EC की ऐतिहासिक कार्रवाई : बंगाल में चुनाव प्रचार की अवधि घटाई, हिंसा के चलते पहली बार किया अनुच्छेद 324 का उपयोग

लोकसभा चुनाव 2019 में पहली बार भारतीय चुनाव आयोग ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल में अनुच्छेद 324 का उपयोग करते हुए चुनाव प्रचार पर BAN लगा दिया है। चुनाव आयोग ने गुरुवार रात 10 बजे से बंगाल में चुनाव प्रचार बंद करने का आदेश दिया है। इसी के साथ आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए दो उच्च अधिकारियों को भी तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया।

लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम पड़ाव में मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान कोलकाता में हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा के दौरान पथराव और आगजनी की घटनाएँ भी घटित हुईं। इसके बाद अमित शाह ने चुनाव आयोग से शिकायत की और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बैनर्जी और उनके पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही करने की माँग की। अमित शाह ने चुनाव आयोग को एक वीडियो भी दिखाया और कहा कि रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता रोड शो में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं पर टूट पड़े और हमले किये, जिसमें वह बाल-बाल बचे। उन्होंने कहा कि यदि मौके पर CRPF के जवान नहीं होते तो उनका बचना मुश्किल था।

उधर बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एक वीडियो मीडिया को दिखाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही पथराव करके हिंसा भड़काई और 19वीं सदी के समाज सुधारक ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति भी उन्होंने ही खंडित की। इस प्रकार राज्य में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस हिंसा के लिये एक-दूसरे को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की हिंसक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बैठक की और इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कड़े कदम उठाने की घोषणा की। आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा से आयोग बहुत दुःखी है और हिंसक घटनाओं को देखते हुए उसे पहली बार अनुच्छेद 324 का उपयोग करना पड़ा है।

आयोग ने गुरुवार रात 10 बजे से चुनाव प्रचार पर पाबंदी लगा दी है और हिंसा को नियंत्रित करने में नाकाम रहे बंगाल के ADG (CID) राजीव कुमार तथा प्रधान सचिव (गृह) अत्री भट्टाचार्य को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है और उन्हें गुरुवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली आकर गृह मंत्रालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। आयोग ने उम्मीद जताई कि बंगाल की सीएम समाज सुधारक ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति खंडित करने वाले और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वाले दोषियों को जल्द पकड़कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करेंगी।

उल्लेखनीय है कि पहली बार ऐसा हुआ है जब चुनाव आयोग ने इस प्रकार चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले अनुच्छेद 324 का उपयोग करके चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाया हो। वैसे अंतिम चरण में 19 मई को होने वाले चुनाव के लिये 17 मई की शाम पाँच बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने वाला है, परंतु आयोग के इस कदम से पश्चिम बंगाल में जिन 9 लोकसभा सीटों पर 19 मई को मतदान होने वाला है उन क्षेत्रों में एक दिन पहले गुरुवार रात 10 बजे ही चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। यह सीटें हैं दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरानगर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2019 में इससे पहले चुनाव आयोग भोपाल की भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती पर 72 घंटे तक चुनाव प्रचार नहीं करने का बैन लगा चुका है। परंतु चुनाव प्रचार थमने से एक दिन पहले प्रचार पर पाबंदी लगाने की यह पहली ही घटना है।

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