इस बार बरसात में कीजिए ऐसा कुछ कि ‘धरती’ हो जाए धन्य !

अहमदाबाद, 10 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम। विश्व के बड़े-बड़े विश्लेषक कहते हैं कि आगामी समय में यदि युद्ध हुआ तो वह पानी के लिये होगा। उनके इस वक्तव्य से एक बात जो प्रखर रूप से उभरकर सामने आती है, वह ये कि विश्व में पानी की समस्या भयंकर रूप धारण करने वाली है। हम सब कहते तो हैं कि जल ही जीवन है, परंतु यह विडंबना ही है कि अधिकांश नदियाँ सूखी पड़ी हैं, भूमिगत जल का स्तर दिन प्रति दिन नीचे जा रहा है। आधुनिक विकास और विस्तार की नीति ने शहरों के रूप में कंक्रीट के जंगलों का विकास किया है और जंगलों का सफाया कर दिया है। गाँवों में भी तालाबों को पाटकर उन जमीनों पर मकान खड़े कर दिये गये हैं, वहीं कुँओं का तो लगभग अस्तित्व ही खत्म हो गया है। ऐसे में बरसाती जल का अधिक से अधिक संचय कर उसे भूमि में अवशोषित करके ही भूजल स्तर को बढ़ाया जा सकता है।

नालियों में बहकर बरबाद हो जाएगा पानी

अब मॉनसून का आगमन हो गया है। शीघ्र ही देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुँचकर मॉनसून जंगल, जमीन, पर्वत, मैदान, खेत और खलिहान हर जगह को सराबोर कर देगा, परंतु बरसाती पानी घरों और दफ्तरों की नालियों से होते हुए बहकर नदियों में पहुँचेगा और नदियों के माध्यम से पुनः समुद्र में मिल जाएगा तथा खारा होकर व्यर्थ हो जाएगा। विकास का मानचित्र बनाने वालों ने विकास के नाम पर नालियों का गंदा पानी नदियों में छोड़कर नदियों के स्वच्छ पानी को प्रदूषित करके जल प्रदूषण की नींव रखी है। अब वही विकास के पुरोधा नालियों का पानी नदी में जाने से रोकने के दावे करते हैं और उसे ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाकर ट्रीट करने के बाद नदियों में छोड़ने की बातें करते हैं, परंतु इनके विकास के मानचित्र में जल समस्या का निराकरण लाने का कोई कारगर उपाय देखने को नहीं मिलता है।

पानी की बचत के लिये जन-जागृति जरूरी

ऐसे में जल संचय के लिये जन-जागृति आवश्यक है। किसी सरकार या संस्था के भरोसे हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने से समस्या का निराकरण नहीं होगा। प्रत्येक नागरिक को स्वयं जिम्मेदारी लेनी होगी और जल संचयन के लिये आगे आना होगा। खुले स्थानों पर पौधारोपण करके भी बरसाती पानी का संचय किया जा सकता है। बरसाती पानी से सिंचित होकर पौधे भी विकसित हो सकते हैं और उन्हें घरेलू पानी से सिंचित करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस प्रकार पानी की बचत भी की जा सकती है।

बरसाती पानी को जमीन में उतारें

बरसाती जल को संचित करके उसे जमीन में उतारा जा सकता है। यह काम कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। बल्कि यह बहुत आसान है जिसे हर घर में हर कोई कर सकता है। अपने घर के बाहर खड्डा खुदवाकर अपनी छत और आँगन में जमा होने वाले बरसाती पानी को उस खड्डे में संचित करने के लिये पाइपलाइन से खड्डे को जोड़ा जा सकता है। खड्डे में जमा होने वाला पानी धीरे-धीरे भूमि में समा जाएगा।

हम यहाँ आपको घर में बरसाती पानी के संचय का एक उपाय बता रहे हैं, जो सस्ता और आसान है। इस वीडियो में देखिये वह आसान उपाय और आप भी आजमाकर मानव जाति का अस्तित्व बचाने के लिये जरूरी जल के संचयन में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।

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