GUJJU THE GREAT : वाहन चालकों को लूटने वालों का PLAN पहले ही हो जाएगा PUNCTURE

अहमदाबाद, 8 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। आम तौर पर चोर, लुटेरे, अपराधी, नक्सली और आतंकवादी राह चलते वाहनों को युक्तिपूर्वक पंक्चर कर देते हैं। वाहनों का टायर पंक्चर होने पर जैसे ही वाहन रुकते हैं तो यह अपराधी वाहन चालकों और उनमें सवार यात्रियों पर हमला करके या तो उनकी निर्मम हत्या कर देते हैं अथवा उन्हें लूटकर फरार हो जाते हैं। इसी प्रकार अपराधी लड़कियों को भी रोकते हैं और उनके साथ घिनौने अपराधों को अंजाम देते हैं, परंतु अब ऐसे अपराधों पर ब्रेक लग जाएगा, क्योंकि 3 गुजराती इंजीनियरों का नया आविष्कार इन अपराधियों की साजिशों को पंक्चर कर देगा।

लुटेरों का हमला बना आविष्कार का कारण

मध्य प्रदेश से सटे गुजरात के आदिवासी बाहुल्य दाहोद के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के एक प्रोफेसर कॉलेज का समय पूरा होने के बाद शाम को जब अपने वाहन पर घर की ओर जा रहे थे, तो कुछ लोगों ने सड़क पर स्पाइक्स का उपयोग करके उनका वाहन पंक्चर कर दिया और जैसे ही वह रुके तो उन पर हमला कर दिया और उन्हें लूटकर फरार हो गये। इस घटना से आहत हुए मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तीन छात्रों ने ऐसा आविष्कार करने का निर्णय किया, जिससे टायर पंक्चर होने के बाद भी वाहन को रोकने की आवश्यकता न पड़े। उसमें स्वतः हवा भरती जाए और वाहन बिना रुके चलता जाए। ताकि अपराधियों की वाहन चालकों को लूटने या उन पर हमला करने की साजिशें नाकाम हो जाएँ।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने बनाया उपकरण

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र मयूर महला, गौरव चले और कार्तिक पटेल ने ऐसा उपकरण विकसित किया है, जिसे वाहन में टायर के निकट फिट करना होगा। कार या बाइक जैसे वाहनों के लिये यह यंत्र बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकता है और यह पंक्चर हो जाने वाले टायर में स्वतः हवा भरता रहेगा, जिससे टायर पंक्चर होने के बावजूद वाहन चालक को रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और अधिकतम वह वाहन 70 कि.मी. तक बिना किसी रुकावट के दौड़ सकेगा।

टायर पंक्चर होने के बाद भी गाड़ी चलेगी 70 कि.मी.

मयूर महला के अनुसार उनके प्रोफेसर के साथ घटित हुई घटना ने उन्हें ऐसा यंत्र विकसित करने के लिये प्रेरित किया। यह यंत्र ऐसा है कि टायर पंक्चर होने के साथ ही यह यंत्र स्वचालित हो जाता है और जैसे-जैसे टायर में हवा घटती है, यह यंत्र उसमें हवा भरता जाता है। इससे वाहन चालक को टायर पंक्चर हो जाने पर रुकना नहीं पड़ेगा और वह 70 कि.मी. तक निरंतर वाहन दौड़ा सकता है। इस प्रकार वाहन चालक अपने निर्धारित गंतव्य तक आसानी से पहुँच सकता है और टायर पंक्चर करके वाहन चालकों पर या उनमें सवार यात्रियों पर हमला करने वाले तथा उन्हें लूटने की साजिश रचने वाले अपराधियों की साजिशें असफल हो जाएँगी।

मयूर महला के अनुसार इस क्षेत्र में मुख्य मार्गों पर वाहनों को पंक्चर करके वाहन चालकों पर हमला करने और उन्हें लूटने की घटनाएँ बड़े पैमाने पर घटित होती हैं। इससे यहाँ के लोगों के साथ-साथ यह छात्र भी बहुत चिंतित थे। अब उन्होंने यह यंत्र बनाने में सफलता प्राप्त कर ली है तो उन्हें संतोष है। यह यंत्र महिलाओं से जुड़े अपराधों में कमी लाने में भी मददगार सिद्ध होगा।

छात्रों के आविष्कार को शिक्षा मंत्री ने सराहा

मयूर महला के अनुसार इस यंत्र के आविष्कार के लिये उन्हें राज्य सरकार के छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति के माध्यम से 27,000 रुपये की प्रारंभिक धनराशि प्राप्त हुई। इसकी मदद से उन्होंने अपने विचार पर आयोजित प्रदर्शनी में एक टायर और उद्यमिता विकास संस्थान (EDII) का एक प्रोटोटाइप विकसित किया।

राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा ने इन छात्रों और उनके आविष्कार की प्रशंसा की है। चूड़ास्मा ने कहा कि किसी भी समस्या को नवाचार से हल किया जा सकता है। इन छात्रों का यह यंत्र कुछ सामाजिक समस्याओं को हल करने में मददगार सिद्ध होगा। अब बस, कार या टूव्हीलर को पंक्चर करके रोकने और हमला करने तथा लूटने की घटनाओं में तो कमी आएगी ही, साथ ही महिलाओं से जुड़े अपराधों में भी कमी आएगी।

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