गुजरात में विजय रूपाणी को दो साल में मतदाताओं ने दिया दूसरा झटका, अल्पेश ठाकोर भी हारे

विश्लेषण : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 24 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। गुजरात में विधानसभा की 6 खाली सीटों पर 21 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद गुरुवार को मतगणना हो रही है। यहाँ सीएम विजय रूपाणी 2017 में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में बामुश्किल झटके खाते हुए बहुमत तक पहुँचे थे और भाजपा को सत्ता में बरकरार रखने में सफल हो पाये थे। इस उपचुनाव को भी उनके लिये प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था, जिसमें उन्हें मतदाताओं ने फिर झटका दिया है, क्योंकि 6 में से 4 सीटें बीजेपी की थी, जिनमें से कांग्रेस और भाजपा ने तीन-तीन सीटें जीती हैं। इस प्रकार भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है। जबकि कांग्रेस को एक सीट का फायदा हुआ है। कांग्रेस ने राधनपुर (पाटण), बायड (अरवल्ली) और थराद (बनासकांठा) सीटें जीती हैं, वहीं खेरालु (मेहसाणा), लूणावाड़ा (महिसागर) तथा अमराईवाड़ी (अहमदाबाद) सीटें भाजपा को मिली हैं। रूपाणी के साथ ही मतदाताओं ने ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर और उन्हीं के साथ कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल होने वाले धवलसिंह झाला को भी करारा झटका दिया है। अल्पेश ठाकोर पाटण जिले की राधनपुर सीट से चुनाव हारे हैं, उन्हें कांग्रेस के रघु देसाई ने मात दी, जबकि अरवल्ली जिले की बायड विधानसभा सीट पर धवलसिंह झाला को कांग्रेस के जशुभाई पटेल ने पराजित किया है। भाजपा को मेहसाणा जिले की खेरालु, महिसागर जिले की लूणावाड़ा और अहमदाबाद शहर की अमराईवाड़ी सीट पर जीत मिली है। थराद सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी गुलाबसिंह राजपूत की जीत हुई है। खेरालु में भाजपा के अजमलजी ठाकोर जीते हैं और अमराईवाड़ी में भी भाजपा के जगदीश पटेल ने कांग्रेस के धर्मेन्द्र पटेल को पराजित कर दिया है।

दल बदल कर भाजपा में जाने वाले अल्पेश ठाकोर को नकारा

सबसे बड़ी बात ये रही कि गत सामान्य चुनाव में भाजपा ने अपने चार विधायकों को लोकसभा का टिकट दिया था। ये चारों जीत जाने से उनकी विधानसभा की सीटें खाली हुईं थी, जबकि कांग्रेस के दो विधायकों अल्पेश ठाकोर और धवलसिंह झाला ने गुजरात के राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस से बगावत करते हुए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में वोटिंग की थी। इसके बाद विधायक और कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गये थे। इसलिये कांग्रेस की दो सीटें रिक्त हुई थी। इन सभी छह सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इसमें 53.67 प्रतिशत औसत वोटिंग हुई थी। इस उपचुनाव में खास बात यह रही कि मतदाताओं ने दल बदल कर कांग्रेस से बगावत करके भाजपा में गये दोनों नेताओं अल्पेश ठाकोर और धवलसिंह झाला को नकार दिया। वहीं सीएम रूपाणी के लिये भी इन चुनाव परिणामों ने कड़ा संदेश छोड़ा है।

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