ताप के बीच तप : निर्जला एकादशी पर बही ‘निर्जरा’ कर्म की ‘गुलाब रसधारा’ !

सेवा धर्म है, सेवा में संकोच नहीं करना चाहिये : आई. के. शर्मा

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 13 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। वेलनेस के क्षेत्र में काम करने वाली स्टार्टअप कंपनी www.zealnjoy.com की ओर से गुरुवार को निर्जला एकादशी के शुभ अवसर पर गुजरात की शासकीय राजधानी गांधीनगर और आर्थिक राजधानी अहमदाबाद के बीच एक अनूठा सेवायज्ञ किया गया। Zeal n Joy नामक इस स्टार्टअप कंपनी के संस्थापक आई. के. शर्मा और उनके बीसियों सेवाभावी सहकर्मियों ने अहमदाबाद-गांधीनगर मार्ग पर मोटेरा के पास सड़क पर शीतल शरबत की रसधारा बहाई। इस सेवायज्ञ के दौरान यहाँ से आवागमन करने वाले राहगीरों को गुलाब रस मिश्रित शीतल जल पिलाकर उनकी तृषा शांत की। I K Sharma e-ventures pvt. ltd. के बैनर तले कार्यरत् zealnjoy.com द्वारा इस तरह की अनेक सेवाभावी प्रवृत्तियाँ की जाती हैं, जिसके प्रेरणास्रोत हैं कंपनी के संस्थापक व मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) आई. के. शर्मा ।

तपन के बीच तर किया गया गला

सामान्यतः कॉर्पोरेट जगत में विविध कंपनियों के कर्मचारी अपने एयरकंडीशन ऑफिसों में बैठकर काम करते हैं, परंतु यहाँ नज़ारा बिल्कुल विपरीत देखने को मिला। कंपनी के संस्थापक आई. के. शर्मा के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम भीषण ताप में अपने एयरकंडीशन ऑफिस से बाहर निकली और निर्जला एकादशी के विशेष अवसर पर इन सभी ने मार्ग पर शीतल जल का शिविर लगाया। सभी लोगों ने अपूर्व उत्साह और सेवा-भाव से वाहनों को रोक-रोककर उन्हें शीतल जल पिलाया। इस जल में दूध और गुलाब जल मिश्रित किया गया था, जिसे पीने से न सिर्फ तुरंत प्यास बुझती है, अपितु शरीर को तुरंत स्फूर्ति भी प्राप्त होती है।

निर्जला एकादशी पर 30 हजार राहगीरों की सेवा

निर्जला एकादशी के सविशेष अवसर पर यह शिविर सुबह 9 बजे प्रारंभ किया गया था, जो देरशाम 6 बजे तक चला। इस दौरान कंपनी के नाम वाले गणिवेश में सज्ज कर्मचारी इस सेवायज्ञ में अविरत आहुति देते रहे। एक अनुमान के अनुसार सुबह से शाम तक चली इस सेवा का 30 हजार से भी अधिक राहगीरों ने लाभ लिया। राहगीरों से इस बारे में बात करने पर उन्होंने इस टीम की सेवा-भावना की जमकर सराहना की। एक राहगीर मुकेश ने बताया कि वह मार्केटिंग का काम करता है और काम के सिलसिले में अहमदाबाद से गांधीनगर गया था, जहाँ से वापसी में उसे इस टीम की सेवा का लाभ मिला। कड़ी धूप में खड़े रहकर और राहगीरों को सामने से बुलाकर उन्हें तृप्त करने की इस टीम की सेवाभावना सचमुच सराहनीय है।

धरम करने में शरम कैसी : आई. के. शर्मा

इस अनूठी पहल के बारे में पूछे जाने पर आई. के. शर्मा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही धार्मिक और सामाजिक संस्कार प्राप्त हुए हैं। इसलिये समय-समय पर वह पौधारोपण सहित विविध प्रकार की प्रवृत्तियों का आयोजन करते हैं और उनमें बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि धरम करना चाहिए, उसमें शरम कैसी ? उन्होंने कहा कि सेवा धर्म है, सेवा करने में किसी को भी कोई संकोच नहीं करना चाहिये।

युवा तथा उत्साही बिज़नेसमैन आई. के. शर्मा ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि देश की सेवा करने वाले वीर जवान सेवानिवृत्त होने के बाद सिक्योरिटी गार्ड जैसी नौकरी करने को विवश होते हैं। शर्मा ने कहा कि वह ऐसे जवानों को सेवानिवृत्ति के बाद भी गौरवपूर्ण जीवन जीने का अवसर देते हैं और उन्हें अपनी कंपनी के साथ जोड़कर बेहतर और आसान माध्यम से आजीविका कमाने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक लगभग दस हजार सेवानिवृत्त जवान उनके साथ जुड़ चुके हैं।

आज के दौर में जब युवा पीढ़ी घर आये मेहमान को जलपान कराकर उसका सहर्ष स्वागत करने के बजाय मेहमानों को देखकर मुँह बिगाड़ लेती है। ऐसे में आई. के. शर्मा और उनकी टीम सचमुच युवा पीढ़ी के लिये प्रेरणास्रोत हैं।

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