गुजरात से ‘जुगल’ जोड़ी की ‘जय’ निश्चित, कांग्रेस की अंतिम आशा पर SC ने फेरा पानी

अहमदाबाद, 25 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। कांग्रेस की गुजरात से एक राज्यसभा सीट जीतने की आशा पर उस समय पानी फिर गया जब सुप्रीम कोर्ट ने उसकी एक याचिका को खारिज कर दिया। हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव के बाद गुजरात में राज्यसभा की दो सीटें खाली हुई हैं । दोनों सीटों के लिये यदि एक ही बार वोटिंग कराई जाती तो कांग्रेस को एक सीट जीतने की उम्मीद थी, परंतु पहले चुनाव आयोग ने दोनों राज्यसभा सीटों के लिये एक ही दिन अलग-अलग मतदान कराने की अधिसूचना जारी करके कांग्रेस का दिल तोड़ दिया और जब कांग्रेस उम्मीद लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुँची तो सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे ठेंगा दिखाकर झटका दे दिया। इससे कांग्रेस की उम्मीदों पर फिलहाल पूरी तरह से पानी फिर गया है।


क्या है पूरा मामला


दरअसल गुजरात के दो राज्यसभा सांसद गृह मंत्री अमित शाह गांधीनगर और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी से लोकसभा चुनाव जीत गये हैं। उनके लोकसभा में जाने से राज्य सभा में गुजरात की दो सीटें खाली हो गई हैं। इन सीटों को भरने के लिये निर्वाचन आयोग ने 5 जुलाई को उप चुनाव कराने की अधिसूचना जारी की है। खास बात यह है कि चुनाव आयोग ने दोनों सीटों के लिये अलग-अलग मतदान कराने की अधिसूचना जारी की है। एक सीट के लिये कम से कम 61 विधायकों के वोट काफी होते हैं। राज्य विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या एक 99 है, जिनमें से 7 विधायक लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं, जिससे विधायकों की संख्या घटकर 92 रह गई है। ऐसे में दो बार अलग-अलग वोटिंग कराने से उसके विधायक दो बार वोट डाल सकेंगे और बहुमत के आधार पर अपनी पार्टी के दोनों उम्मीदवारों को जिता सकते हैं। जबकि दोनों सीटों के लिये एक बार वोटिंग कराने की स्थिति में भाजपा को दोनों सीटें जीतने के लिये क्रॉस वोटिंग करवानी पड़ती और एक सीट कांग्रेस के हाथ में जा सकती थी।


कांग्रेस को लगा ‘सुप्रीम’ झटका


चुनाव आयोग की अधिसूचना एक ओर भाजपा के लिये अच्छी सिद्ध हुई, वहीं कांग्रेस की मंशाओं पर पानी फेरने वाली सिद्ध हुई। चुनाव आयोग की अधिसूचना के कारण उसकी एक राज्यसभा सीट जीतने की मंशा पर पानी फिर गया। इसलिये कांग्रेस विधायक दल के नेता परेश धानाणी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कांग्रेस ने कहा कि एक ही दिन दोनों सीटों के लिये अलग-अलग चुनाव कराना असंवैधानिक है और संविधान की भावना के विरुद्ध है। इसलिये सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग को आदेश देना चाहिये कि वह दोनों सीटों पर साथ-साथ चुनाव कराए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपना पक्ष लेकर चुनाव आयोग के पास जाना चाहिये। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में ही सुनवाई करवाना चाहती है तो चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वह याचिका दायर करे, जिस पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगी, परंतु अभी वह सुनवाई नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली तथा मुंबई हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रेगुलर वैकेंसी भरने के लिये एक साथ चुनाव होते हैं, परंतु आकस्मिक यानी केजुअल वैकेंसी के लिये एक साथ ही चुनाव कराए जाएँ, ऐसी कोई बाध्यता नहीं है।


भाजपा की ‘जुगल’ जोड़ी ने भरा पर्चा


भाजपा ने गुजरात से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में दो नामों की घोषणा की है। इनमें एक विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर हैं और दूसरा नाम जुगल लोखंडवाला उर्फ जे. एम. ठाकोर का है। ठाकोर उत्तर गुजरात के ठाकोर समाज के बड़े नेता हैं। उन्हें ठाकोर समाज के उत्थान के काम करने के लिये सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाना जाता है। मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिये नामांकन पत्र भरने का अंतिम दिन था। इसलिये विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर दिल्ली से अहमदाबाद पहुँचे, जबकि जुगल लोखंडवाला उर्फ जे. एम. ठाकोर भी पर्चा दाखिल करने के लिये गांधीनगर आए। दोनों नेताओं ने विधानसभा भवन की तीसरी मंजिल पर चुनाव अधिकारी के रूप में मनोनीत राज्य सरकार के उप सचिव वी. सी. पंड्या के कार्यालय में पर्चा दाखिल किया। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल और गुजरात भाजपा के अध्यक्ष जीतूभाई वाघाणी सहित कई नेता और मंत्री भी उपस्थित रहे। भाजपा के दोनों ही उम्मीदवारों की जीत निश्चित है, हालांकि औपचारिक घोषणा 5 जुलाई को मतदान के बाद होगी।

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