जम्मू कश्मीर : अब तक 140 आतंकी ढेर, मासूम पर गोलियाँ चलाने वाले को 5 दिन में पहुँचाया जहन्नुम

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 11 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। महाभारत में भगवान श्री कृष्ण ने अपनी बुआ को वचन दिया था कि वह शिशुपाल के 100 अपराधों को क्षमा करेंगे, परंतु इसके बाद भी यदि वह नहीं रुका तो उसका परिणाम भयंकर होगा। भगवान ने वह वचन निभाया भी, परंतु शिशुपाल अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आया तो उसे अपनी हरकतों का परिणाम भी भुगतना पड़ा और भगवान ने भरी सभा में सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग करके उसे उसके परिणाम तक पहुँचा दिया। भारतीय संस्कृति में बच्चों को भगवान का रूप कहा जाता है, परंतु जब कोई इतना जिहाद के नाम पर मासूम पर ही गोलियाँ बरसाने लगे तो ऐसी हैवानियत का अंजाम जहन्नुम के सिवा और क्या हो सकता है। ऐसा ही किया है जम्मू कश्मीर पुलिस ने। एक 30 महीने की मासूम बच्ची पर गोलियाँ बरसाने वाले लश्करे-तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकी को 5 ही दिन में मुठभेड़ में मार गिराया और जन्नत में जाने की हसरत रखने वाले को उसकी सही जगह यानी जहन्नुम पहुँचा दिया।

सोपोर में आतंक का पर्याय बन चुका था आसिफ

जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि लश्करे-तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकी अथूरा-बारामूला निवासी आसिफ मकबूल बट पिछले लगभग एक महीने से सोपोर इलाके में आतंक का पर्याय बना हुआ था। वह अपने ओवर ग्राउण्ड वर्कर्स के जरिये नागरिकों को दुकानें नहीं खोलने देता था और उन्हें धमकाता था। वह सोपोर में एक मजदूर पर हमले का जिम्मेदार था और सेब कारोबारियों को भी धमका रहा था। उसने एक फल विक्रेता के घर पर अंधाधुंध फायरिंग करके परिवार के 3 सदस्यों को घायल कर दिया था, जिनमें एक 30 महीने की बच्ची भी शामिल थी। दिलबाग सिंह के अनुसार बुधवार सुबह जम्मू कश्मीर पुलिस को एक आतंकी के छिपे होने की सूचना मिली तो पुलिस ने उसे पकड़ने के लिये अभियान चलाया। आतंकी आसिफ को पकड़ने गई पुलिस की टीम पर आसिफ ने हैंड ग्रेनेड (हथ गोले) से हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गये। इसके बाद आतंकी के साथ शुरू हुई मुठभेड़ में पुलिस ने आसिफ को ढेर कर दिया। दिलबाग सिंह ने बताया कि हाल ही में जम्मू कश्मीर पुलिस ने सोपोर में ही अलग-अलग आतंकी संगठनों के लिये काम करने वाले 8 ग्राउण्ड वर्कर्स को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तार किये गये स्लीपर सेल के सदस्य आतंकी संगठनों के लिये ज़मीनी स्तर पर काम करते थे और उनके लिये सुरक्षा बलों की सूचनाएँ जुटाते थे। यह सभी वर्कर्स कश्मीर में पोस्टर आदि लगा कर लोगों को धमकाने और उन्हें देश के खिलाफ भड़काने के मामलों में भी संलिप्त थे। डीजीपी ने बताया कि मुठभेड़ में घायल हुए दोनों पुलिसकर्मी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है, जो कि पुलिस के लिये राहत की बात है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में मारे गये आतंकी के दो सहयोगियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है, जिनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मोस्ट वांटेड आतंकी के खात्मे से जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकियों को कड़ा संदेश दिया है।

दुकानें नहीं खोलने के लिये नागरिकों को धमका रहे आतंकी

दिलबाग सिंह ने बताया कि जम्मू कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्करे-तैयबा, जैशे-मोहम्मद, हिजबुल मुज़ाहिद्दीन आदि के आतंकवादी पाकिस्तान की शह पर घाटी में पोस्टर लगा कर लोगों को बंद का समर्थन करने के लिये धमका रहे हैं और दुकानें नहीं खोलने की धमकी दे रहे हैं। हालाँकि पुलिस सुरक्षा बलों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि जो लोग अपना काम काज शुरू करना चाहते हैं, उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो। दिलबाग सिंह ने बताया कि जम्मू क्षेत्र के 10 जिलों में काम काज नियमित शुरू हो चुका है। वहाँ सभी स्कूल-कॉलेज और कार्यालयों ने काम काज करना शुरू कर दिया है तथा वहाँ अब किसी भी तरह की कोई पाबंदी लागू नहीं है। इसी प्रकार लेह और कारगिल क्षेत्र में भी स्थिति सामान्य है। वहाँ भी किसी तरह का कोई प्रतिबंध अब लागू नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर क्षेत्र में 90 प्रतिशत से भी अधिक इलाके प्रतिबंधों से मुक्त हो चुके हैं और सभी टेलीफोन एक्सचेंज भी काम कर रहे हैं।

2019 के 8 महीने में जम्मू कश्मीर में 140 आतंकी ढेर

इस बीच रक्षा सूत्रों ने बताया कि 1 जनवरी से लेकर 29 अगस्त तक 8 महीने के दौरान अलग-अलग सुरक्षा बलों ने जम्मू कश्मीर में 140 आतंकियों को ढेर किया है। इसमें मई महीने में सर्वाधिक 27 आतंकियों को सेना ने ढेर किया, जो कि इस साल किसी भी महीने के मुकाबले ज्यादा है। अगस्त में 5 आतंकियों को मारा गया और एक आतंकी को जीवित पकड़ा गया। जुलाई में सर्वाधिक 22 आतंकी घटनाएँ भी दर्ज हुईं थी। पिछले 8 महीने में कुल 87 आतंकी घटनाएँ दर्ज हुई हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के विशेष सेवा समूह बॉर्डर एक्शन टीम (बैट-BAT) के कमांडोज़ की घुसपैठ की बड़ी कोशिश को भी नाकाम किया। सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश करने वाले लगभग 5 बैट कमांडोज़ को मार गिराया, जिसका दो दिन पहले सेना ने वीडियो भी जारी किया था। रक्षा सूत्रों के अनुसार इस साल पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ कराने की कोशिशें ज्यादा हुई हैं, विशेष कर धारा 370 हटाए जाने के बाद संघर्ष विराम के उल्लंघन और घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आई। धारा 370 हटाए जाने के बाद से अभी तक संघर्ष विराम के उल्लंघन के 222 मामले सामने आये हैं। इससे पहले जुलाई में 296 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल आठ महीनों के दौरान 1,889 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है। 2018 में पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन के कुल 1,629 मामले सामने आये थे, जिनमें इस साल काफी बढ़ोतरी हुई है। एक सैन्य अधिकारी के अनुसार आतंकियों के खिलाफ चलाये गये अभियानों में भारतीय सुरक्षा बलों के अलग-अलग रैंक के 26 जवान भी शहीद हुए हैं। सर्वाधिक 8 जवान फरवरी महीने में शहीद हुए।

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