चक्रवात ‘वायु’ के फेर में फँसा चीन : भारत से माँगी शरण

चीन के 10 समुद्री जहाजों को भारत ने दी पनाह

महाराष्ट्र के रत्नागिरि बंदरगाह पर दी गई शरण

पाकिस्तान में भी चिंता का माहौल, गर्मी बढ़ी

अहमदाबाद, 11 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। अरब सागर में उठे वायु चक्रवात के चक्र में चीन भी फँस गया। चक्रवात से बचने के लिये चीन को भारत से शरण माँगनी पड़ी। भारत ने भी उदारता दिखाते हुए चीन को शरण दे दी।

दरअसल अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान के कारण चीन के 10 पोत अरब सागर में फँस गये। इन चीनी पोतों ने भारतीय तटरक्षक बल से मदद माँगी। भारतीय तटरक्षक बल के महानिरीक्षक के. आर. सुरेश के अनुसार भारतीय तटरक्षक बल ने इन चीनी पोतों को शरण दी और उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर महाराष्ट्र के रत्नागिरि बंदरगाह पर रखा है।

इधर वायु से पाकिस्तान भी पस्त दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान मौसम विभाग के वैज्ञानिक अब्दुर राशिद के अनुसार चक्रवाती तूफान वायु गुजरात के सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है, उससे पाकिस्तानी तटों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। हालाँकि इसके कारण पाकिस्तान के तटीय क्षेत्रों में हीट वेव (गर्मी) बढ़ सकती है। यह तूफान आगे जाकर श्रेणी-3 में परिवर्तित हो जाएगा। अभी पाकिस्तान में गर्मी 35 से 37 डिग्री है, जो तूफान के कारण बढ़कर 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। अब्दुर राशिद के अनुसार ऐसी ही घटना 2015 में भी हुई थी, जब तूफान के कारण कराची में पाँच दिनों तक भयंकर गर्मी पड़ी थी और रमज़ान के महीने में गर्मी से पानी की किल्लत हो गई थी। कराची में 3,000 लोगों की मृत्यु हुई थी।

उधर चक्रवाती तूफान वायु से प्रभावित होने वाले लोगों की मदद के लिये भारतीय वायुसेना का एक विमान नई दिल्ली से विजयवाड़ा पहुँच गया है। यह विमान एनडीआरएफ के 160 कर्मचारियों को लेने के लिये पहुँचा है। यह कर्मचारी गुजरात में चक्रवाती तूफान से प्रभावित होने वाले लोगों की मदद के लिये जाएँगे।

इस बीच गुजरात के मुख्य सचिव ने बताया कि चक्रवाती तूफान सौराष्ट्र के वेरावल के तट से टकरा सकता है। यह तूफान बुधवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच पहुँच सकता है। इसलिये एनडीआरएफ की टीमों को गीर सोमनाथ और राजकोट भेज दिया गया है। वायु तूफान के कारण राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य के अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी है तथा तूफान से प्रभावित तटीय क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है। बुधवार को राज्य सरकार के मंत्रि मंडल की बैठक होगी। इस बैठक में भी वायु का मुद्दा ही चर्चा का विषय रहेगा। राज्य में एनडीआरएफ की 26 टीमें अलग-अलग जगहों पर तैनात की गई हैं, इनमें से 16 टीमों को राजकोट में तैनात किया गया है।

मुख्य सचिव के अनुसार वायु तूफान से राज्य के लगभग 292 गाँव प्रभावित हो सकते हैं। वायु तूफान से वेरावल के अलावा नजदीकी पोरबंदर, जूनागढ़, भावनगर, कच्छ और द्वारिका में भी व्यापक स्तर पर नुकसान होने की संभावना है। इसलिये राजकोट, वेरावल, द्वारिका, भावनगर, पोरबंदर समेत 10 जिलों के सभी तटीय क्षेत्रों के स्कूल-कॉलेजों में 12, 13 और 14 जून को छुट्टी घोषित की गई है। राज्य सरकार ने तूफान के कारण पूरे राज्य में पाठशाला प्रवेशोत्सव को भी 3 दिन के लिये रद्द कर दिया है। उधर प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुजरात में वायु चक्रवात का प्रभाव दिखने लगा है और दक्षिण गुजरात तथा सौराष्ट्र-कच्छ में वातावरण में बदलाव हुआ और कई इलाकों में धूल भरी आँधी के साथ बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तूफान गुरुवार सुबह पोरबंदर और महुवा के बीच वेरावल तथा दीव के बीच वाले समुद्र तट को पार कर सकता है। फिलहाल सभी बंदरगाहों पर साइक्लोनिक वॉर्निंग जारी की गई है तथा बंदरगाहों को मछुआरों के लिये भी खतरे की सूचना जारी करने को कहा गया है। चक्रवात के कारण सेना और एनडीआरएफ की टीमों को स्टैंडबाय रखा गया है।

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