध करना चाहिये तथा अन्य यात्रियों को उस विरोध करने वाले यात्री का साथ देना चाहिये ताकि नशा करने वाले यात्री को अपनी भूल का अहसास हो और वह नशे का त्याग करने के लिये प्रेरित हो।

इस कंडक्टर का वीडियो सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है। आप भी खुद सुनिये इस कंडक्टर का संदेश और अपने आसपास जो लोग किसी भी प्रकार का नशा करते हैं, उन्हें नशे से मुक्त होने के लिये प्रेरित कीजिये।

आप निम्न VIDEO भी देखिए कण्डक्टर की ‘कमाई’ :

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