हरियाणा के ‘दुष्यंत’ : खट्टर का नेतृत्व स्वीकारेंगे या कुमारस्वामी की तरह बनेंगे CM ?

विश्लेषण : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 24 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। हरियाणा में चुनावी रुझान चौंकाने वाले आये हैं। यहाँ मतदाताओं ने सत्तारूढ़ बीजेपी और सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को लगभग-लगभग समान सीटें तो दी हैं, परंतु सरकार बनाने के लिये बहुमत नहीं दिया और सत्ता की चाबी मात्र 10 प्रतिशत सीटें प्राप्त करने वाली तथा प्रदेश की राजनीति में अभी-अभी पैदा हुई जननायक जनता पार्टी (JJP) के संस्थापक अध्यक्ष और ‘लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में सबसे युवा सांसद के रूप में अपना नाम दर्ज कराने वाले दुष्यंत चौटाला के हाथों में सौंप दी है। अब दुष्यंत चौटाला प्रदेश में ‘किंग मेकर’ की भूमिका में हैं। सबकी नज़र अब उन्हीं पर टिकी हुई है। एक तरफ सत्तारूढ़ बीजेपी अपनी सत्ता बचाने के लिये उनकी तरफ उम्मीद भरी नज़रों से देख रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिये दुष्यंत पर डोरे डालने में जुट गई है। ऐसे में सभी के मन में एक सवाल उठ रहा है कि दुष्यंत प्रदेश में बीजेपी के पाले में जाकर मनोहरलाल खट्टर को फिर से सत्ता के सिंहासन पर आसीन करेंगे और उनका नेतृत्व स्वीकारेंगे या फिर कांग्रेस का समर्थन पाकर खुद इस सिंहासन पर सवार होना चाहेंगे। क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश में अपने बड़े नेता भूपेन्द्रसिंह हुड्डा को फ्री हैंड दे दिया है कि वे जैसे भी हो, बीजेपी को सत्ता से बाहर करने का कोई भी उपाय आजमा सकते हैं। ऐसे में संभावना ये बनती है कि कांग्रेस यहाँ भी कर्नाटक का फॉर्मूला दोहराये। कर्नाटक में कांग्रेस ने बहुमत से कुछ सीटें दूर रही बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिये मात्र 37 सीटें हासिल करने वाली जेडीएस के नेता कुमार स्वामी को अपना समर्थन देकर सीएम बना दिया था।

जननायक के नायक बन सकते हैं हरियाणा के भी जननायक

हरियाणा में 21 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद गुरुवार को मतगणना हो रही है, जिसमें प्रदेश की 90 सीटों में से सरकार बनाने के लिये कम से कम 46 सीटों की आवश्यकता है, परंतु यह आँकड़ा छूना सत्तारूढ़ बीजेपी और देश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस दोनों के लिये ही मुश्किल सिद्ध हो रहा है। बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 34 सीटों पर आगे है। इस बीच मात्र 10 महीने पुरानी जननायक जनता पार्टी ने 10 सीटें हासिल करके उपरोक्त दोनों ही बड़ी राजनीतिक पार्टियों का गणित बिगाड़ दिया है। इतना ही नहीं, इस नई पार्टी ने सत्ता की चाबी भी अपने हाथ में ले ली है और किंगमेकर की भूमिका में आ गई है, जिससे दोनों ही राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को सत्ता में आने के लिये अब इस जेजेपी पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और युवा सांसद दुष्यंत चौटाला की ओर आशा भरी नज़रों से देखना पड़ रहा है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जेजेपी नाम का यह ऊँट किस करवट बैठता है। क्योंकि यदि ये बीजेपी के साथ जाता है तो बीजेपी इसे बहुत से बहुत उप-मुख्यमंत्री का पद ऑफर कर सकती है, दूसरी ओर कांग्रेस भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिये किसी भी हद तक जा सकती है और वो हरियाणा में भी कर्नाटक वाला मॉडल अपना सकती है।

कौन हैं दुष्यंत चौटाला ?

दुष्यंत चौटाला भारतीय राजनेता और पूर्व सांसद अजय चौटाला के सुपुत्र हैं। वे हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के पोते और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के पड़पोते हैं। 2014 में 16वीं लोकसभा में दुष्यंत चौटाला ने हिसार से लोकसभा चुनाव लड़ा था और हरियाणा जनहित कांग्रेस (भजनलाल) के कुलदीप बिश्नोई के विरुद्ध जीत हासिल की थी। इस विधानसभा चुनाव में वे उचाना कलां सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं और उनका सीधा मुकाबला बीजेपी की प्रेमलता से है। अभी तक के रुझानों में दुष्यंत प्रेमलता से दुगुने से भी अधिक वोटों से बढ़त बनाये हुए हैं। दुष्यंत चौटाला का नाम ‘लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में सबसे युवा सांसद के रूप में दर्ज हुआ है। वे 3 अप्रैल 1988 को हिसार जिले के दरोली गाँव में जन्मे हैं और अब 31 साल के हुए हैं। उन्होंने शुरुआती स्कूली शिक्षा हिसार और सनावर-हिमाचल प्रदेश से प्राप्त की है। इसके बाद बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट यानी बी.एससी की पढ़ाई कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, बेकर्सफील्ड, कैलिफोर्निया अमेरिका से पूरी की है। वहाँ से स्वदेश लौट कर उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से मास्टर्स ऑफ लॉ की पढ़ाई की है। 18 अप्रैल 2017 को मेघना चौटाला से शादी की है। मेघना सीनियर आईपीएस परमजीत अहलावत की सुपुत्री हैं। दुष्यंत का एक छोटा भाई दिग्विजय चौटाला भी है। चौटाला टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इण्डिया के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष भी हैं। वे किसी भी राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF) के सबसे कम उम्र के प्रेसीडेंट हैं। इंटर पार्लियामेंटरी यूनियन (IPU) के दूसरे ‘ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग एमपी’ में भारत से शामिल हुए हैं। ये कॉन्फ्रेंस 2015 में टोक्यो जापान में आयोजित हुई थी। 2014 में उनकी उम्र महज 26 वर्ष थी। वे पहले इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) पार्टी में थे। आईएनएलडी से निष्कासित किये जाने के बाद दुष्यंत चौटाला ने 9 दिसंबर 2018 को जननायक जनता पार्टी का गठन किया है। वैसे तो दुष्यंत चौटाला का रुख भी कांग्रेस तरफी ही देखने को मिल रहा है, परंतु बीजेपी भी उनके साथ नजदीकियाँ बनाने के प्रयासों में जुटी हुई है। यदि दुष्यंत चौटाला महत्वाकाँक्षी निकले और कांग्रेस के समर्थन से सीएम बने तो वे सबसे युवा सीएम बनने का तमगा भी अपने नाम कर लेंगे।

You may have missed