गुजरात की ‘तिकड़ी’ हो गई तिकड़मबाज़ : हार्दिक के बाद जिग्नेश ने जोश में कराई जगहँसाई, बोनस में दर्ज हुई FIR !

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 15 जून, 2019। वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी के गुजरात से दिल्ली प्रस्थान करने के बाद 2015 से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) के लिए चुनौती बन कर उभरे तीन तथाकथित युवा नेताओं की तिकड़ी चार वर्ष के अल्पकाल में ही तिकड़मबाज़ सिद्ध हुई और तीन तेरा नौ अठारा हो गई। गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने में मिली विफलता के चलते अधमुँही हो चुकी यह तिकड़ी लोकसभा चुनाव 2019 में मोदी की सुनामी के आगे पूरी तरह मृतप्राय: हो चुकी है। यही कारण है कि यह तिकड़ी अब अपना राजनीतिक भविष्य बचाने और बढ़ाने के लिए नए-नए तिकड़म आज़मा रहे हैं।

वैसे आप जानते ही होंगे, परंतु फिर भी पहले आपको इन तीन नेताओं के नाम बता देते हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम है हार्दिक पटेल। कभी पटेल समुदाय के सबसे शक्तिशाली नेता माने जाने वाले हार्दिक कांग्रेस जॉइन करने के बाद आज राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में अपने भविष्य की संभावनाओं को नए सिरे से टटोलने के प्रयास में जुटे हुए हैं। दूसरा नाम है ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर। कांग्रेस पार्टी से विधायक चुने जाने के बाद अल्पेश ने लोकसभा चुनाव के दौरान ही पार्टी से किनारा कर लिया है और वे अपना सुरक्षित राजनीतिक भविष्य भाजपा में ढूँढने की कोशिश कर रहे हैं। तीसरा नाम है दलित नेता जिग्नेश मेवाणी। निर्दलीय विधायक जिग्नेश को भी लोकसभा चुनाव 2019 ने करारा झटका दिया है, क्योंकि मोदी की सुनामी ने बेगूसराय से वामपंथी प्रत्याशी कन्हैया कुमार को घर बैठा दिया, जिसके लिए जिग्नेश ने जी-जान से प्रचार किया।

जोश में खोया होश !

Jignesh Mavanni

लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव और जनता की सबसे बड़ी कसौटी के दौरान हार्दिक-अल्पेश-जिग्नेश की यह तिकड़ी बिखरी हुई रही। न कांग्रेस को फायदा करा पाई और न ही भाजपा का कुछ बिगाड़ पाई। इस तिकड़ी की विशेषता यह है कि ये तीनों युवा तुर्क कहे जाते हैं। इनमें भी हार्दिक और जिग्नेश ने नवयुवक हैं। अल्पेश तो फिलहाल लाइमलाइट में नहीं हैं, क्योंकि वे कांग्रेस से किनारा कर चुके हैं। जब वे कोई अगला कदम भरेंगे, तब वे कदाचित चर्चा में आएँगे, परंतु हार्दिक और जिग्नेश जनता की ओर से लगभग हासिये पर धकेल दिए गए हैं। इसीलिए ये दोनों नेता फिर से चर्चा में आने के लिए नए-नए तिकड़म करते रहते हैं। कुछ दिन पहले चुनावों में कांग्रेस की हार से आघातित हार्दिक ने होश खोते हुए ऐसी एएन-32 विमान क्रैश पर एक मूर्खतापूर्ण ट्वीट कर अपनी किरकिरी करवाई थी, अब जिग्नेश मेवाणी ने जोश में आकर आज एक ऐसा ट्वीट कर दिया, जो उन्हें पुलिस थाने के चक्कर में फँसाने वाला साबित हुआ।

ग़लत वीडियो और पीएमओ से मांगा जवाब

वास्तव में जिग्नेश मेवाणी ने अब से कुछ घण्टे पहले अपने ट्विटर हैण्डल से एक VIDEO ट्वीट किया, जिसमें एक टीचर एक बच्चे की बर्बरतापूर्वक पिटाई कर रहा है। मेवाणी ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMOINDIA) को टैग करते हुए लिखा, ‘आपके whatsapp पे जितने भी नंबर एवं ग्रुप हैं, एक भी छूटने नहीं चाहिए, ये वीडियो सबको भेजिए। ये वलसाड के RM VM SCHOOL का टीचर है। इसको इतना शेयर करो कि ये टीचर और स्कूल दोनों बंद हो जाए। मैंने यह मैसेज रिसीव किया है। पीएमओ इंडिया बताए, क्या है यह ?’

मिस्र का वीडियो, जिग्नेश ने तुरंत डिलीट किया

अब वीडियो जब मेवाणी ने ट्वीट किया था, तो स्वाभाविक था कि उनके चेले-चपाटों ने इसे ज़म कर वायरल किया। वीडियो वायरल होते ही फैक्ट चेक करने वाले भी अपने काम में जुट गए और पता चला कि जिग्नेश ने जोश में आकर वलसाड के स्कूल का बता कर जो वीडियो ट्वीट किया है, वह तो मिश्र (EGYPT) के किसी स्कूल का है। जैसे ही सोशल मीडिया पर यह बात वायरल हुई, मेवाणी ने अपने ट्विटर हैंडल से सबसे पहले वीडियो और ट्वीट दोनों डिलीट किए। साथ ही एक और ट्वीट कर लोगों से पूछा कि क्या कोई बता सकता है कि यह वीडियो वलसाड गुजरात का है या इजिप्त का ? लोग अलग-अलग बातें बता रहे हैं। कोई सत्य बता सकता है ? यह अत्यंत-अत्यंत आघातजनक व पीड़ादायक है। इसीलिए लोग इसे अधिक से अधिक शेयर कर रहे हैं।

स्कूल ने जिग्नेश के विरुद्ध FIR दर्ज कराई

जोश में आकर ग़लत वीडियो ट्वीट करने और फिर उसे डिलीट करके जिग्नेश ने यह सोच लिया कि वे बच जाएँगे, परंतु ऐसा हुआ नहीं, क्योंकि जिग्नेश ने अपने ट्वीट में बाकायदा वलसाड के आएम वीएम स्कूल का नाम लिखा था। लिहाजा स्कूल प्रशासन ने वलसाड पुलिस थाने में विधायक जिग्नेश मेवाणी के विरुद्ध शिकायत (FIR) दर्ज कराई। स्कूल का आरोप है कि मेवाणी ने तथ्यों को जाँचे बिना ही मिस्र के वीडियो को स्कूल का वीडियो बता कर स्कूल की प्रतिष्ठा को हानि पहुँचाई है।

Leave a Reply

You may have missed