खुल गया TEAM INDIA के इस ‘अमदावादी’ की धाकड़ गेंदबाजी का रहस्य : जानिए क्यों ख़ौफ खाते हैं बल्लेबाज ?

TEAM INDIA के तेज गेंदबाज और अहमदाबाद-गुजरात के निवासी जसप्रीत बुमराह का सितारा इन दिनों बुलंदियों पर है। वह दुनिया के नंबर वन गेंदबाज बन चुके हैं। दुनिया भर के बल्लेबाज बुमराह की गेंद से खौफ खाते हैं। जसप्रीत बुमराह ने कम उम्र में ही बड़ी कामयाबी हासिल की है और टेस्ट, वन-डे तथा टी-20 फॉर्मेट में विश्व के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को आउट किया है, परंतु बुमराह की इस सफलता का रहस्य क्या है ? क्यों बल्लेबाज उनकी गेंद को पढ़ने में गच्चा खा जाते हैं ? इन सवालों का जवाब अब मिल गया है। आप भी जानिये क्या खास बात है उनकी गेंदबाजी में।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से सुर्खियों में आये राइट आर्म फास्ट-मीडियम बॉलर जसप्रीत बुमराह ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और अब वे भारतीय क्रिकेट टीम के अभिन्न अंग बन चुके हैं। वह इंग्लैंड में 30 मई से शुरू हो रही विश्व कप प्रतियोगिता 2019 (WORDL CUP 2019) में भी भारतीय गेंदबाजी के ट्रंप कार्ड हैं। जसप्रीत बुमराह ने 2013 में आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम की तरफ से खेलना शुरू किया और अपने पहले ही मैच के प्रदर्शन से क्रिकेटप्रेमियों के दिलो-दिमाग पर छा गये। 23 अप्रैल-2013 को रॉयल चैलेंजर बैंगलोर के विरुद्ध खेले अपने डेब्यू मैच में बुमराह ने 4 ओवर में 32 रन देकर 3 विकेट झटके थे। इस शानदार प्रदर्शन के बलबूते पर उन्हें पहली बार 2016 में भारत की टी-20 क्रिकेट टीम में जगह मिली। एक खिलाड़ी के चोटिल हो जाने पर बुमराह को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहला टी-20 मैच खेलने का मौका मिला। इसके बाद इसी वर्ष में वह एक दिवसीय क्रिकेट टीम का भी हिस्सा बने और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 10 ओवर में 40 रन देकर 2 विकेट झटके। इसके बाद बुमराह एक के बाद एक पायदान ऊपर ही चढ़ते गये और अब विश्व के शीर्ष के गेंदबाज बन गये हैं।

बुमराह ने अभी तक 49 एक दिवसीय मैचों में 85 और 10 टेस्ट मैचों में 49 विकेट लिये हैं। जबकि टी-20 मैचों में वह अभी तक 51 विकेट ले चुके हैं। इस प्रकार तीनों फॉर्मेट में कुल 185 विकेट ले चुके हैं। आईपीएल में भी इस गेंदबाज का बोलबाला रहा है और अभी तक 77 मैच खेल चुके बुमराह 82 विकेट ले चुके हैं। किसी भी फॉर्मेट में बल्लेबाज उनकी गेंद को पढ़ने में सफल नहीं हो पाते हैं और आउट हो जाते हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के एक प्रोफेसर संजय मित्तल ने बुमराह की गेंदबाजी की सफलता का राज़ पता किया है। उन्होंने कहा कि उनकी गेंदबाजी विश्व के अन्य गेंदबाजों से बिल्कुल अलग है। प्रोफेसर मित्तल ने एक अखबार के लिये कॉलम लिखा है, जिसमें बुमराह की गेंदबाजी का रहस्य उजागर करते हुए लिखा है कि बुमराह को ‘रिवर्स मैग्नस फोर्स’ के चलते सफलता मिलती है। बुमराह की स्पीड, सीम पॉज़िशन और 1000 राउंड/मिनट की रोटेशनल स्पीड गेंद को मात्र 0.1 स्पिन रेशियो प्रदान करती है। इसलिये रिवर्स मैग्नस इफेक्ट पैदा होता है और इस इफेक्ट से बुमराह की गेंद बहुत तेजी से ऊपर से नीचे आती है और बल्लेबाज को चकमा देती है। बुमराह गेंद को नीचे की तरफ लाने के लिये ताकत झोंकते हैं। इससे उनकी गेंद तेजी से पिच पर गिरती है और इसे पढ़ना बल्लेबाज के लिये मुश्किल हो जाता है। रिवर्स मैग्नस से गेंद बैकस्पिन के साथ आगे बढ़ती है और तेजी से डिप करती है। यही चीज़ उनकी गेंदबाजी को दूसरों से अलग बनाती है और यही विशेषता उन्हें सफलता दिलाती है।

बुमराह विकेट लेने में तो माहिर हैं ही, वह बल्लेबाजों को रन लुटाने में भी बहुत कंजूसी करते हैं। टेस्ट, वन-डे और टी-20 फॉर्मेट में उनकी इकोनॉमी क्रमशः 2.66, 4.51 और 6.72 की है। 2019 के आईपीएल के 12वें सीज़न में भी मुंबई इंडियंस को टाइटल जिताने में बुमराह की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और अब विश्वकप प्रतियोगिता में भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जसप्रीत बुमराह से भारत के लिये श्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है।

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