‘चौकीदार’ नरेन्द्र मोदी ने देश के 85 लाख चौकीदारों को चुनाव से पहले ही दे दिया ये बड़ा उपहार

लोकसभा चुनाव 2014 में चाय और चायवाले चर्चा में थे, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 में चौकीदारों को चर्चा में ला दिया है। मोदी सहित भाजपा के सभी नेताओं ने अपने नाम से पहले चौकीदार शब्द जोड़ दिया है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील में भ्रष्टाचार और पीएम मोदी की कथित सहभागिता का आरोप लगाते हुए जनता के बीच ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया था।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को चौकीदार कह कर इसलिए संबोधित किया, क्योंकि 2014 में मोदी ने देश की जनता से वादा किया था कि वे देश के प्रधानसेवक, देश के चौकीदार बनना चाहते हैं। राहुल गांधी ने जब राफेल डील में पीएम मोदी पर उद्योगपति अनिल अंबाणी को फायदा पहुँचाने का आरोप लगाते हुए मोदी के विरुद्ध ‘चौकीदार चोर है’ का नारा गुंजायमान किया, तो मोदी और भाजपा ने राहुल के नारे को ही ढाल बनाते हुए देश की जनता के बीच यह दावा किया कि मोदी ही देश के चौकीदार बनने के योग्य हैं।

सवाल यह उठता है कि राजनेताओं के चुनावी घमासान में बहुत जोर-शोर से चौकीदार शब्द के चर्चा में आने से चौकीदारों का भला क्या फायदा होगा ? उत्तर यह है कि देश के 85 लाख चौकीदारों के भी अब अच्छे दिन आने वाले हैं। यदि आप चौकीदार हैं, तो मोदी सरकार ने चुनाव से पहले ही आपको एक बड़ा उपहार दिया है। इसके अनुसार अब तक जो चौकीदार यह निर्धारित नहीं कर कर पाते थे कि किस सुरक्षा एजेंसी में नौकरी करना लाभप्रद है, उनकी सहायता अब मोदी सरकार करेगी। अब चौकीदार अच्छी सिक्योरिटी एजेंसी चुन सकेंगे। इससे उनकी सैलरी भी बढ़ेगी और उन्हें कई अन्य फायदे भी होंगे।

वास्तव में अभी तक ऐसा कोई मानक नहीं था, जिससे निजी सुरक्षा एजेंसियों का मूल्यांकन किया जा सके। यही वजह थी कि कर्मचारी योग्य एजेंसी का चयन नहीं कर पाते थे, परंतु लेकिन अब केन्द्र सरकार के उद्योग संवर्धन तथा आंतरिक व्यापार विभाग (DPII) के अधीन काम करने वाली भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इस निर्णय के अनुसार क्यूसीआई अब निजी सुरक्षा एजेंसियों का मूल्यांकन करेगी और रेटिंग के आधार पर उन्हें प्रमाणपत्र देगी।

निजी कंपनियों के संगठन सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री अर्थात् (CAPSI) के अध्यक्ष कुँवर विक्रम सिंह ने बताया कि उनके संगठन ने सुरक्षा सम्बंधी सेवाएँ देने वाली निजी सुरक्षा कंपनियों के मूल्यांकन के लिये क्यूसीआई के साथ करार किया है। 22 हजार से अधिक निजी सिक्योरिटी एजेंसियों और 85 लाख से अधिक चौकीदारों का नेतृत्व करने वाले सीएपीएसआई ने सुरक्षा गार्डों के लिये रोजगार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ उनके नियोक्ताओं की दृष्टि में उनकी विश्वसनीयता बढ़ाने के लिये ही यह करार किया है। इस करार से सुरक्षा एजेंसी रेटिंग योजना के अंतर्गत मानकीकरण की प्रक्रिया से एजेंसियों को भी अपनी विश्वसनीयता और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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