नहीं लौटी मोदी सरकार, तो चरमरा जाएगा शेयर बाजार, NIFTY हो जाएगा निढाल, करोड़ों रुपए डूबने के आसार

लोकसभा चुनाव 2019 के बाद यदि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा नीत एनडीए की सरकार वापस नहीं आई तो शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल मच जाएगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 50 (NIFTY) में 10 से 15 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है। यदि निफ्टी में गिरावट हुई तो इसका सीधा अर्थ यह है कि शेयर बाजार में उथल-पुथल मचेगी और ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर देश की अर्थ व्यवस्था पर भी दिखाई देगा।

यह कहना है स्विटजरलैंड की ब्रोकरेज कंपनी UBS SECURITIES का। यूबीएस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार के चुनाव में किसी के पक्ष में लहर देखने को नहीं मिली है। यूबीएस सिक्योरिटीज ने उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में अपने दौरों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बार के चुनाव में 2014 की तुलना में चुनावी गतिविधियाँ सुस्त रहीं।

रिपोर्ट के अनुसार यदि देश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार नहीं बनती है तो निफ्टी में 10 से 15 प्रतिशत की भारी गिरावट आ सकती है। वहीं राजग की 250 सीटों से कम सीटें आने पर निकट भविष्य में नई सरकार बनने तक उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहेगा। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यदि राजग 250 से अधिक सीटें जीतता है तो निफ्टी 5 प्रतिशत तक चढ़कर उच्च स्तर पर भी पहुँच सकता है।

उल्लेखनीय है कि 2014 में भाजपा को उत्तर प्रदेश में 80 में से 71 सीटें मिली थी, जबकि पश्चिम बंगाल में उसे इस बार फायदा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि गैर-राजग सरकार बनती है तो निफ्टी 10 से 15 प्रतिशत तक नीचे आ सकता है।

निफ्टी क्या है ?

आपको बता दें कि NATIONAL STOCK EXCHANGE OF INDIA का एक महत्वपूर्ण BENCHMARK होता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड 50 प्रमुख कंपनियों के शेयरों का सूचकांक निफ्टी-50 कहलाता है। यह देश की 50 कंपनियों के शेयरों पर नजर रखता है। इसमें सिर्फ उन्हीं 50 कंपनियों के शेयरों को देखा जा सकता है, जो उसमें लिस्टेड हैं।

निफ्टी इन 50 कंपनियों की तेजी-मंदी का भी ध्यान रखता है और उनकी सूचना भी प्रदान करता है। निफ्टी भारत का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण स्टॉक इंडेक्स है। निफ्टी देश में सबसे ज्यादा ट्रेंड होता है। दूसरे नंबर पर बीएसई सेंसेक्स है। निफ्टी में 50 से अधिक कंपनियों के स्टॉक लिस्ट नहीं किये जा सकते हैं। अभी निफ्टी में 12 अलग-अलग सेक्टर्स की 50 कंपनियाँ लिस्टेड हैं।

निफ्टी और अर्थ व्यवस्था

आपको बता दें कि निफ्टी और अर्थ व्यवस्था का गहरा सम्बंध है। जैसे निफ्टी का सूचकांक चढ़ना यह दर्शाता है कि कंपनियाँ अच्छा लाभ कमा रही हैं और मुनाफा कर रही हैं। वैसे ही अर्थ व्यवस्था भी सुदृढ़ होती है क्योंकि भारतीय कंपनियाँ जितना ज्यादा केपीटल गेन करेंगी, उतना ही ज्यादा टैक्स आदि देश की अर्थ व्यवस्था में जुड़ता है जो देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है।

निफ्टी में जैसे 50 कंपनियाँ लिस्टेड होती हैं, वैसे एनएसई में लगभग 6000 के आसपास कंपनियाँ लिस्टेड होती हैं। उन 6000 में से 50 सबसे बड़ी कंपनियों को निफ्टी में रखा जाता है, जिससे बाजार की चाल का अनुमान लगाया जाता है।

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