BIG SHOCKING NEWS : नहीं रहीं सबसे लम्बे समय तक CM रहने का रिकॉर्ड बनाने वालीं शीला दीक्षित !

* दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का निधन

* विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 20 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। देश की राजधानी दिल्ली से बड़ी और दु:खद ख़बर आ रही है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का निधन हो गया है। वे 81 वर्ष की थीं और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। शीला दीक्षित ने शनिवार दोपहर बाद दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में अंतिम साँस ली।

राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व के संकट से जूझ कांग्रेस जहाँ गोवा, गुजरात से लेकर कर्नाटक तक उथल-पुथल से परेशान है, वहीं दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 से पहले शीला दीक्षित का निधन कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। 31 मार्च, 1938 को पंजाब के कपूरथला में जन्मीं शीला दीक्षित ने 1984 में राजनीति में प्रवेश किया था और उत्तर प्रदेश के कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। शीला 1989 में दूसरी बार भी कन्नौज से सांसद चुनी गईं।

1998 में दिल्ली की राजनीति में प्रवेश

शीला दीक्षित ने 1998 में दिल्ली की राजनीति में प्रवेश किया। यद्यपि लोकसभा चुनाव 1998 में वे पूर्वी दिल्ली से भाजपा के लाल बिहारी तिवारी से चुनाव हार गईं, परंतु उसी वर्ष हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव 1998 में कांग्रेस ने 70 में से 52 सीटें जीत कर सत्ता हासिल की और शीला दीक्षित 3 दिसम्बर, 1998 को दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। वे दिल्ली की कद्दावर नेता बन गईं और उन्होंने 15 वर्षों तक (5,504 दिनों तक) दिल्ली में शासन किया। दिल्ली का चेहरा बदलने का श्रेय शीला दीक्षित को ही जाता है। इतना ही नहीं, शीला दीक्षित के नाम देश में 16 महिला मुख्यमंत्रियों में सबसे लम्बे समय तक शासन करने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। शीला के बाद 5,238 दिनों तक शासन करने का रिकॉर्ड तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के नाम दर्ज है।

कांग्रेस के लिए मुश्किल हो गई चुनौती

शीला दीक्षित के निधन से कांग्रेस के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया है। जनवरी-2015 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत नेतृत्व देने में सक्षम शीला दीक्षित से काफी उम्मीदें थीं। लोकसभा चुनाव 2019 में दिल्ली राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आआप-AAP) और केन्द्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) के हाथों करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस ने शीला दीक्षित को दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष बनाया था, ताकि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत किया जा सके, परंतु छह माह पहले ही शीला के अलविदा कहने से कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव की चुनौती और मुश्किल हो गई है।

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