अब दिल्ली को बुरी नज़र से ऐसे बचाएगी मोदी सरकार

मिसाइल के खतरों से सुरक्षित होगी देश की राजधानी

भारत अमेरिका से खरीद रहा है खास ‘मिसाइल रक्षा प्रणाली’

अहमदाबाद, 10 जून, 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम। मोदी सरकार ने देश की राजधानी दिल्ली को बुरी नज़र से बचाने के लिये ढाल का इंतजाम कर लिया है। अब सरकार दिल्ली को हर खतरे से बचाने के लिये सक्षम है। भारत शीघ्र ही अमेरिका से नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम-2 (NASAMS-2) खरीदने जा रही है। इस खास मिसाइल रक्षा प्रणाली को दिल्ली की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा। यह अमेरिकी ढाल दिल्ली को न केवल मिसाइल अपितु किसी प्रकार के हवाई जहाज और ड्रोन के खतरे से न सिर्फ बचाएगी बल्कि पल भर में मार गिराएगी।

अमेरिकी ढाल से सुरक्षित होगी दिल्ली

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत इस अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली को स्वदेशी पृथ्वी एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम तथा रूसी एस-400 और इज़राइली डिफेंस प्रणाली के साथ मिलाकर प्रयोग करेगी और इस तरह भारत दिल्ली के लिये एक बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा ढाल तैयार करेगा। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका अपने विदेशी सैन्य बिक्री कार्यक्रम के तहत भारत को नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (एनएएसएएमएस-2) बेचने के लिये स्वीकृति पत्र जुलाई-अगस्त-2019 में जारी कर सकता है। उल्लेखनीय है कि इस अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली की अनुमानित लागत 6,000 करोड़ रुपये है।

अमेरिकी ढाल को तैनात करने की जगह हुई तय

सौदे का स्वीकृति पत्र जारी होने के बाद अमेरिका तीन से चार साल में इस मिसाइल रक्षा प्रणाली को भारत के सुपुर्द कर देगा। भारतीय रक्षा मंत्रालय इस मिसाइल की खरीद को पहले ही हरी झंडी दे चुका है। भारत को यह प्रणाली मिलने के बाद इसे राजधानी दिल्ली की सुरक्षा में तैनात करेगी। इस प्रणाली के प्राप्त होने के बाद भारत दिल्ली को किसी भी प्रकार के हवाई खतरे से सुरक्षित करने में पूर्णतः सक्षम होगा। सूत्रों के अनुसार सरकार ने इन सुरक्षा प्रणालियों को तैनात करने के लिये जगहों का चयन भी कर लिया है।

त्रिस्तरीय सुरक्षा सिस्टम करेगा राजधानी की सुरक्षा

रिपोर्ट के अनुसार स्वदेशी और विदेशी रक्षा प्रणालियों को दिल्ली की हवाई सुरक्षा के लिये तीन प्रकार से तैनात किया जाएगा। पहली पंक्ति में भारत द्वारा स्वदेशी पृथ्वी एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात किया जाएगा। दूसरी पंक्ति में रूसी एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम किसी भी संभावित खतरे को खत्म करने का काम करेगी और तीसरी पंक्ति में भारत व इज़राइल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित बराक-8 तथा अमेरिकी एनएएसएएमएस-2 मिसाइल रक्षा प्रणाली को तैनात किया जाएगा।

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