‘तरुण’ हो रही भारतीय वायुसेना : इस पायलट ने किया वह कारनामा, जो 86 वर्षों के इतिहास में कोई न कर सका !

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 30 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। पूरी दुनिया में अपने अदम्य साहस का डंका बजाने वाली भारतीय वायुसेना (IAF) आज यानी 30 जुलाई, 2019 को 86 वर्ष 9 महीने और 22 दिन की हो गई। इतने लम्बे और शौर्य से भरे इतिहास में INDIAN AIR FORCE ने राष्ट्र भूमि की रक्षा के लिए कई बलिदान दिए और कई शौर्यपूर्ण कार्य किए, परंतु गत 21 जुलाई, 2019 को जोधपुर में आईएएफ के एक पायलट ने जो कारनामा किया, वह उसके 86 वर्षों के इतिहास में किसी पायलट ने नहीं किया। इस पायलट के कारनामे को जान कर आपके मुँह से यही निकलेगा कि हमारी भारतीय वायुसेना समय के साथ अधिक से अधिक तरुण होती जा रही है, जिसकी तरावट हर क्षण माँ भारती की रक्षा के प्रति समर्पित है।

हमने यहाँ भारतीय वायुसेना के लिए तरुण शब्द प्रयोग इसलिए किया, क्योंकि भारतीय वायुसेना में गत 21 जुलाई को जो इतिहास रचा गया, उस इतिहास के रचयिता पायलट का नाम तरुण है। हम बात कर रहे हैं विंग कमांडर तरुण चौधरी की, जिन्होंने जोधपुर में आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह में MI 17 हेलीकॉप्टर से 8500 फीट की ऊँचाई से छलांग लगाई, जिसे विंगसूट स्काइडाइव (WINGSUIT SKYDIVE) कहते हैं। इसके साथ ही तरुण चौधरी विंगसूट स्काइडाइव करने वाले प्रथम भारतीय वायुसैनिक पायलट बन गए। आईएएफ ने स्वयं एक ट्वीट कर बताया कि तरुण चौधरी ने विंगसूट स्काइवडाइव पूरा कर मील का पत्थर हासिल किया है। यह पहला मौका है, जब भारतीय वायुसेना के किसी पायलट ने उसी हेलीकॉप्टर से विंगगसूट स्काइवडाइव जम्प किया है, जिसको उसने ही उड़ाया है।

एक और ट्वीट में भारतीय वायुसेना ने कहा कि चाहे रोमांच हो या ऑपरेशन, हमारे पायलट हर तरह से प्रशिक्षित हैं। आसमान को छूने के लिए बहुत बधाई।

उल्लेखनीय है कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजस्थान के जोधपुर में आईएएफ की ओर से पहली बार फ्लाइंग विंगसूट जम्प का प्रदर्शन किया गया। 21 व 22 जुलाई को जोधपुर स्थित वायुसेना स्टेशन पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान विंग कमांडर तरुण चौधरी ने 8,500 फीट की ऊँचाई से विंगसूट स्काइवडाइव करके कीर्तिमान स्थापित किया।

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