अमेठी ले रही अंगड़ाई, रायबरेली बदल रही राय ? राहुल-सोनिया पर ‘सत्ता विरोधी सुनामी’ का कहर ?

अहमदाबाद, 23 मई, 2019। लोकसभा चुनाव 2019 में सर्वाधिक हॉट सीटों में वाराणसी के बाद अमेठी लोकसभा सीट है, जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और केन्द्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के बीच मुकाबला है। अमेठी लोकसभा सीट की मतगणना के अब तक के रुझानों से लग रहा है कि अमेठी इस बार अंगड़ाई लेने जा रही है। देश में जहाँ सत्ता के पक्ष में लहर चल रही थी, वहीं अमेठी में सत्ता यानी सांसद विरोधी सुनामी चल रही थी और यही कारण है कि शुरुआती रुझानों में राहुल गांधी पीछे चल रहे हैं और स्मृति ईरानी इतिहास रचने की ओर आगे बढ़ रही हैं।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का कोई विशेष अस्तित्व नहीं है। सपा-बसपा गठबंधन के भाव न देने के बाद स्वयं को मजबूती से खड़ा करने के लिए कांग्रेस ने अपने ट्रम्प कार्ड प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीति में उतार दिया था। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस रायबरेली और अमेठी के अलावा 80 में से किसी सीट पर टक्कर नहीं दे रही है। इसमें भी सबसे बड़े झटके वाली बात यह है कि ख़बर लिखे जाने तक कांग्रेस इन दोनों ही गढ़ों पर पीछे चल रही है। रायबरेली में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता तथा यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का पिछड़ना कांग्रेस के लिए जोरदार झटका है, तो अटकलों के मुताबिक ही अमेठी में राहुल गांधी स्मृति ईरानी से पीछे चल रहे हैं।

राहुल गांधी ने जब अमेठी के अलावा केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया, तब भाजपा नेताओं और प्रत्याशी स्मृति ईरानी कहा था कि राहुल गांधी अमेठी में संभावित हार भाँप चुके हैं और इसीलिए उन्हें वायनाड भागना पड़ा। आलोचकों की यह राय सही साबित होती दिख रही है, क्योंकि रुझानों में अमेठी में 2014 में हारने के बावजूद स्मृति ईरानी की पाँच की सक्रियता पर ईवीएम मुहर लगा रही है और राहुल गांधी 5 हजार 600 से अधिक वोटों से पीछे चल रहे हैं। यद्यपि अभी फाइनल तसवीर नहीं है, परंतु यदि आगाज़ ही बुरा है, तो अंजाम इससे भी बुरा हो सकता है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेठी में यदि 2004, 2009 और 2014 यानी तीन बार से सांसद चुने जा रहे और कांग्रेस अध्यक्ष व पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार माने जा रहे राहुल गांधी जैसे दिग्गज नेता हार जाते हैं, तो इस हार का श्रेय न केवल राहुल के नाकारेपन को दिया जाएगा, अपितु स्मृति ईरानी की मेहनत को भी देना बनता है। राहुल को हरा कर स्मृति एक बहुत बड़ा इतिहास रचने वाली हैं, क्योंकि अब तक अमेठी में गांधी परिवार से एकमात्र संजय गांधी चुनाव हारे थे, जब देश में इंदिरा विरोधी लहर थी। उसके बाद राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी अमेठी से जीतते रहे हैं। स्मृति ईरानी गांधी परिवार को हराने वाली पहली महिला उम्मीदवार बनने का इतिहास रच सकती हैं।

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