अब ‘वायु’ से छूटेगा पाकिस्तान का पसीना : अगले 24 घण्टे में पसीने से तर-ब-तर हो जाएगा कराची

अहमदाबाद, 11 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम। अब पाकिस्तान का पसीना छूटने वाला है। अगले 24 घण्टे में पाकिस्तान के कराची समेत समुद्र तटीय इलाकों में लोग HEAT WAVE  के कारण पसीने से तर-ब-तर हो जाएँगे। ‘वायु’ के कारण पाकिस्तान का पसीना छूटने वाला है। पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया है कि उसका पसीना छूटने वाला है।

अरब सागर में उठा ‘वायु’ तूफान

दरअसल मानसून से पहले अरब सागर में चक्रवाती तूफान ने आकार लिया है, जो तेजी से गुजरात की तरफ आगे बढ़ रहा है। भारत ने इस तूफान का नाम ‘वायु’ रखा है। यह तूफान बुधवार से गुरुवार तक गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ के समुद्र तटों से टकरा सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अभी तूफान ‘वायु’ की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घण्टा है। अगले 24 घण्टे में जब यह सौराष्ट्र-कच्छ के समुद्र तट पर पहुँचेगा तब तक इसकी गति बढ़कर 110 से 135 किलोमीटर प्रति घण्टा हो सकती है। इस प्रकार अगले 24 घण्टे में यह चक्रवाती तूफान गंभीर चक्रवात में परिवर्तित हो जाएगा।

24 घण्टे में गुजरात तट से टकराएगा ‘वायु’

मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर में कम दबाव के साथ 12 से 14 जून के बीच गुजरात के वेरावल, जामनगर, माँगरोळ, पोरबंदर और अमरेली जिलों के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात के टकराने की आशंका है। इसके चलते अगले 24 घण्टे में सौराष्ट्र-कच्छ में आँधी के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में नुकसान की आशंका के चलते गुजरात शासन-प्रशासन ने सभी प्रकार की पूर्व तैयारियाँ कर ली हैं। सरकार की ओर से आपातकालीन बैठकों का दौर चल रहा है। वहीं मछलियाँ पकड़ने के लिये मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगा दी है। बंदरगाहों के लिये भी चेतावनी जारी की गई है। तूफान के प्रभाव से भीषण गर्मी की भी चेतावनी दी गई है।

‘वायु’ तूफान से पाकिस्तान में बढ़ेगी गर्मी

चक्रवाती तूफान भले ही गुजरात की तरफ बढ़ रहा है, परंतु पाकिस्तानी मौसम विभाग के वैज्ञानिक अब्दुर राशिद के अनुसार चक्रवाती तूफान वायु गुजरात के सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों की ओर आगे बढ़ रहा है, उससे पाकिस्तानी तटों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। हालाँकि इसके कारण पाकिस्तान के तटीय क्षेत्रों में हीट वेव (गर्मी) बढ़ सकता है। यह तूफान आगे जाकर श्रेणी-3 में परिवर्तित हो जाएगा। अभी पाकिस्तान में गर्मी 35 से 37 डिग्री है, जो तूफान के कारण बढ़कर 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। अब्दुर राशिद के अनुसार ऐसी ही घटना 2015 में भी हुई थी, जब तूफान के कारण कराची में पाँच दिनों तक भयंकर गर्मी पड़ी थी और रमज़ान के महीने में गर्मी से पानी की किल्लत हो गई थी। कराची में 3,000 लोगों की मृत्यु हुई थी।

10 साल में पहली बार गुजरात से टकराएगा चक्रवात

2010 में आया था फेट

गुजरात में पिछले 10 साल में कई बार मानसून से पहले और मानसून के बाद चक्रवाती तूफान आया है। हालांकि किसी भी तूफान ने सीधे-सीधे गुजरात तट को हिट नहीं किया है। जून-2010 में आया फेट नामक तूफान गुजरात के निकट आने के बाद ओमान की तरफ चला गया था। घूमकर फिर गुजरात की तरफ आय़ा और बाद में गुजरात को डराते हुए पाकिस्तान की तरफ चला गया था।

2014 में नौनक व नीलोफर की दस्तक

वर्ष 2014 में गुजरात के पास समुद्र में दो चक्रवात आये थे। मानसून से पहले चक्रवात नौनक ने डराया, परंतु वह अरब सागर में ही खत्म हो गया था। इसी प्रकार अक्टूबर में चक्रवात नीलोफर ने दस्तक दी, परंतु यह भी समुद्र के बीच में ही समाप्त हो गया।

2017 में ओखी तूफान

वर्ष 2017 के नवंबर महीने में ओखी चक्रवात आया था। इसने केरल और तमिलनाडु में व्यापक स्तर पर नुकसान पहुँचाया था। इसके कारण सैकड़ों लोग मारे गये थे। इसके बाद यह तूफान गुजरात की तरफ बढ़ा था। गुजरात में सभी प्रकार की आपातकालीन तैयारियाँ कर ली गई थी, परंतु तभी चक्रवात ओखी भी गुजरात तट को स्पर्श करने से पहले ही खत्म हो गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed