गुजरात : हे राम ! ऐसा DRY STATE तो ‘गांधी’ को भी गँवारा न होता..!

* अभी और 5 दिनों तक बरसात की कोई संभावना नहीं

* 40 पार गर्मी और भीषण उमस से नहीं मिलेगी राहत

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 19 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। ड्राय स्टेट का अर्थ होता है शुष्क राज्य। गर्मी से मुक्ति और शीतलता की चाहत रखने वाले लोग ऐसे ड्राय स्टेट से दूर ही रहना पसंद करते हैं, परंतु हम एक विशेष वर्ग की बात करने जा रहे हैं, जिनके लिए इस ड्राय स्टेट का एक अलग ही और विशेष अर्थ होता है।

जी हाँ। हम बात कर रहे हैं भारत के उन राज्यों के बारे में, जहाँ मद्य निषेध अर्थात् शरारबंदी लागू है। इसमें सबसे चर्चित राज्य गुजरात है, जहाँ राज्य की स्थापना यानी 1 मई, 1960 से ही शराबबंदी लागू है। देश के चौथे और नए शराबबंदी वाले राज्य के रूप में कुछ वर्ष पहले बिहार का नाम जुड़ा है। इसके अतिरिक्त नागालैण्ड और मिज़ोरम में मद्य निषेध कानून लागू है। कुल मिला कर देश के 31 में से 4 राज्यों में शराबबंदी है। शराब के शौक़ीन ऐसे राज्यों को ड्राय स्टेट कहते हैं।

जहाँ तक गुजरात का प्रश्न है, तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म स्थली और कर्म स्थली होने के नाते गुजरात ने अपनी स्थापना के दिन से ही शराबबंदी कानून लागू किया, जो आज तक जारी है। सत्य और अहिंसा के आदर्शों के प्रतीक महात्मा गांधी का जीवन सम्पूर्ण सात्विक था। यही कारण है कि गुजरात ने स्वयं को शराबियों की भाषा वाला ड्राय स्टेट रखना सुनिश्चित किया, परंतु आज हम जिस ड्राय स्टेट गुजरात की बात कर रहे हैं, उसका सम्बंध शाब्दिक अर्थ से है। ड्राय स्टेट यानी शुष्क प्रदेश या राज्य।

उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित अनेक राज्यों में जहाँ दक्षिण पश्चिम मॉनसून मेहर और कहर दोनों ही बरसा-बरपा रहा है, वहीं गुजरात में ‘बिन पानी सब सून’ वाली स्थिति पैदा हो गई है। वैसे गुजरात में मॉनसून के आगमन से पहले वायु चक्रवात ने अच्छी-खासी बरसात कर दी थी, परंतु असली उम्मीद तो मॉनसून से थी। 25 जून को गुजरात में मॉनसून ने प्रवेश किया था और दक्षिण गुजरात में भारी वर्षा के साथ समग्र गुजरात के लिए आशाएँ पैदा की थीं, परंतु धीरे-धीरे मौसमी परिस्थितियाँ बदलती गईं और आज गुजरात पिछले कई दिनों से सचमुच ड्राय स्टेट बन गया है। ऐसा ड्राय स्टेट, जो कदाचित गांधी को भी गँवारा नहीं होता।

WS = भारी से अति भारी वर्षा
FWS = मध्यम वर्षा
SCT = छिटपुट वर्षा
ISOL = बूंदाबांदी
DRY = शुष्क

मॉनसून की धमाकेदार एण्ट्री को लगभग एक महीना होने जा रहा है, परंतु मौसम विभाग की मानें, तो गुजरात में अभी भी वर्षा के अनुकूल स्थिति नहीं है। अरब सागर या बंगाल की खाड़ी में ऐसा कोई सिस्टम तैयार नहीं हो रहा है, जो भरे चौमासे के मौसम में खिली धूप और आर्द्रता (HUMADITY) के कारण उमस से उबलते गुजरात को राहत दे सके। मौसम विभाग के अनुसार गुजरात में अगले पाँच दिनों यानी 23 जुलाई तक अच्छी और राहत देने वाली वर्षा होने की कोई संभावना नहीं है।

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कच्छ की सूखी धरती, उत्तर गुजरात के प्यासे लोग, सौराष्ट्र के सूखे बांध-जलाशय और मध्य गुजरात की आम जनता से लेकर दक्षिण गुजरात में शुरुआती झमाझम बरसात के बावजूद समूचा गुजरात अच्छी बरसात के लिए तरस रहा है। अहमदाबाद सहित राज्य के प्रमुख महानगरों की बात करें, तो दिन का तापमान 40 डिग्री को पार कर रहा है, जिससे उमस और तपिश दोनों से जनजीवन पसीना-पसीना हो रहा है। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि जुलाई का महीना भी प्रतीक्षा में ही चला जाएगा। हिन्दी भाषी उत्तर भारतीय राज्यों में तो सावन का महीना शुरू हो गया है, परंतु लगता है कि गुजरात के लोगों को 2 अगस्त से आरंभ होने वाले अपने श्रावण महीने में ही बारिश की फुहारों का आनंद उठाने मिलेगा।

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